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जबलपुर की टाटा सफारी से शराब तस्करी.. पथरिया पुलिस द्वारा पीछा करने के बाद कार्यवाही नहीं करना चर्चाओं में.. इधर पटेरा थाने के पास ट्राले की चपेट में आने से महिला की मौत पति व वेटी गंभीर.. घटेरा के पास ब्यारमा नदी में बहे लकड़हारे को तीसरे दिन भी नहीं खोज पाई NDRF..

 पीछा करने के बाद कार्यवाही नहीं करना चर्चाओं में..
दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र में जबलपुर पासिंग की एक पुरानी टाटा सफारी गाड़ी से अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर बीती रात पुलिस हंड्रेड डायल टीम के साथ स्थानीय शराब ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा फिल्म स्टाईल में गाड़ी का पीछा किए जाने का घटनाक्रम सामने आया है। मामले में खास बात यह है कि थाना पुलिस जहां बीच में ही पीछा छोड़कर वापिस लौट गई वहीं हंड्रेड डायल टीम ने जब सुनसान जगह पर खड़ी टाटा सफारी तक पहुची तो वह खाली थी।

न उसमें सवार लोगों का पता था और न उसमें भरी शराब का। इसके बावजूद हंड्रेड डायल टीम ने गाड़ी के पहिए की हवा निकालकर पथरिया थाना पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस ने मामले में कार्यवाही करने के बजाए हंड्रेड डायल टीम को ही फटकार लगा दी। बाद में इस मामले में जानकारी मांगे जाने पर पुलिस के अधिकारी अनभिज्ञता जताते नजर आए। जिससे पथरिया थाना पुलिस की कार्य प्रणाली अनेक शंकाओं को जन्म देती नजर आ रही है।

बताया गया है कि उपरोक्त सफारी वाहन MP-20 CA, 4087  को ग्राम बंसोली मैं मिर्जापुर चौराहे के पास  को खड़ा मिलने पर जब जब चैक किया गया तो वाहन खाली मिली और उसमें कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं पाया गया सफारी वाहन लाक था जिसे हंड्रेड डायल में मौजूद आरक्षक नितेश राठौर द्वारा हवा निकाल कर पंचर कर दिया गया। जिसके बाद उक्त आरक्षक द्वारा पुलिस थाना पथरिया में सूचना दी गई जिसके बाद वहां पर पुलिस भी पहुंची लेकिन इस पूरे खेल के बाद ना तो वह सफारी वाहन पथरिया थाने में नजर आया और ना ही उक्त स्थान पर पाया गया। उक्त मामले में पथरिया थाना प्रभारी रजनी शुक्ला से एवं एसडीओपी से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया वहीं पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार का कहना है कि सफारी वाहन के मामले में जांच की जाएगी साथ ही जुआ फड़ के मामलों के संबंध में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि ऐसा है तो दमोह से टीम भेजकर युवा फलों पर कार्यवाही करेंगे। पथरिया से आकाश सेन की रिपोर्ट
 
ट्राले की चपेट में आने से महिला की मौत पति, वेटी गंभीर
दमोह पटेरा में पुलिस थाने से चंद कदम की दूरी पर हुए एक दर्दनाक हादसे में ट्राले की चपेट में आने से महिला की मौत हो जाने तथा पति व वेटी को गंभीर हालत में जिला अस्प्ताल में भती्र कराए जाने का घटनाक्रम सामने आया है। 
वहीं गंभीर हालत में आठ साल की बालिका को जिला अस्पताल से जबलपुर रैफर कर दिया गया है। बताया जा रहे दंपत्ति बाइक से अपनी बेटी के साथ थाना, रेस्ट हाउस और स्कूल के बीच जा रहे थे तभी तेज रफ्तार 16 चका ट्राले के चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए टक्कर मारकर बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे महिला के मौके पर ही प्राण पखेरू उड़ गए।
 
व्यारमा नदी में बहे वृद्ध का 72 घंटे बाद भी नहीं लगा सुराग

दमोह नोहटा पुलिस थाना अंतर्गत पुलिस चौकी बनवार के ग्राम घटेरा से निकली व्यारमा नदी के पथरा घाट से मंगलवार को वृद्ध निरपत आदिवासी निवासी घटेरा पानी के तेज बहाव में बह गया था,वही उसका एक अन्य साथी बाल-बाल बच कर नदी के किनारे पहुंच गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं एनडीआरएफ सहित गोताखोरों की टीम ने व्यारमा नदी में सर्चिंग अभियान चलाया,लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं लगा,चौथे दिन भी लगातार अभियान चलता रहा। वहीं एनडीआरएफ टीम भी सर्चिंग अभियान चलाती रही, लेकिन नदी के बहाव में बहे वृद्ध का कोई सुराग नहीं लग सका है। 72 घंटे बीत जाने के बाद भी एनडीआरएफ की टीम के हाथ खाली है। शुक्रवार को इस टीम ने पुनः अपना अभियान चलाया और नदी में जगह-जगह तलाश भी किया लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं लग सका। 
वहीं निरपत आदिवासी के परिजन प्रशासन एवं एनडीआरएफ की टीम की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं,कि शायद उनके पिता जिंदा बच गए हो लेकिन अब उनकी आस टूट रही है। वृद्ध के नदी में बह जाने के बाद से परिवार के सदस्यों के आंसू नहीं थम रहे हैं,उन्हें सांत्वना देने के लिए गांव के लोग घर पहुंच रहे हैं। गांव वाले भी वृद्ध के बचने की उम्मीद लगाए बैठे हैं लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद इन लोगों की उम्मीद भी अब टूटना शुरू हो गई है। एनडीआरएफ की टीम के सदस्य राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि घटेरा से घाट पिपरिया तक करीब 7 किलोमीटर नदी के दोनों किनारों सहित नदी के पूरे एरिया को तलाश कर लिया गया है,लेकिन वृद्ध निरपत आदिवासी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। समाचार लिखे जाने तक टीम के द्वारा कांटा डालकर सर्चिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है ,बारिश की वजह से नदी में अथाह पानी व बहाव तेज है इसलिए सर्चिंग अभियान में भी काफी परेशानी जा रही है। जिला सेनानी दमोह के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ टीम से मुकेश तिवारी,राहुल शर्मा,अजय जय पटेल,दुर्गा प्रसाद,राजेंद्र शुक्ला,लखन सेन साहित एनडीआरएफ टीम द्वारा लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभिषेक खरे की रिपोर्ट
 
 

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