निःशुल्क समर्पण कोचिंग से दो छात्राओं ने पास की PSC प्रारंभिक परीक्षा, पूर्व कलेक्टर की पहल रंग लाई.. इधर अंतरराष्ट्रीय करांटे चैम्पियनशिप जीतकर गांव लौटी बेटी का स्वागत..

दो छात्राओं ने पास की पीएससी प्रारंभिक परीक्षा

दमोह। जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा शुरू की गई निःशुल्क समर्पण कोचिंग अब सफलता की नई मिसाल बन रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एमपीपीएससी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के घोषित परिणामों में कोचिंग की दो छात्राओं आयुषी नामदेव और ज्योति यादव ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए नीटए जेईईए तथा प्री.एग्रीकल्चर टेस्ट जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की थी।

शुभारंभ पर प्रभारी मंत्री ने कहा था यह सराहनीय प्रयास है.. जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा तकनीकी शिक्षा आयुष विभाग मंत्री  इंदर सिंह परमार ने समर्पण कोचिंग सेंटर के शुभारंभ अवसर पर कहा था कि जिस प्रकार से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने नीटए जेईई और एमपी पीएससी और पीएटी की तैयारी के लिए योजना बनाई और सफलता की ओर उसको आगे बढ़ाया इसके लिए उनको मैं धन्यवाद कहता हूं। जिले के गरीब और कमजोर वर्ग के विद्यार्थी की सबसे बड़ी चिंता को दूर करने का प्रयास किया यह सराहनीय है।
इसी क्रम में एमपीपीएससी की तैयारी के लिए भी समर्पण कोचिंगश् प्रारंभ की गई। इसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से गूगल फॉर्म जारी किए गए थे जिनमें पोस्ट ग्रेजुएट ग्रेजुएशन एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए। चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा के बाद निःशुल्क कोचिंग शुरू हुई। अगस्त माह से आदर्श महाविद्यालय में प्रारंभ हुई इस कोचिंग में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। दूर.दराज से आने वाले विद्यार्थियों के लिए वाहन व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर भी छात्रों को पढ़ाने जाते थे.. सफल छात्राओं आयुषी नामदेव और ज्योति यादव ने अपनी सफलता का श्रेय पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर एवं प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के डॉण् रश्मि जेता सहित शिक्षकों को दिया। छात्राओं ने बताया कि सही मार्गदर्शन और व्यवस्थित तैयारी के कारण उन्हें पहली कोशिश में सफलता मिली। कलेक्टर सर स्वयं भी पढ़ाने आते थे। कोचिंग के लिए महानगर ही विकल्प नहीं है परन्तु अच्छी शिक्षा विकल्प हैं। डॉ रश्मि जेता ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए आधारभूत विषयों की स्पष्ट समझ जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि छोटे शहरों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है आवश्यकता केवल सही दिशा और मार्गदर्शन की होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रुचि लेते हुए स्वयं विद्यार्थियों को पढ़ाया और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने का प्रयास किया। उनकी यह पहल विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणा है।

सकोर की बेटी ने विश्व पटल पर बढ़ाया गांव का मान.. दमोह। मलेशिया में आयोजित इंटरनेशनल करांटे चैम्पियनशिप में 14 वर्ष आयु वर्ग में पदक जीतकर लौटी प्रतिभाशाली बेटी नियति दीक्षित का उनके पैतृक गांव सकोर में ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। गांव पहुंचने पर नियति ने अपने माता.पिता के साथ सकोर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बाद में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुईं।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया ने नियति दीक्षित का पुष्पमाला एवं शॉल पहनाकर स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नियति की प्रतिभा मेहनत और लगन ने सकोर गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा की बात है उन्होने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और समाज का नाम रोशन कर रही हैं। नियति की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

Reactions

Post a Comment

0 Comments