कृषि उपज मंडी चोरों के निशाने पर, सीसीटीवी में वारदात
दमोह।
दमोह की कृषि उपज मंडी में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने अब
व्यापारियों और किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। मंडी परिसर में
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है और जिम्मेदारों की
निष्क्रियता पर व्यापारी खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। 18
मई की रात मंडी परिसर में हुई चोरी की घटना ने मंडी प्रबंधन की व्यवस्थाओं
की गंभीर पोल खोल दी। चोर बेखौफ होकर मंडी में घुसे, अनाज पर हाथ साफ किया
और आराम से निकल गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसमें साफ
दिखाई दे रहा है कि चोरों के भीतर किसी प्रकार का भय नहीं था। यह दृश्य
अपने आप में मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। व्यापारियों
का आरोप है कि मंडी परिसर लंबे समय से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का
केंद्र बना हुआ है। रात के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती
है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है। कई बार
शिकायतें और ज्ञापन देने के बाद भी न तो निगरानी बढ़ाई गई और न ही चोरी की
घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया गया। मंडी क्षेत्र में
इस बात की चर्चा भी तेज है कि चोरी और अव्यवस्थाओं में शामिल कुछ तत्वों
को सत्तारूढ़ दल के कुछ चर्चित नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि इसकी
आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन व्यापारिक वर्ग में इस प्रकार की
चर्चाएं लगातार माहौल को गर्म कर रही हैं।
दाल मिल
ऑयल मिल अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने घटना पर कड़ी
प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंडी में लगातार चोरियां होना बेहद गंभीर विषय
है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और मंडी प्रबंधन ने शीघ्र ठोस कार्रवाई
नहीं की तो व्यापारी मंडी बंद करने के लिए बाध्य होंगे और उग्र आंदोलन किया
जाएगा। नरेंद्र बजाज ने कहा कि जब सीसीटीवी कैमरों
में पूरी वारदात कैद हो रही है और उसके बावजूद चोरों के हौसले टूटने के
बजाय बढ़ रहे हैं, तो यह साफ संकेत है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो
चुकी है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसानों और
व्यापारियों की मेहनत की उपज सुरक्षित कैसे रहेगी? क्या प्रशासन केवल
घटनाओं के बाद औपचारिक कार्रवाई करता रहेगा, या फिर मंडी में सक्रिय चोरी
के नेटवर्क और उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी? मंडी
में लगातार हो रही घटनाओं ने व्यापारियों और किसानों के भीतर भारी आक्रोश
पैदा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने के संकेत मिल रहे
हैं।
गेहूं उपार्जन में गड़बड़ी पर समिति प्रबंधक निलंबित.. दमोह। पटेरा क्षेत्र अंतर्गत गेहूं उपार्जन केंद्र पडरी सहजपुर में रबी विपणन वर्ष 2026.27 के समर्थन मूल्य उपार्जन कार्य के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर समिति प्रबंधक प्रिंस साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है महाप्रबंधक एवं प्रभारी शाखा प्रबंधक पटेरा द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में यह पाया गया कि उपार्जन नीति के विरुद्ध निर्धारित वजन से अधिक तौल की जा रही थी तथा अमानक एवं घुनायुक्त गेहूं का क्रय किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर अनुपस्थित रहने एवं लापरवाहीपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि में तारादेही शाखा रहेगा मुख्यालय.. जारी आदेशानुसार निलंबन अवधि में श्री साहू का मुख्यालय शाखा तारादेही निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा अन्य कोई आर्थिक लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा। प्रशासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि श्री साहू तत्काल अपना संपूर्ण प्रभार शाखा प्रबंधक पटेरा के निर्देशानुसार सौंपकर भारमुक्त हों तथा निर्धारित मुख्यालय शाखा तारादेही में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
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