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कोरोना काल में जिला अस्पताल में गाली गलौज के साथ शराब खोरी.. नशे में टुन्न शराबी को बाल पकड़कर घसीटकर हटाने की वीडियो वायरल.. पुलिस कर्मी सस्पेंड.. इधर बाइक से भाग रहे शराबी ने राहगीर को टक्कर मारी.. कोतवाली पुलिस ने की 184 की कार्रवाई..

जिला अस्पताल में गाली गलौज के साथ खराब खोरी
दमोह। कोरोनावायरस के संक्रमण काल में जब लोगों को जान के लाले पड़े हुए हैं ऐसे में आए दिन शराबी तत्व जिला अस्पताल में बेसुध पड़े रह कर आने जाने वाले मरीजों से लेकर स्टाफ के लिए परेशानी की वजह बने रहते हैं। ऐसे ही कुछ माहौल में बेसुध पड़े एक दारू खोर द्वारा एक पुलिस कर्मी के साथ गाली गलौज करने तथा बाद में पुलिसकर्मी द्वारा उसे बाल पकड़कर घसीटते हुए बाहर करने का घटनाक्रम सामने आया है।
  पुलिसकर्मी के शराबी को बाल पकड़कर घसीटने का वीडियो मीडिया मैं खबर की सुर्खियां बनने के बाद उक्त  पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है। इधर अस्पताल से भगाए जाने के बाद बाइक लेकर भागा उपरोक्त शराबी जिला भाजपा आफिस के समीप एक राहगीर को टक्कर मारकर सड़क पर फिर धराशाई हो गया। जिसके बाद कोतवाली पुलिस द्वारा उसका मुलाहजा करकर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
यह मामला बुधवार 9 सितंबर की रात का बताया जा रहा है जब जिला अस्पताल मैं पूरी तरह से नशे में चूर एक शराबी सभी के साथ गाली गलौज कर रहा था। सुरक्षा गार्ड भी इस शराबी से पस्त होकर अनदेखी कर चुके थे।   जबकि शराबी के कारण महिला मरीजों सहित अन्य लोगों को भी परेशानी हो रही थी। इसी दौरान कोविड केयर सेंटर में तैनात पुलिसकर्मी शैलेन्द्र ने जब शराबी को रास्ते से हटने को कहा तो शराबी ने उसके साथ भी दारु खोरी दिखाते हुए गाली गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस वाले ने शराबी को उसी की भाषा में समझाते हुए बालों से पकड़ कर घसीटते हुए बाहर करने में देर नही की।
  कोरोनावायरस संक्रमण काल के चलते जब किसी की भी हिम्मत शराबी को वहां से हटाने की नहीं हो रही थी ऐसे में एक पुलिस कर्मी द्वारा व्यवस्था बनाने के लिए की गई इस कारवाही को वहां मौजूद तमाशाईयो ने मोबाइल में रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। महज 12 सेकंड की यह वीडियो मीडिया तक पहुंचने के बाद मामले को लेकर एसपी से सवाल-जवाब किए जाने का दौर शुरू होते ही उपरोक्त पुलिसकर्मी को सस्पेंड किए जाने में देर नहीं की गई।  इस शराबी के किसी मरीज का रिश्तेदार बताए जाने के बाद उसे अस्पताल के बाहर करके छोड़ दिया गया था। लेकिन नशा तो सिर चढ़कर बोल रहा था। अस्पताल से बाइक से जाते उपरोक्त शराबी भाजपा आफिस के समीप एक राहगीर को टक्कर मारकर सड़क पर फिर धराशाई हो गया जिसके बाद कोतवाली पुलिस द्वारा उसको पकड़कर जिला अस्पताल में एमलसी करा कर उसके खिलाफ 184 के तहत कार्रवाई की गई है। 
पूरे हालात ने जिला अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों पर हर महीने खर्च किए जाने वाली लाखों रुपए की राशि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब यह सब घटनाक्रम हो रहा था उस समय जिला अस्पताल की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाली सुरक्षा एजेंसी के गार्ड आगे क्यों नही आए?  वह क्या कर रहे थे यह भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है?  वही इस मामले की मीडिया की सुर्खियां बन जाने के बाद यदि मानव अधिकार आयोग भी इसे संज्ञान में लेकर सवाल जवाब करें तो आश्चर्य नहीं होगा !

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