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वीरांगना दुर्गावती बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने तांता लगा रहा.. सिग्रामपुर में भाजपा कांग्रेस नेताओं के अलावा क्षत्रिय गोंड़ समाज के प्रतिनिधियो ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की.. इधर हिन्दी लेखिका संघ ने वीरांगना का स्मरण किया..

  वीरांगना दुर्गावती बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन..

 दमोह। गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती का 458 वा बलिदान दिवस उनकी कर्मभूमि सिग्रामपुर में श्रद्धा सुमन अर्पित करके मनाया गया। कोरोना संक्रमण काल की गाइड लाइन के चलते सामूहिक आयोजन तो नहीं हुआ लेकिन भाजपा कांग्रेस से लेकर गोंड समाज के प्रतिनिधियों का यहां पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित करने का दौर दिन भर चलता रहा।

वीरांगना बलिदान दिवस पर विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी के साथ भाजपा नेताओं की टीम यहां पहुंची और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि का दौर देर तक चलता रहा। सांसद प्रतिनिधि रूपेश सेन, जिला पंचायत सदस्य संगीता मरकाम, मुलायम सिंह आदि के अलावा अनेक भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं ने रानी दुर्गावती प्रतिमा पर माल्यर्पण किया। 

 विधायक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान कभी भुलाया नही जा सकता। उन्होंने हम सभी के लिए बलिदान दिया है। यह कार्यक्रम किसी पार्टी या समुदाय विशेष का न होकर हम सभी का है। उन्होंने अगले बर्ष से बड़े स्तर पर एक मंच पर कार्यक्रम का आयोजन कराने की बात भी कही।

कांग्रेस नेताओं ने भी किया प्रतिमा पर माल्यार्पण

वीरांगना बलिदान दिवस पर कांग्रेस नेताओं ने भी सिग्रामपुर के तिलगुआ तिराहे पर स्थित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पूर्व कांग्रेस नेताओ ने वीरांगना रानी दुर्गावती के सिंगौरगढ़ किले पहुंचकर देव स्थान पर पूजा अर्चना की साथ ही गोंडवाना राजा संग्राम सिंह के समाधि स्थल पर भी माल्यार्पण किया।  


 दमोह विधायक अजय टंडन ने कहा कि वह अदम्य साहसी महिला थी उनकी वीरता की कहानी आज समूचे बुंदेलखण्ड एवं महाकौशल में सुनी जा सकती है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनु मिश्रा ने कहा कि गोड़वाना समाज की वह ऐसी वीर महिला थी जिन्हें युगो युगो तक याद किया जायेगा। उनके बलिदान दिवस पर हम उनका पुण्य स्मरण करते है।                                             

कार्यक्रम में  पूर्व विधायक प्रताप सिंह,  रजनी ठाकुर, गोविंद तिवारी, हरिराम ठाकुर, भागचंद यादव, ब्लॉक अध्यक्ष नीरज जायसवाल, राव लाखन सिंह,  भागचंद यादव, रद्युनाथ यादव, कपिल राजपूत, सूरज मिश्रा, शारदा राय, दीपक यादव, लकी खटीक के साथ अनेकों क्षेत्रवासियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्र्यापण करते हुए कहा कि वह रानी लक्ष्मीबाई की तरह वीरांगना महिला थी उनकी शहादत को आज हम सब नमन करते है और हमे गर्व है कि हमारी जमीन पर ऐसे वीर यौद्धाओं ने जन्म लिया।                              

सांसद प्रतिनिधि एवं समर्थकों ने भी श्रद्धांजलि दी


वीरांगना बलिदान दिवस अवसर पर केंद्रीय मंत्री और सांसद प्रहलाद पटेल के प्रतिनिधियों के तौर पर सिग्रामपुर प्रतिमा स्थल पर पहुंच कर वीरांगना को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में सांसद कार्यालय प्रभारी रमेश पटले, सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र बजाज, सुशील गुप्ता, अनुज बाजपेयी, मुकेश ठाकुर, लकी तिवारी, रामस्वरूप राय, दीपक यादव, मयंक जैन, भगवत धनगर आदि भी शामिल रहे।

 आदिवासी संगठनों ने पुष्पांजलि अर्पित की..


