लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने नगर पालिका में की ट्रेप कार्यवाही.. 55 हजार रुपए की रिश्वत लेते नामांतरण शाखा के बाबू को रंगे हाथों पकड़ा.. देर तक बने रहे अफरा-तफरी के हालात भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्यवाहीजारी..

55000 रु की रिश्वत लेते नामांतरण शाखा का बाबू पकड़ा

ग्वालियर। मप्र में रिश्वतखोरी का दंश थमने का नाम नहीं ले रहा है लगातार लोकायुक्त कार्रवाई के बावजूद प्रदेश में कहीं ना कहीं रिश्वत लेते पकड़े जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है ताजा मामला भिंड नगर पालिका में सामने आया है जहां ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने पहुंचकर नामांतरण शाखा में पदस्थ एक बाबू को ₹55000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के बाद भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 60 के तहत कार्यवाही की है।

 भिंड नगर पालिका में पदस्थ कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के मामले में हौसले इतने बुलंद है कि वह हजारों में नहीं बल्कि लाखों में रिश्वत की डिमांड करने से नहीं चूकते हैं। ऐसे ही एक मामले में शुक्रवार को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने नामांतरण शाखा में पदस्थ बाबू अजय राजावत को ₹55000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। उसके द्वारा आवेदक के प्लाट की नामांतरण कार्य के बदले में एक लाख ₹100000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत 26 अप्रैल को पीड़ित फरियादी विपिन जैन ने ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से की थी। 
रिश्वत की मांग की ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए पुष्टि किए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने अपना जाल बिछाया और आज भिंड नगर पालिका पहुंच गई। इस दौरान जैसे ही रिश्वतखोर बाबू अजय राजावत ने विपिन जैन रिश्वत के  ₹55000 लिए वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ने में देर नहीं की। इस दौरान यहां पर देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। वही लोगों को जब लोकायुक्त कार्यवाही की जानकारी लगी तो वह नगर पालिका में चलने वाले भ्रष्टाचार की चर्चाएं खुलेआम करते नजर आए। लोकायुक्त द्वारा उक्त रिश्वतखोर बाबू पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्यवाही की गई है। कार्यवाही करने वाली टीम में डीएसपी प्रधुम्न पराशर,  राघवेंद्र सिंह सहित  अन्य अधिकारी व 14 सदस्यी टीम शामिल रही।
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