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प्रोफ़ेसर वर्षा के परिवार ने तैयार की मन मोहक गणेश प्रतिमाएं.. दस दिनों तक पूजन अर्चन के बाद घर पर ही विसर्जन करके गमले में लगाएगी तुलसी.. ऑन लाइन बताए गणेश प्रतिमा बनाने के टिप्स.. इधर तीजा पर व्रत रखकर महिलाओं ने कोरोना से पति की रक्षा हेतु मंगल गीत गाए..

प्रोफ़ेसर के परिवार ने तैयार की मनभावन गणेश प्रतिमाएं
दमोह। इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से सभी पर्व त्यौहार फीके पड़ गए है। वही भीड़ का जमावड़ा रोकने के लिए सभी सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इधर गणेश चतुर्थी में बाजार में बिकने को आने वाली प्लास्ट आफ पेरिस की प्रतिमाओं पर भी प्रशासन ने रोक लगा दी है। ऐसे में लोगों को अपने घरो में स्थापित करने के लिए मन पसंद गणेश प्रतिमा की तलाश में भटकना पड़ रहा है। वही जहां चाह वहां राह की तर्ज पर पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में प्रोफेसर परिवार  के सदस्यों द्वारा रखकर घर पर ही गणेश प्रतिमा निर्माण की अनूठी पहल करने के साथ अन्य लोगों को भी ऑनलाइन मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
हम बात कर रहे हैं दमोह के सुरेखा कॉलोनी में रहने वाली प्रोफेसर वर्षा जी की जो घर पर रहकर भगवान गणेश की प्रतिमा बना रही हैं और सभी को ऑनलाइन के माध्यम से भी गणेश प्रतिमा बनाने की कला सिखा रही हैं, इस काम में प्रोफेसर वर्षा को परिवार के अन्य सदस्य भी सहयोग  करते नजर आ रहे है। इस संदर्भ में प्रो वर्षा व उनके ससुर  प्रोफेसर आरपी पटेल का क्या कहना है आपको सुनाते है।
यह एक बहुत ही अच्छा प्रयास है कि घर पर रहकर गणेश जी की मूर्ति बनाई जाए और उसे इको फ्रेंडली तरीके से विसर्जित किया जाए घर पर बनाई हुई मूर्तियों में किसी भी प्रकार का केमिकल उपयोग नहीं होता है। जिससे पर्यावरण को भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता और जब मूर्ति का विसर्जन किया जाता है तो उसे अपने घर पर ही एक गमले में विसर्जित करें और बाद में उस गमले में एक तुलसी का पौधा रोपा जाए जिससे भगवान गणेश हमेशा हमारे साथ उस तुलसी के रूप में रहेंगे
हरतालिका तीज पर कोरोना से पति की रक्षा हेतु प्रार्थना
इधर हरितालिका तीज के व्रत के अवसर पर माता बहनों ने निर्जला व्रत रखते हुए पति की लंबी आयु की कामना करते हुए व्रत जारी है साथ ही इस समय अपने दमोह शहर के साथ-साथ देश और दुनिया में कोरोना नामक वैश्विक महामारी से भी पति की रक्षा के लिए महिलाओं ने व्रत रखा और कोरोना के ऊपर से नियमों का पालन करने के लिए गीतों के द्वारा भी भगवान शंकर पार्वती जी के सामने प्रार्थना की।  नरेंद्र अठ्या की रिपोर्ट

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