 वीरांगना बलिदान दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान जयस आदिवासी संगठन के अध्यक्ष श्यामलाल गोटिया भानू ठाकुर, अमित ठाकुर, बिमलेश ठाकुर, मनु सिंह मरावी संगठन महामंत्री गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, अर्जुन सिंह सहित सामाजिक लोगो ने पूजन करने के उपरांत पौधारोपण करके पौधे वितरित किये। 

हिन्दी लेखिका संघ ने वीरांगना का स्मरण किया..

दमोह। रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस पर हिन्दी लेखिका संघ की ऑनलाईन काव्यगोष्ठी आयोजित कर गई। मुख्य अतिथि कवयित्री साधना बिरथरे, विशिष्ट अतिथि कवयित्री आराधना राय रहीं। संचालन संस्था अध्यक्ष पुष्पा चिले ने किया। सरस्वती वंदना बबीता चैबे ने की। आभार डाॅ.प्रेमलता नीलम ने माना। अध्यक्षीय उद्ववोधन में पुष्पा चिले ने कहा कि इन वीरांगनाओं को हम साहित्यकार कलम के माध्यम से तो स्मरण करते हैं। उनके आदर्शों को, मूलभूत सिद्धांतों को हम अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। अतिथियों ने वीरांगनाओं की महत्ता बताते हुए बहनों को प्रोत्साहित किया। लक्ष्मी ताम्रकार ने पढा स्वयं समिधा बनकर प्रज्जवलित हुईं थीं तुम, तुम मानवी नहीं हुत्तामा थीं। पुष्पा चिले ने पढा गढा की दुर्गावती हो या झांसी की लक्ष्मी, अवतारी थीं ये हार मानी न जीवन में।  डाॅ. प्रेमलता नीलम ने पढा वीरांगना की होती जग में जयजयकार, शक्ति स्वारूपा दुर्गा रणचंडी का अवतार। साधना बिरथरे ने कहा हे वीरांगनाओं तुम्हें नमन, तुम्हारी शहादत को नमन, तुम्हारे बलिदान को नमन।आराधना ने कहा हमारी धमनियों में, हमारी शिराओं में आज भी जीवित है तुम्हारे लहु का एक एक कतरा। 

बबीता चैबे ने कहा मैं माटी हूँ हिन्द वतन की, बेटी हिन्दोस्तान की। मैं झलकारी, मैं झांसी रानी हूँ बलिदान की। लता गुरु ने पढा शौर्य वीरता की अमर कहानी गुंजित गौरव गान में नमन तुम्हें हे लक्ष्मीबाई बुन्देलखण्ड की शान में।मनोरमा रतले ने कहा मातृ भूमि को अग्रेजों से मुक्त कराने की ठानी थी, अलवेली वह रानी थी। अंजू सेठ ने कहा नमन कर रहे बलिदान दिवस पर तुमको गढा मंडला की रानी, जिसने मुगलों की सेना से हार कभी न मानी।कमलेश शुक्ला ने पढा छोटीसी उम्र में बडे कमाल कर गई, छोटीसी मनु जब रानी झासी बन गई।स्नेहा चैहान ने कहा देश में वीरांगनाओं का होगा सदा गुणगान।भावना शिवहरे ने कहा सौभाग्य उदित उजियारी ब्याह कर झांसी आई। विनीता जडिया ने कहा छुडा दिये छक्के दुश्मन के, रण में चमकी जब तलवार। सुनीता गुप्ता कुसुम खरे, माया यादव एवं कामना सेठ सहित बडी संख्या में श्रोता बहनों की उपस्थिति रही।

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