80000 रिश्वत लेते शिक्षा विभाग के तीन धुरंधर पकड़े
दमोह। शिक्षा विभाग में लक्ष्मी कृपा के बिना कोई काम नहीं होने यहां तक की विभागीय कर्मचारियों को भी नहीं बक्शे जाने शिकायतों पर शिक्षा अधिकारी द्वारा एक्शन नहीं लिए जाने जैसे हालातो के बीच डीईओ के खास तीन धुरंधरों लोकायुक्त की टीम ने 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद कार्यवाही की है।
सोमवार रात सागर से
दमोह पहुंची लोकायुक्त टीम ने जबलपुर नाका पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने मेन
रोड पर एक निलंबित शिक्षक से 80000 की रिश्वत लेते हुए शिक्षा विभाग के तीन
धुरंधरों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता प्राप्त की। दरअसल रिश्वत की रकम को एक स्कूटी की सीट के नीचे रखने को कहा गया था। जिसमें राशि रखे जाने के बाद जैसे ही इनके द्वारा स्कूटी को उठाया गया लोकायुक्त टीम ने तीनों को दबाचने में देर नहीं की। बाद में इन तीनों
महारथियों को जबलपुर नाका पुलिस चौकी लाया गया जहां आवश्यक कार्यवाही के
बाद इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्यवाही की
गई है।
कार्रवाई के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के
अनुसार सागर से दमोह पहुंची लोकायुक्त टीम के द्वारा मिडिल स्कूल भूरी से उर्दू स्कूल दमोह में अटैच शिक्षक अनिल साहू को निलंबित शिक्षक एनके अठ्या से 80 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लेते हुए सोमवार रात पकड़ा गया। जिस पर अनिल साहू के द्वारा उपरोक्त रकम जिला शिक्षा कार्यालय
में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 मनोज श्रीवास्तव एवं सहायक ग्रेड 3 नीरज सोनी को देने की बात कही गई। जिस पर लोकायुक्त द्वारा अनिल से कॉल करके उपरोक्त दोनों को रुपए देने बुलाने कहा गया। बाद में दोनों के आते ही इनको भी पकड़ लिया गया।
दरअसल शिकायतकर्ता नवेन्द्र कुमार आठया 36 वर्ष प्राथमिक शिक्षक विज्ञान तात्कालिक शासकीय उत्कृष्ट
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेरा जिला दमोह निवासी ग्राम करैया जोशी तहसील
हटा जिला दमोह ने सागर लोकायुक्त एसपी से शिकायत करते हुए बताया था कि
उपरोक्त के द्वारा निलंबन अवधि से बहाल करने व विभागीय जांच को समाप्त
करवाने की एवज में शिक्षक अनिल साहू, हटा BEO कार्यालय में पदस्थ नीरज सोनी एवं दमोह DEO कार्यालय में पदस्थ मनोज श्रीवास्तव के द्वारा एक लाख रुपए की मांग की जा रही है। 80,000/-रुपए में बात तय हो जाानेे की शिकायत के
सत्यापन उपरांत 4 मई को उपरोक्त कार्रवाई की गई।
ट्रैपकर्ता
टीम में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की , निरीक्षक रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक
सफीक खान, संतोष गोस्वामी, अजय क्षेत्रीय, आरक्षक प्रदीप दुबे आदेश
तिवारी, गोल्डी पासी, राघवेंद्र, और विक्रम सिंह, नीलेश चौबे आदि शामिल
रहे। उपरोक्त मामले के सामने
आने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा विभाग में किस तरह से निलंबन
और बहाली, जांच और क्लीन चिट दिए जाने के नाम पर हजारों लाखों का खेल चल
रहा है। जिसके लिए बाकायदा कुछ दलाल भी सकरी बने रहते हैं वही विभाग के
बड़े अधिकारियों तक यह रकम पहुंचने की चर्चाये भी सर गर्म है। यदि
लोकायुक्त टीम गहराई से शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार की जांच करें तो अनेक
सफेदपोस बेनकाब हो सकते हैं। सागर संभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए हेल्प लाइन नंबर
8435794333 पर फ़ोन कर सकते है.




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