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सर्किट हाउस पहाड़ी पर नशे के पैकेट और शराब की बोतलों का अंबार.. अनाथ किसान यात्रा का दूसरा दिन, मिल रहा समर्थन.. आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कोर्स का समापन..

टीम उम्मीद का चौथा सप्ताहिक स्वच्छता अभियान 

दमोह सर्किट हाउस की पहाड़ी पर हजारों की मात्रा में गोगा नशा के पैकेट और शराब की बोतलों का अंबार मिला दावो की खुली पोल दमोह के युवा नशे की गिरफ़्त में टीम उम्मीद एक पहल दमोह के लिए का चौथा साप्ताहिक स्वच्छता अभियान रविवार सुबह 8 से 10 बजे तक जटाशंकर स्थित सर्किट हाउस की पहाड़ी पर चलाया गया, शहर के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल के नेतृत्व में टीम उम्मीद के मनोज गुप्ता, राकेश राठौर, महेंद्र सिंह लोधी, दीपक राजपूत, धर्मेंद्र सोनी, अर्जुन प्रताप सिंह, डाली कटारे, नैना तिवारी, माधव पटेल, शैलेन्द्र राय, गायत्री परिवार से भूपेन्द्र तिवारी, मयंक कटारिया और नगर पालिका के कर्मी शामिल रहे..
सर्किट हाउस की पहाड़ी को कचरा मुक्त बनाने का संकल्प लेकर टीम उम्मीद का यह द्वितीय अभियान है, इससे पहले के अभियान में लगभग 15 बड़ी प्लास्टिक थैली कचरा उम्मीद टीम द्वारा हटाया गया था. इस बार पुन: लगभग 12 प्लास्टिक की बड़ी थैली इस अभियान में भर गई, जिनमे शराब की लगभग 50 से 60 बोतल, डिस्पोजल गिलास, कुरकुरे/चिप्स के पैकेट,बिसलेरी की खाली बोतलें और गोगा नशा के पैकेट भारी तादाद में पाए गए.हरीश पटेल ने कहा कि दो सप्ताह के दो-दो घंटे अभियान के बाद अभी भी बहुत कचरा बाकी है अगली बार पुन: अभियान चलाया जाएगा,साथ ही उन्होने बेहद चिंतत होते हुए बताया कि इस अभियान में आज हजारों पैकेट गोगा नशा के मिले हैं, जो चिंताजनक विषय है..
आज की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ़्त में है, और शहर के बीचों-बीच का ये ख़ूबसूरत स्थल शराब और नशे का अड्डा बन गया है, उन्होने कहा प्रशासन से निवेदन करते हैं कि यहाँ रात के साथ-साथ, दिन में भी निगरानी रखी जाए, ताकी इस जगह पर आसमाजिक तत्त्वों का जमावड़ा ना हो और नए युवा दिशा भ्रमित होने से बच सके.. गायत्री शक्तिपीठ के युवा भूपेन्द्र तिवारी ने कहा कि सुबह शहर के लोग यहां घूमने आते हैं, प्रशासन इस पर ध्यान देवे, ताकी आसमाजिक तत्व रात में यहां आकर नशा ना करें, क्योंकि वो यहां पर बोतल पानी पाउच और कचरा छोड़ कर चले जाते हैं. उम्मीद टीम के दीपक राजपूत ने कहा कि गोगा नाम का जो नशा है यहां भारी मात्रा में पैकेट मिलना ये निश्चित करता है कि यहां के युवाओं के कदम नशे की और मुड़ गए हैं. प्रशासन ध्यान दें ताकि जिला नशा मुक्त हो, अपराध मुक्त हो. तभी स्वच्छ और सुंदर दमोह बनाना सार्थक सिद्ध होगा..
टीम उम्मीद के महेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रशासन द्वारा गोगा नशा पर शहर में सख्ती चल रही है पर युवा यहां आकार नशा कर रहा है, यहां दिन में निगरानी बेहद जरूरी है.स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल ने कहा कि कई युवा यहां हम लोगों को देखकर लौट कर चले गए अगर वो लोग सुबह घूमने आए थे तो हमें देखकर लौटे क्यों इसका मतलब यही है कि यहीं वो लोग हैं जो यहां नशा करने आते हैं.पहाड़ी पर खाली एकांत और सूनापन होने से यहां ये लोग बेख़ौफ़ होकर नशा करते हैं.अब वो समय आ गया है, जब हर माता पिता को अपने बच्चों पर निगरानी रखने की जरूरत है, कि वो कब कहां जा रहा है और क्या कर रहा है. सुबह से सैर पर आए शहर के नागरिको ने टीम उम्मीद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब जल्दी ही हमारी पहाड़ी आपके प्रयासों से कचरा मुक्त होकर स्वच्छ और सुंदर हो जाएगी.
अनाथ किसान यात्रा का दूसरा दिन, गांव गांव यात्रा को मिल रहा समर्थन.. दमोह जिले की जबेरा विधानसभा से अनाथ किसान यात्रा निकाली जा रही है। किसान अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर खर्राघाट से दमोह के लिए पैदल दंडवत जा रहे है। किसानों की मांग है कि धान की खरीदी 3100 प्रति क्विंटल की जाए, मक्का का समर्थन मूल्य 2500 प्रति क्विंटल हो, मंडियों के चुनाव कराए जाए, किसानों को दिन में बिजली दी जाए, खाद का वितरण सरकारी उचित मूल्य दुकानों पर किया जाए। 
