बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल एवं पर्यटन समागम सम्पन्न
दमोह। बुंदेलखण्ड फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस फेस्टिवल में लगभग 10 फिल्म प्रोजेक्ट प्राप्त हुए हैं, यानी आने वाले समय में लगभग 10 फिल्में बुंदेलखंड में बनेगी। मुबंई सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये बहुत सारे फिल्म प्रोड्यूसर ने इस कार्यक्रम में घोषणा भी की बुंदेलखंड में वे लोग फ़िल्में बनाएंगे, बुंदेलखंड में बुंदेली भाषा में फिल्में बनेगी, यह पहला प्रयास है और पहले ही प्रयास में इतना अच्छा प्रतिसाद मिला हैं, तो आने वाले समय मे बेहतर रिजल्ट सामने आएगा।
इस आशय की बात आज प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने बुंदेलखण्ड फिल्म फेस्टिवल के अवसर पर स्थानीय हॉटल में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम के समापन अवसर कही। उन्होंने कहा इस सफल आयोजन के लिए आप सभी पत्रकार बंधुओं का आभार, वास्तव में सकारात्मक पत्रकारिता यदि कहीं देखनी हो तो वह हमारे दमोह में देखने मिल सकती है, बुंदेलखंड फिल्म महोत्सव कार्यक्रम के लिए आप सभी का हृदय से धन्यवाद हैं। दूसरे दिवस के कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मार्ल्यापण से हुई।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा बुंदेली फ़िल्म समागम का यह पहला प्रयास था, आज जो बीज बोया हैं वह तुरंत वटवृक्ष नहीं बन सकता लेकिन आने वाले समय में यह वटवृक्ष जरुर तैयार होगा, आने वाले समय मे बुंदेली फ़िल्म इंडस्ट्री जरूर स्थापित होगी ऐसा प्रयास हमने किया हैं। उन्होंने कहा बुंदेलखंड की भूमि का जो कर्ज हम सब पर है, इस प्रकार के प्रयासों से उसे चुकाने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार बंधुओं, कलाकारों और बुंदेलखंड के लोगों के सहयोग से यह संकल्प अवश्य पूरा होगा और बुंदेली भाषा में फिल्में व शॉर्ट फिल्में बनेंगी। इस आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में आने वाले समय में बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री को स्थापित करना हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाला समय बुंदेलखंड और बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री के लिए स्वर्णिम युग साबित होगा।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा बुंदेलखंड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनेक कलाकार अपनी वेब सीरीज और रचनात्मक कार्य स्वयं प्रस्तुत कर रहे हैं, जो इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाता हैं। बुंदेली भाषा एक मधुर, समृद्ध और गौरवशाली भाषा है और बुंदेलखंड का गौरव हम सभी के भीतर हैं। उन्होंने कहा कल रखी गई मांगों पर त्वरित कार्रवाई शुरू हो चुकी हैं। मानस भवन के निर्माण को लेकर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से चर्चा हो चुकी हैं। यह भवन नाट्य विद्या और रंगमंचीय प्रस्तुतियों के लिए विकसित किया जाएगा, जिसकी योजना पर कार्य भी प्रारंभ हो गया हैं। उन्होंने कहा कि यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में सरकार से बजट प्राप्त कर एक बड़े फिल्म स्टूडियो की स्थापना की जाएगी, जहां कलाकार अपनी नाट्य और अन्य कलाओं का प्रदर्शन कर सकेंगे।
प्रसिद्ध अभिनेता गोविंद नामदेव ने युवाओं और नए कलाकारों को सीखने की लगन बनाए रखने तथा खुद को सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं के साथ तुलना करने की सलाह देते हुए कहा अगर व्यक्ति अपने ही स्तर के लोगों से तुलना करता रहेगा तो वहीं ठहर जाएगा, लेकिन जब वह टॉप क्लास अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के काम को समझने और उसी स्तर की तैयारी करने का प्रयास करेगा, तभी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसी सोच के तहत उन्होंने कई नए प्रोजेक्ट्स में अपनी फीस और स्टेटस को भी एक तरफ रखकर काम करने की कोशिश की, ताकि अच्छे और सार्थक प्रयोग किए जा सकें। उन्होंने फिल्म निर्माण की चुनौतियों पर भी खुलकर बात की।
प्रसिद्ध अभिनेता श्री नामदेव ने कहा प्रशासन इस दिशा में आगे आए और फिल्म निर्माण को लेकर ठोस सहयोग के कारण आसान अप्रूवल, आर्थिक सहायता और सब्सिडी जिससे नई कहानियों और नए कलाकारों को बड़ा मंच मिल सकता हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की पहल को लगातार जारी रखा जाए, तो आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री में अपार संभावनाएँ बन सकती हैं।