वोट के दुरुपयोग पर चोट करती बुंदेली फिल्म 'सरपंच' नेतागिरी करने वालों को दिखा रही आईना.. स्थानीय कलाकारों के साथ बुंदेली गीतों का जलवा बिखेरती हुई रिलीज.. लालच तथा भावनाओं में बहकर वोट देने वालो को वोट की अहमियत बताने का प्रयास..

 वोट पर चोट करते बुंदेली फिल्म सरपंच की शूटिंग जारी जल्द रिलीज होगी फ़िल्म..

दमोह। यूं तो बुंदेली धरा अपनी कला संस्कृति और विविधता के लिए देश विदेशों में जानी जाती हैं और इस में पैदा हुए लोग इसे बरकरार रखने के लिए तरह-तरह के प्रयास करते रहते हैं। हटा के युवा लोकगीत गायक कमल सिंह दिलबर ने भावनाओं में बहकर वोट देने वालों की गलती और वोट का दुरुपयोग करने वाले जन प्रतिनिधियों को लेकर स्थानीय कलाकारों को अवसर देकर निर्मित फिल्म सरपंच कंप्लीट होने के बाद 5 अक्टूबर 2021को रिलीज हो चुकी है।

 बुंदेली कलाकारों को लेकर बुंदेली धरा पर ही बन रही वोट पर चोट करती यह फिल्म नीरज एनके फिल्म के बैनर तले बनाई जा रही है। जिसमें हटा के स्थानीय कलाकार भानु प्रताप सिंह (भानु राजा), पूनम पटेल, मुस्कान ठाकुर, कमल सिंह ठाकुर दिलवर, राहुल तिवारी, नरेंद्र ठाकुर, राजा कोरी, दिव्या श्रीवास्तव, सोनम खान की अदाकारी पर फिल्माई गई फिल्म का डायरेक्शन एनके स्टूडियो के संचालक नीरज N k के द्वारा किया गया है।

 इस फिल्म में जो गाने हैं वो भानु प्रताप सिंह भानु राजा, पूनम पटेल ने गाए है बुंदेली धरा पर किस तरह से भावनाओं मैं आकर बिना सोचे समझे वोट देने की कहानी से लेकर उस वोट का दुरुपयोग कर कुर्सी पर बैठे एक जनप्रतिनिधि को दिखाया गया है जिसमें फर्स्ट से लेकर आज तक की कहानी को दिखाने का प्रयास नीरज Nk ने किया है। कमल सिंह ठाकुर "दिलवर" की फिल्म में जनप्रतिनिधि और मतदाताओं को एक पैगाम देने की कोशिश की गई है।

जिन जनप्रतिनिधियों के लिए वोट केवल कुर्सी का रास्ता है उनके द्वारा मतदाताओं को दिए जाने वाले प्रलोभन आदि की प्रस्तुति की गई है वहीं मतदाताओं के लिए भी संदेश दिया गया है जो भावनाओं में आकर बिना सोचे समझे मत का उपयोग करते हैं और अगले 5 साल तक उस का खामियाजा उठाते हैं।फिल्म में आखरी संदेश के तौर पर किरदारों ने वोट की ताकत को वोट की चोट से ही दिखाने का प्रयास किया है। हटा से प्रशांत दुबे की रिपोर्ट

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