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कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए राज्यमंत्री श्री लोधी.. इधर SIR गणना पत्रक अब 11 दिसम्बर तक भरे जाएंगे..

कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में मंत्री श्री लोधी
धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना की गूंज सुनाई दी। केंद्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और परमपूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी सहित देश के मूर्धन्य संतों की उपस्थिति में श्री लोधी ने गीता के मर्म पर प्रकाश डाला। महोत्सव के मुख्य मंच से संस्कृति पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने श्रीमद्भगवद्गीता को संपूर्ण मानव जाति का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ और जीवन दर्शन का आधार बताया।

राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि कुरुक्षेत्र वह पवित्र भूमि है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के अंतर्मन के द्वंद्व को ज्ञान के प्रकाश से हर लिया था। उन्होंने जीवन को परिभाषित करते हुए कहा जीवन स्वयं एक महायुद्ध है धर्म और अधर्म का कर्तव्य और मोह का। गीता हमें सिखाती है कि संघर्षों के बीच भी मन को कैसे स्थिर और संतुलित रखा जाए। यही स्थितप्रज्ञता है और यही मनुष्य का परम पुरुषार्थ है। गीता की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में समस्याओं से अधिक महत्व उनके समाधान की विधियों का है। जब जीवन में क्या करें और क्या न करें की विकट स्थिति ;कर्तव्य.अकर्तव्य उत्पन्न होती है तब गीता ही हमारा मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन के श्लोक को उद्धृत करते हुए कहा कि निष्काम कर्म ही मोक्ष और परमगति का मार्ग है।
राष्ट्रवाद के स्वर को मुखर करते हुए राज्य श्री लोधी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में भीष्म पितामह ने श्राष्ट्र सर्वोपरिश् का मंत्र दिया था। आज उसी भावना को आत्मसात करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र प्रथम की नीति से भारत को विश्व पटल पर सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा मैं अतुल्य भारत के हृदय.प्रदेश से आता हूँ। हमारे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में धर्म दर्शन और संस्कृति के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। मंत्री श्री लोधी ने उपस्थित जनसमूह को एक पावन संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा समय और परिस्थितियाँ बदलती हैं लेकिन गीता का संदेश श्धर्मो रक्षति रक्षितः अटल है। आइए हम सत्य को अपनी भाषा करुणा को अपना आचरण और कर्तव्य को अपना धर्म बनाएं। इस अवसर पर पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य जी आचार्य प्रमोद कृष्णन स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज सहित अनेक पूज्य संत और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

SIR गणना पत्रक अब 11 दिसम्बर तक भरे जाएंगे  प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की भारत निर्वाचन आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी है। इस संबंध में आयोग ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 30 नवंबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। जारी कार्यक्रम अनुसार मध्य प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया अब 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके अनुसार अब 11 दिसम्बर 2025 तक एन्युमरेशन फार्म भरने का काम बीएलओ द्वारा किया जाएगा। 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक दावा आपत्तियों के आवेदन लिए जाएंगे। 16 दिसंबर से 7 फरवरी 2026 तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 14 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कहा हैं सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए नवीन दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के संबंध में दिए गए नवीन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उसे अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर जाएंगे यह सुनिश्चित करें।  इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026  को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा हैए वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा।

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