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दल बदल कर पुनः चुनाव लड़ने वालें सांसद-विधायकों पर प्रतिबंध लगाने हेतु दायर याचिका पर.. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग व केन्द्र सरकार को नोटिस जारी करके तलब किया.. दमोह विधायक रहे राहुल सिंह के चुनाव लड़ने पर रोक की भी मांग..

  राहुलसिंह के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की भी मांग..

नई दिल्ली/दमोह। दल बदल कर पुनः चुनाव लड़ने वालें विधायकों एवं सांसदों पर प्रतिबंध हेतु सुप्रीम कोर्ट में दायर कांग्रेस नेत्री डाॅ.जया ठाकुर की याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए नोटिस जारी करके चुनाव आयोग व केन्द्र सरकार से जबाव तलब  नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। दायर याचिका में दमोह विधायक रहे राहुलसिंह के दलबदल को भी इसी श्रेणी में मानते हुए उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

कांग्रेस नेता डॉ.जया ठाकुर  के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में  दायर WP (c) No 1032 of20230 याचिका में सर्वोच्च न्यायालय ने 7 जनवरी 2021 को चुनाव आयोग व केन्द्र सरकार से जबाव तलब  नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव डॉ.जया ठाकुर ने याचिका में बताया कि  विधायक  व सांसद चुने गए प्रत्याशियों द्वारा तय समय सीमा के पहले ही सत्ताधारी पार्टियों द्वारा प्रलोभन देने पर त्याग पत्र देकर पुनः उपचुनाव लड़ते हैं, वह वास्तव में संविधान की दसवीं अनुसूची व अनुच्छेद 191(1)ई के तहत अयोग्य है तथा ऐस प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है परंतु इस तरह का गैर संवैधानिक कार्य पिछले कई सालों से  जारी है। देश के कई प्रदेशों जैसे कर्नाटका, मेघालय, मणिपुर, गोवा, उत्तरा खंड, राजस्थान व हाल ही में मध्यप्रदेश में भी बड़े पैमाने पर विधायकों से त्यागपत्र करवा कर उन्हें मंत्री पद या अन्य तरह का लालच देकर पुनः उपचुनाव में उन्हीं अयोग्य प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा गया एवं उन्हें मंत्री या अन्य पद प्रदान की है अभी हाल ही में दमोह विधायक ने भी इस्तीफा देकर दल बदल किया है वह भी इसी श्रेणी में आते हैं।

 ऐसा कृत्य प्रजातंत्र व जनता के अभिमत का घोर अपमान है और ऐसी अलोकतांत्रिक प्रथाओं पर अंकुश लगाना व लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की आवश्यकता है आज सर्वोच्च न्यायालय ने इस विषय में संज्ञान लिया व डॉ. जया ठाकुर की याचिका में नोटिस जारी कर केंद्र सरकार व चुनाव आयोग से पूछा है कि क्यों ना ऐसे दल बदलू प्रत्याशियों को संविधान की दसवीं अनुसूची वा अनुच्छेद 191(1)ई के तहत आयोग घोषित कर उन्हें चुनाव लड़ने पर ही प्रतिबंध लगा दिया जाए। प्रकरण की अगली सुनवाई 5 फरवरी को नियत है..

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1 Comments

  1. सभी विधायकों पर या सिर्फ़ दमोह विधायक पर ऐसे सभी 25, विधायक इस दायरे में आयेंगे

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