Ticker

6/recent/ticker-posts
2 / 3

बिहार के दर्पण भैया दमोह में जैनेश्वरी दीक्षा लेकर बन गए मुनिश्री ब्रह्मदत्त सागर महाराज.. पॉलिटेक्निक परिसर स्थित अयोध्या नगरी में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में.. मुनि दीक्षा का साक्षी बनने उमड़ा जनसैलाब..

 बिहार के दर्पण भैया दीक्षा लेकर हुए मुनि ब्रह्मदत्त सागर

दमोह। जबलपुर नाका स्थित जैन मंदिर में पंचमेरू जिनालय प्रतिष्ठा अवसर पर आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के ससंघ के सानिध्य में 10 से 18 फरवरी तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन चल रहा है। जिसके पांचवे दिन भव्य जैनेश्वरी दीक्षा का साक्षी बनने का सौभाग्य हजारों लोगो को मिला। 

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव अवसर पर पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में विशाल पंडाल लगाकर अयोध्या नगरी का निर्माण किया गया है। यहां पर रविवार को आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज द्वारा पटना बिहार के ब्रह्मचारी दर्पण भैया को मुनि दीक्षा प्रदान की गई। इस दौरान दर्पण भैया के परिजनों उपस्थित जनसमूह तथा मुनि संघ के द्वारा दीक्षा प्रदान किए जाने की स्वीकृति दिए जाने के बाद आचार्य श्री के आदेश पर दर्पण भैया ने एक-एक करके अपने वस्त्रों को त्यागना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में हुआ है दिगंबर हो गए। इसके आचार्य श्री ने उनको मुनि के 28 मूल गुणों के संस्कार प्रदान किए। जिसके बाद ब्रह्मचारी दर्पण भैया मुनि श्री ब्रह्म दत्त सागर हो गए। 

इस अवसर पर आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य के साथ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका रत्न सत्यमति माताजी एवं सकल मति माताजी का ससंघ सानिध्य भी प्राप्त हुआ।  इस मुनि दीक्षा समारोह का साक्षी बनने के लिए देश प्रदेश के कोने-कोने से आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के शिष्यों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से आए  सकल जैन समाज के लोगो की भीड़ की वजह से पालीटेक्निक कालेज के विशाल ग्राउंड परिसर जहां छोटा पड़ता नजर आया वही मिनी कुंभ जैसा नजारा बना रहा। इसके पूर्व प्रातः मेला में प्रतिष्ठा चार्य आशीष अभिषेक शास्त्री द्वारा नित्य पूजन अभिषेक विधान संपन्न कराया गया वही आचार्य श्री के मंगल देश में का लाभ भी सभी को मिला।

दीक्षार्थी ब्रह्मचारी दर्पण भैया का परिचय-

जन्म नाम ब्रह्मचारी दर्पण जैन, जन्म स्थान पटना बिहार, जन्म दिनांक 11 अक्टूबर 1981, शिक्षा बीएससी एलएलबी पटना यूनिवर्सिटी से। ब्रह्मचारी व्रत सन 2003 आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज से, दो प्रतिमा आचार्य श्री सन्मति सागर जी महाराज से, सात प्रतिमा आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज से 15 अगस्त 2019 पटना बिहार में लिया। पिता सुरेंद्र कुमार जैन समाधि लेकर मुनिश्री सुबंद्य सागर जी महाराज थे। माता श्री श्रीमती मीना देवी जैन, बहन श्रीमती छाया जैन इंदौर भाई श्री रत्नेश कुमार जैन आदि।


दीक्षा के पूर्व केश लौंच आचार्य श्री ने किया। हल्दी  तेल एवं उवटन किया गया। स्नान के उपरांत २ाजशाही पोषाक धारण करके हाथी पर सवार हो दीक्षा स्थल पहुंचे वहॉ गण धर बलय विधान किया । विधान करने हेतु सौधर्म इन्द्र बनने का सुहाग मलैया ट्रैक्टर वालों को प्राप्त हुआ। दीक्षार्थी दर्पण भैया के धर्म के माता पिताबनने का सौभाग्य संतोष कुमार फिरोजाबाद वालों को प्राप्त हुआ।21 श्रावकों ने आचार्य श्री को शास्त्र भेंट किया। दीक्षार्थी को मयूर पंख से बनी नवीन पिच्छी प्रदान करने का सौभाग्य रतलाई से पधारे डाक्टर साहव के परिवार वालों को प्राप्त हुआ। कमंडल प्रदान करने का सौभाग्य दीक्षार्थी के छोटे भाई रतनेश जैन भाई गौरव जैन को प्राप्त हुआ। दीक्षार्थी की बहिन श्री छाया सौरभ जैन इन्दौर को कौशलौंचे छेलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

आज भगवान का जन्म कल्याणक मनाया जाएगा-

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के छठवें दिन पालीटेक्निक परिसर स्थित अयोध्या नगरी में भगवान के जन्म कल्याणक की क्रियाए संपन्न होंगी। इस अवसर पर धूमधाम से बालक आदि कुमार के जन्म की खुशियां मनाई जाएगी। महा पात्रों एवं इंद्र इंद्राणीयो द्वारा 24 तीर्थंकर भगवान के जन्म कल्याणक के अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे। आचार्य श्री के जन्म कल्याणक पर मंगल प्रवचन और दिव्य देशना का लाभ सभी को मिलेगा.. आयुष जैन की रिपोर्ट

Post a comment

0 Comments