कलेक्टर के निरीक्षण मै पंजीयक कार्यालय में गड़बड़ी उजागर.. संपदा 2 0 पोर्टल पर ऑन लाइन व्यवस्था के बावजूद अलग से की जा रही थी टोकन एंट्री..

रजिस्टर जब्त टोकन एंट्री वैधानिक कार्रवाई के निर्देश

दमोह। आम नागरिकों एवं भूमि स्वामियों से रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनावश्यक शुल्क वसूली भूमि के हस्तांतरण में अनियमितताओं तथा शासन को राजस्व हानि पहुंचाने संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित पंजीयक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक अलग रजिस्टर में टोकन संबंधी प्रविष्टियां किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर के निर्देश पर उक्त रजिस्टर जब्त करा दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि आमजनों से कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इनमें भूमि स्वामी के नाम के आगे ष्उर्फष् लगाकर अथवा मिलते.जुलते नामों और दस्तावेजों का उपयोग कर दूसरे व्यक्ति की जमीन विक्रय कराने जैसी आशंकाएं शामिल हैं। इस प्रकार की अनियमितताओं से वास्तविक भूमि स्वामी के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा भूमि के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की जांच और पंजीयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा नजूल भूमि एवं पट्टे की भूमि के हस्तांतरण में आवश्यक अनुमति के बिना विक्रय किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इसके अतिरिक्त कॉलोनियों में निर्मित मकानों का पंजीयन मकान के बजाय केवल भूखंड के रूप में दर्शाए जाने की शिकायतें मिली थीं। इससे शासन को स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य राजस्व की हानि होने की आशंका रहती है। 
ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद अलग रजिस्टर में हो रही थी एंट्री.. श्री यादव ने निरीक्षण के दौरान पाया कि शासन द्वारा संपदा 2 0 पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था लागू की गई है। इसमें टोकन बुकिंग एवं जनरेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और संबंधित व्यक्ति को संदेश भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद कार्यालय परिसर में अलग से रजिस्टर रखकर टोकन देने के नाम पर प्रविष्टियां की जा रही थीं। कलेक्टर ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रजिस्टर जब्त कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चेंबर में टेबल पर रखी राशि के संबंध में भी पूछताछ की गई। संबंधित युवक ने राशि को सर्विस प्रोवाइडर की बतायाए जबकि सर्विस प्रोवाइडर ने कहा कि वह राशि किसी को देने के लिए लाया था। राशि के वास्तविक स्रोत और उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पुलिस जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की अनुमति नहीं.. कलेक्टर श्री यादव ने कहा शासन की मंशा पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शीए सुविधाजनक और फेसलेस बनाना है ताकि आम नागरिकों एवं किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। रजिस्ट्री के दौरान पोर्टल पर निर्धारित स्टाम्प ड्यूटी पंचायत उपकर और नगरीय क्षेत्र से संबंधित उपकर सहित अन्य देय राशि नियमानुसार ही ली जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त दस्तावेज लेखन एवं अन्य सेवाओं के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा आम नागरिकों को निर्धारित शुल्क की स्पष्ट जानकारी देने के लिए संबंधित कार्यालयों एवं सर्विस प्रोवाइडरों के यहां सूचना बोर्ड लगवाए जाएंगे। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने के साथ ही संबंधित अधिकारियों की बैठक भी ली जाएगी ताकि पंजीयन व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके।
कार्यालय परिसर में अनधिकृत गतिविधियों पर अधिकारियों की जवाबदेही.. कलेक्टर ने कहा कार्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों द्वारा अनधिकृत रूप से बैठकर रजिस्टर संचालित करने अथवा आम नागरिकों से अनुचित अपेक्षा रखने जैसी गतिविधियों को रोकना संबंधित कार्यालय अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा संबंधित युवक के अनुसार वह पिछले सात दिनों से ही वहां बैठ रहा था। उसे किस परिस्थिति में बैठाया गया और इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रहीए इसकी जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगेए उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील कि रजिस्ट्री के लिए केवल शासन द्वारा निर्धारित शुल्क का ही भुगतान करें। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त राशि की मांग करता है या अनावश्यक परेशानी उत्पन्न करता है तो इसकी शिकायत संबंधित कार्यालय में करें ताकि ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और नागरिकों को पारदर्शी एवं विधिसम्मत सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। 

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