उन्होने कहा कि वर्षो से हमने इस तरह का प्रयास पहले कभी नहीं देखा। यह एक बेहद मीनिंगफुल और सार्थक पहल है। ऐसे प्रयासों को आगे भी लगातार जारी रखा जाना चाहिए। यह आज की आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी है और आगे बढ़ने के लिए प्रशासन की ओर से बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 के संरक्षक इंजी. सत्येन्द्र सिंह लोधी ने कहा दमोह में बुंदेलखंड फ़िल्म फेस्टिवल एवं फ़िल्म पर्यटन समारोह पर अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 200 प्रतिभागी शामिल हुए, बुंदेलखंड की मिट्टी से जुड़े लोगों की प्रतिभागिता इसमें रही, काफी लोग मुम्बई से भी आकर शामिल हुए, कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला, आगामी विजन और रोडमैप को बनाने की तैयारी और चर्चा की गई है, आने वाले समय मे रूपरेखा तैयार की गई है, कलाकारों को मंच देने का काम किया है, सभी लोगो को एक दूसरे को जानने का मौका मिला यह फ़िल्म इंडस्ट्रीज के लिए एक सिस्टम तैयार होगा, यहॉ के लोगो को हर तरीके से रोजगार और टेलेंट दिखाने का अवसर मिलेगा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यहॉ की संस्कृति को ले जा पाएंगे। उन्होंने कहा बुंदेली फिल्मों का निर्माण होना जिले के लिए गौरव की बात है। इस दिशा में कार्य आज से ही प्रारंभ कर दिया गया हैं। दमोह कलेक्टर के साथ समन्वय स्थापित कर मानस भवन को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि पूर्व में मानस भवन में सामान्य आयोजन होते थे, लेकिन अब इसे पूर्ण रूप से ऑडिटोरियम के रूप में विकसित किया जाएगा। विकसित होने के बाद मानस भवन को बुंदेली फिल्म निर्माण की गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा। यहां बुंदेली फिल्मों के लिए स्क्रीनिंग, स्काउटिंग, कंटेंट क्रिएशन सहित प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और नवोदित प्रतिभाओं को बेहतर मंच, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा तथा बुंदेली फिल्म उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी।
म.प्र नाट्य विद्यालय भोपाल के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने कहा, यह आयोजन बुंदेली माटी हमाओ सिनेमा, हमाई बोली इस उद्देश्य को लेकर जो बुंदेली फ़िल्म फेस्टिवल और पर्यटन समागम आयोजित किया गया बहुत ही सार्थक उद्देश्य को लेकर यह मुहिम चालू हुई हैं और बीजारोपण आज हुआ है उसका पुष्प और वृक्ष पल्लवित हो और बुंदेली फ़िल्म इंडस्ट्रीज विशाल रूप ले और यहॉ की प्रतिभाएं विश्व पटल पर अपनी कला का प्रदर्शन कर बुंदेलखंड का नाम रोशन करे इसकी सफलता की शुभकामनाएं देता हूं।
सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन भुसावल के अध्यक्ष संजय सुराणा ने कहा, बुंदेलखण्ड कला संस्कृति मंच समिति, छतरपुर द्वारा बुंदेलखण्ड फिल्म फेस्टीवल का आयोजन बहुत शानदार तरीके से किया गया है, इसलिए सर्वप्रथम कार्यकारिणी अध्यक्ष व समिति को सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन भुसावल द्वारा बहुत-बहुत बधाई। स्थानीय कला, क्षेत्रीय संस्कृति को जीवंत करने का सफल कार्य इस फेस्टीवल द्वारा हुआ है। बुंदेलखण्ड कों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म जगत से जोडने एक यशस्वी प्रयास किया गया है। आयोजक इसके लिए सराहना के पात्र है। इसमें स्थानीय कलाकारों को मंच एवं रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा। इस प्रयास से दमोह को फिल्म टूरिज्म के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी ऐसा मुझे विश्वास है। उन्होने कहा, शासन की मदद से सिनेमागृह उद्योग फिर से अपने स्वर्णीम दौर को प्राप्त कर सकता है और हमें उम्मीद है जल्द ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा राहत पैकेज जारी किया जाएगा।
अभिनेता एवं प्रोड्यूसर नारायण चौहान ने कहा, मेरी पैदाईस जरूर कानपुर की है, लेकिन पला बढ़ा में बुंदेलख ण्ड से ही हूँ, बुंदलेखण्ड में शूटिंग के लिए हर जगह लोकेशन हैं जहॉ कैमरा रख दो वहॉ लोकेशन मिल जाती है, बुंदेलखण्ड लोकेशन से भरा पड़ा है, बहुत सारी संभावना हैं। उन्होने कहा सिंगौरगढ का किला, नजारा पॉइट, स्मार्ट गॉव पड़रिया थोवन बहुत अच्छी लोकेशन हैं यहां पर बहुत अच्छी फिल्म शूटिंग को सकती हैं। प्रसिद्व अभिनेता गोंविद नामदेव ने "ओ माय गॉड" फिल्म का एक डायलॉग प्रेस मित्रों की मांग पर जानदार-शानदार प्रस्तुतीकरण किया जिसका मौजूद सभी लोगो ने करतल ध्वनि से स्वागत व सम्मान किया।
इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी, फिल्म जगत और बॉलीवुड के प्रसिद्व अभिनेता गोविंद नामदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, विवेक शैन्डेय, फिल्म अभिनेता राजकुमार रैकवार, मासाब भाव सिंह लोधी, राम तिवारी पर्यटन विभाग भोपाल, गोपाल पटेल, बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन अध्यक्ष डॉ अखिलेश निगम, मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव, बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन संरक्षक इंजीनियर सतेंद्र सिंह, वी. के. तिवारी, पदम सिंह, नारायण चौहान, आरिफ शहडोली, विनोद तिवारी, वंदना तिवारी, भरत, निशांत कश्यप, रजनी मिश्रा, दीपक नायक, सौरभ शर्मा, योगेन्द्र योगी, लाइन प्रोड्यूसर्स रजत दुबे, पिंटू शर्मा, वसीम अली, हर्ष दबे, लोकेन्द्र पटैल (लकी भैया), शिवचरण पटेल, नरेन्द्र बजाज, संजय यादव, डाँ आलोक गौस्वामी, एसडीएम आर एल बागरी, सिनेमैटो ग्राफर हरीश पटैल एवं अन्य सिनेमैटोग्राफर्स, बुंदेली अभियन से जुडे कलाकार और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, महिलाए, जनप्रतिनिधि-पंचायत प्रतिनिधि, सम्मानीय मीडियाजन, आयोजन समिति के पदाधिकारी साक्षी रहे। कार्यक्रम का मनमोहक एवं शानदार संचालन राजीव अयाची ने किया।










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