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लो फंस गई भैंस पानी में.. सुनार नदी की धार को पार कर रही भैंस का झुंड बीच धार में फंसा.. रात होने से नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस और एनडीआरएफ टीम वापस लौटी.. इधर ग्रामीणजन अपने तरीकें से कोशिशों में जुटे.. अब भैंसों को बचाने सुबह होगा रेस्क्यू..

 भैंस का झुंड बीच धार में फंसा, सुबह होगा रेस्क्यू..

दमोह। गई भैंस पानी में कहावत तो आपने सुनी ही होगी लेकिन फस गई भैंस पानी में यह हालात आपने नहीं देखे होंगे। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर नरसिंहगढ़ के समीप सुनार नदी के बीच ऐसे ही कुछ हालात आज शाम बनते हुए नजर आए। जब आधा दर्जन से अधिक भैंस नदी को पार करते समय धार के बीच में फस गई। जिसकी सूचना भैंस मालिकों को लगते हैं आनन-फानन में नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस को सूचना दी गई और फिर पुलिस कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंचने के बाद होमगार्ड कार्यालय से एसडीईआरएफ की टीम प्राची दुबे के नेतृत्व में  मौके पर पहुंची

 लेकिन तब तक चारों तरफ अमावस की रात का अंधेरा फैल चुका था और टीम के पास उजाला करने इतने साधन नहीं थे की भैंस तक बचाव दल पहुंच सके जिसके बाद टीम खाली हाथ वापस लौट आई। यदि रात भर में भैंस पानी में नहीं बही या सुरक्षित दूसरी ओर नहीं पहुंची तब सुबह फिर से बचाव का अभियान शुरू किया जाएगा। इन 8 भैंस में महूना गांव निवासी वीर सिंह 3 एवं राजू सिंह 5 की बताई गई है जो कि चरने के बाद वापस लौटने के बजाए नदी पार निकलते बीच मे फस गई। कुछ लोगों का कहना है कि जहां भैंस फ़सी हैं वहां बड़ी चट्टान है। जिसके ऊपर वह खड़े रहकर समझदारी का परिचय देने की कोशिश कर रही हैं शायद इसी वजह से अभी तक नदी के बहाव के साथ में नहीं बह पाई है। 

 नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी एएसआई पवन तिवारी ने बताया गया कि करीब 5 बजे सूचना मिली थी। जिसके पश्चात एसडीईआरफ को भी सूचित किया गया। एनडीआरएफ की टीम प्राची दुबे के नेतृत्व में  मौके पर पहुंची परंतु विलंब तथा अंधेरा छाने के कारण भैंसों को बाहर निकालने का प्रयास फिलहाल अभी रोक दिया गया है। सुबह फिर से बचाओ अभियान शुरू किया जाएगा। इधर जिन लोगों की भैंस पानी धार में में फंसी है और की रात की नींद और चैन हराम हो चुका है तथा वह अपने तरीके से उन्हें बचाने की जुगत में रात में ही रस्सी आदि का सहारा लेकर कोशिश करने में जुटे हुए हैं। नरसिंहगढ़ से शकील मुहम्मद की रिपोर्ट

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