अनाथ किसान यात्रा निकाल रहे कवि चन्द्रभान लोधी ने कहा कि आज तो हम लोग सिर्फ दमोह तक ही जा रहे है लेकिन यदि हमारी मांगे नहीं मानी तो फिर दिल्ली तक कूच कर सकते है। हमारी मांगे वाजिब है सरकार ने जो किसानों से वादा किया था सिर्फ वही करने को कह रहे है। मंडी चुनाव करीब 15 सालों से नहीं हुए जिस वजह से मंडियों में व्यापारियों की मनमानी चल रही है, इसलिए जल्दी मंडी चुनाव कराए जाए। अनाथ किसान यात्रा का स्वागत करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमर सिंह लोधी ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार मक्का को समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदती तो किसान पूरे भारत में आंदोलन करगे।
दूसरे दिन की यात्रा का पड़ाव जोरतला गांव में रहेगा और 2 दिसंबर को यह यात्रा दमोह पहुंचेगी जहां हजारों की संख्या में किसान इकट्ठा होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। आज की यात्रा में अर्थखेड़ा, राजा पटना, बढ़याऊ, जोरतला इत्यादि गांवों में जनसभा के माध्यम से किसानों के सामने बात भी रखी गई। यात्रा में प्रमुख रूप से कवि चंद्रभान सिंह लोधी, भगवत सिंह लोधी, रज्जू सिंह, अमर सिंह, राजा अरविंद सिंह, राहुल सिंह, शिवराज सिंह, गोविंद सिंह,भोजराज सिंह, संजू बाबाजी, अजय सिंह, देवेंद्र सिंह सरपंच, पुष्पेंद्र लोधी, देवी सिंह, अभिमन्यु सिंह सहित सैकड़ों किसान शामिल रहे।
आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कोर्स का हुआ समापन.. हटा-वर्तमान भाग दौड़ भरी जीवन शैली में स्वास्थ्य, सक्रियता और खुशहाली भरे जीवन में योग और अध्यात्म बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभाते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पूरे विश्व में योग और अध्यात्म के माध्यम से अलख जगा रही है। संस्था की हटा इकाई के प्रशिक्षक आशुतोष सुहाने ने बालाजी कंस्ट्रक्शन हटा के हॉल में आयोजित 6  दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि इस आपाधापी से भरे जीवन को सकारात्मक व तनाव मुक्त रखने के लिए हमारे अस्तित्व के सभी स्तरों को जैसे शरीर, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, श्वास और आत्म बोध पर साधना, सेवा, सत्संग, प्राणायाम, योग, ध्यान और ज्ञान की कुंजियों के माध्यम से जीवन जीने की कला को सिखाया गया। योग और अध्यात्म का सामंजस्य हमारे जीवन में उतना ही आवश्यक है जितना हमारे अस्तिव को भोजन। योग हमको स्वस्थ बने रहने में मदद करता है, तो अध्यात्म जीवन में सृजनात्मकता के साथ साथ सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।
इस शिविर के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अंतिम दिन कोर्स से प्राप्त अपने अपने अनुभव साझा किए, जिसमे सभी प्रतिभागियों का अनुभव उनके प्रसन्न चित्त चेहरों से स्वतः ही प्रदर्शित हो रहा था। जिला पंचायत दमोह के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण पटेल बड्डा द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स के लिए निःशुल्क हाल उपलब्ध कराया गया साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमो के आयोजन हमारे जीवन को सहजता और प्रसन्नता से जीने की कला सिखाते है योग और अध्यात्म के संगम सुदर्शन क्रिया हमें तनाव मुक्त व स्वस्थ्य रखने में बहुत ही कारगर है। नम्रता राजपूत ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि छात्र जीवन में मन को एकाग्र रखना आज के समय मे बहुत ही कठिन है लेकिन छः दिवसीय इस कार्यशाला ने मुझमें एक अलग ही आत्मविश्वास ,प्रसन्नता और मन को नियंत्रित करने की कला ज्ञान की कुंजियों के माध्यम से सीखीं है जो अद्भुत हैं। मधुकांत उपाध्याय ने बताया कि हम अपने जीवन के छोटी छोटी समस्याओं और काल्पनिक योजनाओं से भयभीत हो जाते हैं और तनावग्रस्त हो जाते हैं यह कोर्स निश्चित ही हमें अपने वास्तविक स्वरूप जो केवल प्रेम  है से साक्षात्कार कराता है जिसे सुदर्शन क्रिया से जाना और सुदर्शन क्रिया अकारण भय,चिंता से मुक्त करने में बहुत ही सहायक है। 
हम सबको योग और अध्यात्म की दिशा में आगे आना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर को बनाए रख सकें। सभी प्रतिभागी योग, ज्ञान, ध्यान, साधना और अध्यात्म को गहराई से जान पाए और इस कार्यशाला के माध्यम से सेवा के महत्व को भी समझ पाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में  हटा आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ स्वयं सेवक राजबहादुर पटेल, उदयभान पटेल, गौरव सिंघई, अभिषेक सुहाने , अनिल पटेल, शरद अठ्या, अंशिका सुहाने और शाश्वत सुहाने, आदि की सराहनीय सेवा सहभागिता रही।

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