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जिला उपभोक्ता आयोग ने अचानक 60 हजार खाते से निकलने को.. भारतीय स्टेट बैंक की एसबीआई केडिट कार्ड एंड पेमेन्ट सर्विस सेवा को.. सेवा में कमी का दोषी पाया..

एसबीआई केडिट कार्ड एंड पेमेन्ट सर्विस सेवा में कमी

दमोह। परिवादी अरूण पटेल (शिक्षक) निवासी कुंआखेडा बाजी तहसील हटा जिला दमोह का एक बचत खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा हटा में खुला था जिसका खाता कमांक 11018186063 था उक्त खाते में परिवादी ने केडिट कार्ड की सुविधा भी ली हुई थी जिसका शुल्क परिवादी ने बैंक को भुगतान किया था। दिनांक 10.12.2024 को समय करीब 3 बजे परिवादी के मोबाइल नंबर पर मैसेज आया कि उसके बचत खाते से 60,000 रूपया बैंक द्वारा डेबिट कर दिये गये..

जबकि परिवादी ने दिनांक 10.12.2024 को बैंक में न तो कोई उक्त राशि आहरण करने बाबत् बिड्राल फार्म भरा और न ही कोई वस्तु कय करने के एवज में परिवादी को किसी को उक्त राशि 60,000 रूपया भुगतान की फिर भी परिवादी के उपरोक्त खाते से 60,000 रूपये की राशि निकाल ली गयी और उसके खाते में 60,000 रूपये डेबिट कर दिये गये..तब तत्काल परिवादी ने एक शिकायत ऑनलाइन भारतीय स्टेट बैंक शाखा हटा को की एक शिकायत साईबर सेल तथा पुलिस अधीक्षक महोदय दमोह को की फिर भी जब परिवादी के खाते में उपरोक्त 60,000 रूपये की राशि न तो केडिट की गयी और न ही वापिस की गयी तब परिवादी ने एक परिवाद पत्र माननीय जिला उपभोक्ता आयोग महोदय के समक्ष भारतीय स्टेट बैंक हटा एवं अन्य के विरूद्ध प्रस्तुत किया..

जिसका परिवाद कं० 109/25 था परिवादी अरूण पटेल (शिक्षक) के विद्वान अधिवक्ता पी.आर. पटैल (परशुराम पटेल) मयंक पटैल, अनूप कुमार, अलका कोष्टी, शुभम आनंद, हरिदास अहिरवाल एड्वोकेट्स के तर्क एवं बहस को बारीकी से मा० फोरस ने अवलोकन करने के उपरांत माननीय फोरम ने अनावेदक भारतीय स्टेट बैंक की क्रेडिट कार्ड एंड पेमेन्ट सर्विस सेवा को सेवा में कमी का दोषी पाया और क्षतिपूर्ति के रूप में 60,000 रूपया 6 प्रतिशत ब्याज सहित सेवा मे कमी 10,000 रूपया एवं मुकदमा खर्च 3000 रूपया कुल 73,000 रूपया क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान करने का आदेश प्रदान किया।

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