सतरिया पैर धुलाई प्रकरण में एनएसए की कार्यवाही स्थगित
दमोह।
विगत दिनों सतरिया कांड की आग इस कड़कड़ाती ठंड में दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट
की दस्तक दे चुकी है दरसल विगत दिनों जाति विशेष के व्यक्ति को ब्राह्मण
समाज के सतरिया निवासी अनुज पांडेय द्वारा कथित तौर पर चरनामृत पिलाने का
वीडियो जमकर वायरल हुआ था और इस पर मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय ने स्वयं
संज्ञान लेते हुए वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को चिन्हित कर एनएसए की
कार्यवाही सुनिश्चित करने आदेश दिया था इस आदेश पर अनुज पांडेय एवम अन्य
ब्राह्मण युवकों को जेल भेज दिया गया था।
इस आदेश के
खिलाफ अनुज पाण्डे ने देश के सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी मामले की
जानकारी देते हुए ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित मुकेश पाण्डे अधिवक्ता
एव मनीष नगाइच ने बताया कि सतरिया के वायरल वीडियो पर मध्यप्रदेश उच्च
न्यायालय के जस्टिस अतुल श्रीधरन ने स्वसंज्ञान लेते हुए दमोह पुलिस
अधीक्षक को NSA की करवाही के निर्देश जारी किए थे, दमोह पुलिस ने ब्राह्मण
समाज के पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, पीड़ित के अधिवक्ता का
कहना है कि वीडियो में केवल ब्राह्मण समाज के लोगो को चिन्हित किया गया है
जबकि वीडियो में अन्य समाज के लोग भी मौजूद दिख रहे हैं, एवम इस साधारण
सामाजिक मामले में एनएसए की कार्यवाही लागू नहीं होती है..
मुकेश पांडेय
अधिवक्ता ने बताया कि कल 06 जनवरी देर शाम सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने इस
मामले की सुनवाई करते हुए एनएसए की कार्यवाही स्थगित करते हुए तत्काल अनुज
पाण्डे की रिहा किये जाने का आदेश जारी किया था, इसी तारतम्य में
अधिवक्ताद्वय मुकेश पाण्डे एव मनीष नगाइच ने अतिरिक्त कलेक्टर से भेंट कर
आदेश की प्रति उन्हें आवश्यक कार्यवाही हेतु सौंपी है ।उक्त आदेश के अनुज
पांडे की रिहाई भी जेल से हो चुकी है।


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