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बीना कटनी थर्ड लाइन कंप्लीट.. दमोह सागर सांसद अब क्षिप्रा एक्सप्रेस को डेली तथा नागपुर पूणे दक्षिण भारत को सीधी ट्रेन दिलाकर अपना वादा निभाए..

थर्ड लाइन कंप्लीट होते ही नई रेल सुविधाओं की आस

दमोह। बीना कटनी थर्ड लाइन का निर्माण कार्य 5 साल की देरी के बाद आखिरकार कंप्लीट हो गया है। इसी के साथ अब इस लाइन के प्रमुख जिला मुख्यालय दमोह सागर के लोग अपने सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों से अपना वादा निभाने और क्षेत्र वासियों को नई रेल सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द दिलाने की उम्मीद कर रहे हैं।
रेल सेवा सुधार समिति सागर के अध्यक्ष रवि सोनी तथा दमोह के अध्यक्ष प्रांजल चौहान ने माननीय रेल मंत्री से अपेक्षा की है कि बीना कटनी थर्ड लाइन का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद अब जल्द से जल्द इस रूट से नागपुर तथा दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल सेवा प्रदान की जाए। बुंदेलखंड के खजुराहो से सागर दमोह जबलपुर के लिए रेल सेवा शुरू की जाए इंदौर हावड़ा शिप्रा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाया जाए।
दरअसल पश्चिम मध्य रेलवे अंतर्गत बीना कटनी तीसरी लाइन रेल लाइन का कार्य 16 अप्रैल 2026 को पूर्ण हो गया है। जिससे इस रूट पर कोयला ढुलाई मैं लगी मालगाड़ियों का आवागमन रफ्तार पकड़ेगा वही रेल रेल गाड़ियों के संचालन में भी वृद्धि होगी। लेकिन इसका पहला लाभ आम यात्रियों को मिलना चाहिए। कोटा गुना झांसी एवं भोपाल से जो पैसेंजर और मेमू ट्रेन बीना तक आती जाती है उनका डेस्टिनेशन दमोह किया जाए और जो पैसेंजर और मेमू ट्रेन प्रयागराज मानिकपुर सतना सिंगरौली बिलासपुर जबलपुर से कटनी तक आती जाती है उनका डेस्टिनेशन सागर स्टेशन किया जाए ।
उल्लेखनीय है कि बीना कटनी तीसरी रेल लाइन तात्कालिक डा मनमोहन सिंह सरकार के रेल बजट 2010-11 में घोषित भोपाल झारसुगुड़ा (बाया बीना सागर कटनी बिलासपुर) तीसरी रेल लाइन का एक हिस्सा है।इसकी शुरुआत 2011_12 में भोपाल बीना तीसरी लाइन निर्माण से हुई थी। भोपाल झारसुगुड़ा रेल लाइन का दूसरा चरण बिलासपुर से झारसुगुड़ा है तीसरे चरण में बीना कटनी तीसरी लाइन का कार्य 2016 में में आरंभ हुआ था जिसका आरंभिक अनुमानित बजट 2418 करोड रुपए था और इस रेल लाइन की डेडलाइन फरवरी 2021 निर्धारित की गई थी। परंतु यह कार्य 5 वर्ष पश्चात अप्रैल 2026 में पूर्ण हुआ विश्वस्त सूत्रों से ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है बीना कटनी तीसरी लाइन का निर्माण अनुमानित लागत से लगभग 1582 करोड़ रूपया ज्यादा खर्च होकर लगभग 4000 करोड़ रूपया मे यह परियोजना पूरी हुई है। 
विलंब के लिए पहले मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा भू अर्जन मे लेटलतीफी एवं देर से विभिन्न अनुमतियां देना तो दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक वार्षिक बजट समय पर उपलब्ध न कराया जाना प्रमुख रहा है।  260 किलोमीटर की इस परियोजना में अनुमान से ज्यादा जो बजट खर्च किया गया यदि यह परियोजना समय पर पूर्ण हो जाती तो इस अतिरिक्त खर्च राशि से 140 किलोमीटर की एक नई रेल लाइन तैयार हो सकती थी। बीना कटनी तीसरी लाइन समय पर पूर्ण न होने से प्रतिवर्ष न्यूनतम 2200 करोड़ रूपया सलाना लाभ से पश्चिम मध्य रेलवे वंचित रहा ।बीना कटनी रेल खंड पर 136% कार्यभार है तीसरी रेल लाइन का लाभ केवल कोयला ढलाई को ही मिलेगा यदि ऐसा नहीं है तो अब पाथ खाली होने की समस्या समाप्त हो जाना चाहिए एवं नई रेलगाड़ियां की जो लंबित मांगे हैं वह अब जल्द पूरी होना चाहिए।

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