मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुंडलपुर पहुचे मंत्रीजी.. इधर पंचकल्याणक स्थल पर प्रतिष्ठित होने विराजित हुई डेढ़ हजार से अधिक प्रतिमाए.. पंच कल्याणक के पहले दिन गर्भ कल्याणक पूर्व क्रियाए

 देश के प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विराजमान आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के विशाल संघ के सानिध्य में 16 फरवरी से शुरू हो रहे पंच कल्याणक महोत्सव की बेला में मुख्यमंत्री के निर्देश पर महोत्सव के प्रभारी ओमप्रकाश सखलेचा ने बैठक लेकर महोत्सव स्थल का जायजा लेकर संतुष्टि जताते हुए आयोजन हेतु अपनी सहमति प्रदान कीं..

 
कुंडलपुर महोत्सव प्रभारी कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा के साथ कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त मलहरा विधायक प्रद्युम्नसिंह, MPWLC अध्यक्ष राहुल सिंह, पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया  हटा विधायक पीएल तंतवाय,  कलेक्टर एस कृष्ण चेतन्य, एसपी DR तेनीवार, कुंडलपुर ट्रस्ट अध्यक्ष संतोष सिंघई,सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र बजाज सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पंडाल व्यवस्था, मेला प्रांगण, जल व्यवस्था, आवागमन की व्यवस्था, वाहन पार्किंग व्यवस्था,आवासीय व्यवस्थाओ का जायजा लिया..

प्रदेश के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कुण्डलपुर पंच कल्याणक महामहोत्सव और श्रद्धालुओं की बुनियादी सुविधाओं के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में कहा कल भी मीटिंग हुई थी और मुख्यमंत्री जी वेबीनार के माध्यम से जुड़े रहे। उन्होंने व्यवस्थाएं सुदृढ़ बनाये रखने के लिए निर्देशित किया है। सभी व्यवस्थाओं का फिजिकल रूप से आकलन करने के लिए आज यहां आया हूँ सभी व्यवस्थाएं ठीक हैए पानी की कुछ पाइप लाइन की टेस्टिंग का काम बाकी रह गया है वह आज रात तक कंप्लीट हो जाएगा। सिक्योरिटी के लिए 600 फोर्स बाहर से बुला ली है वह आकर व्यवस्थित लग चुकी है।  उन्होंने कहा पूरी व्यवस्था में मुझे कोई कमी नहीं दिख रही है। उन्होंने सभी से अंदर वाहन नही लाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कल से गेट पर ही वाहन रोकेए मैं व्हीआईपी के हिस्से से नहीं समाज का अंग बन कर आना चाहूंगा।
महोत्सव स्थल पर सकलीकरण, भक्तांबर विधान..
महोत्सव स्थल पर सकलीकरण, भक्तांबर विधान कुंडलपुर में 16 से 23 फरवरी तक होने वाले पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पूव्र बेला में 15 फरवरी को महापात्रों के सकलीकरण की क्रियाओं को संपंन कराए जाने के साथ भक्तांबर विधान का आयोजन किया गया। प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया के निर्देशन में महा महोत्सव कार्यक्रम स्थल पर श्री जी के अभिषेक पूजन के साथ भक्तांबर विधान का आयोजन किया गया तथा महा महोत्सव के महा पात्रों का सकलीकरण किया गया। इस अवसर पर डेढ़ हजार से अधिक प्रतिमाओ को भी प्रतिष्ठित करने के लिए यहां पर रखा गया है।
जो नीचे से ऊपर जाता है उसका सम्मान होता है आचार्य श्री
सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर में 16 फरवरी से शुरू होने जा रहे इस सदी के अलौकिक पंच कल्याणक के पूर्व दिन संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने संदेश देते हुए कहा कि अच्छे लोग नीचे देख के चलते हैं वे नीचत्व से उठ जाते हैं । वे उच्च कहलाते हैं,दुनिया ऊपर उठना चाहती है..

aachary shri

लेकिन ध्यान रखो नदी को संस्कृत में नदी को निम्न गाह कहा गया है, नदी नीचे बहती है, वह सोचती है की यदि सिर्फ सेठ साहूकारों के यहां जायेगी तो ये जो प्यासे गरीब है इनको कोन सहारा देगा। देखो नदी नीचे बहती है पर फिर भी हमेशा साफ-सुथरी रहती है ऊपर से नीचे आने में अपमान होता है किंतु जो नीचे से ऊपर जाता है उसका सम्मान बढ़ता है। गुरु अपने शिष्य से ऊपर देखने को कहते हैं और वे स्वयं उसे नीचे देखते हैं, नीचे देखने पर पूरी धरती निगाह में आती है । मनुष्य को दृष्टि में समता रखनी चाहिए, दृष्टि में समता रखना कठिन है। दृष्टि में सदैव ममता झूलती रहती है उसी में सुख शांति का अनुभव होता है, निगाहें हमेशा भीतर की ओर रखना चाहिए जो हमें शांति की ओर ले जाती है। आज आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को नवधा भक्ति भाव से पड़गाहन करके आहार देने का सौभाग्य ब्रा मयूर भैया, मुकेश जैन के परिजनों को प्राप्त हुआ।

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