जबलपुर तथा सागर में इलाजरत दो कोरोना पेशेन्ट की सांसे थमी..
उनके पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि मेट्रो हॉस्पिटल में 14 दिन के बाद कराई गई उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। लेकिन लिवर प्रॉब्लम तथा सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से वह 2 दिनों से वेंटिलेटर पर थे। आज सुबह उनको एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की तैयारी थी लेकिन इसके पहले ही उनकी आत्मा ने इस नश्वर काया का त्याग कर दिया। उनके निधन की सूचना दमोह पहुंचते ही सिंघई परिवार के अन्य सदस्य जबलपुर पहुंच गए हैं। वही दमोह की जैन समाज वैश्य समाज सहित सर्व समाजों में शोक की लहर छा गई क्योंकि वह वैश्य महा इकाई के जिला अध्यक्ष भी थे।
उल्लेखनीय है कि सिंघई परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट भी पाजेटिव आने पर इनका जिला अस्पताल में 14 दिनों तक उपचार चला था तथा 2 दिन पहले सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर दमोह जिला अस्पताल से सिंघई परिवार के 8 सदस्यों को डिस्चार्ज किया गया था। लेकिन जबलपुर में इलाज रत मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी उनको डिस्चार्ज नहीं किया जा सका था। क्योंकि वह स्वस्थ्य स्थिति मैं नहीं थे। विनम्र श्रद्धांजलि💐💐💐
हटा निवासी रिटायर शिक्षक ने सागर में अंतिम सांस ली..
दमोह। रक्षा बंधन के त्यौहार के ठीक पहले जिले के 2 और वरिष्ठ मरीजों की कोरोना के इलाज के दौरान मौत हो जाने का दुखद समाचार सामने आया है। इनको मिलाकर जिले में कोरोना मरीजो की मौत की संख्या 3 हो गई है। दमोह के फुटेरा निवासी मरीज की मौत पिछले दिनों जहां सागर से भोपाल ले जाते समय हुई थी वही दूसरी मौत सागर में तथा तीसरी जबलपुर में होने की जानकारी सामने आई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग तीसरे मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने की बात कर रहा है। इसके बावजूद उनको मेट्रो हॉस्पिटल से छुट्टी नहीं दी गई थी जैसा कि अन्य मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर दी जाती है।दमोह के महावीर वार्ड निवासी और कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पदाधिकारियो के वरिष्ठ परिजन किडनी लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। जिस के इलाज के लिए वह जबलपुर से नागपुर होते हुए मुंबई तक गए थे। जहां से वापस लौट कर आने पर वह कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे। जिसके बाद जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में उनका उपचार चल रहा था। जहां पर पिछले दिनों डॉक्टर स्टाफ की मौजूदगी में उनका जन्मदिन भी मनाया था।
उल्लेखनीय है कि सिंघई परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट भी पाजेटिव आने पर इनका जिला अस्पताल में 14 दिनों तक उपचार चला था तथा 2 दिन पहले सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर दमोह जिला अस्पताल से सिंघई परिवार के 8 सदस्यों को डिस्चार्ज किया गया था। लेकिन जबलपुर में इलाज रत मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी उनको डिस्चार्ज नहीं किया जा सका था। क्योंकि वह स्वस्थ्य स्थिति मैं नहीं थे। विनम्र श्रद्धांजलि💐💐💐
हटा निवासी रिटायर शिक्षक ने सागर में अंतिम सांस ली..
इधर हटा निवासी 65 वर्षीय रिटायर शिक्षक की कोरोना रिपोर्ट पाजेटिव आने के बाद पिछले दिनों सागर रेफर किया गया था। जहां उनकी मौत हो जाने की खबर आज सुबह हटा की मुरली मनोहर वार्ड स्थित परिजनों तक पहुंची। बताया जा रहा है कि उपरोक्त मरीज शुगर बीपी आदि से भी पहले से पीड़ित थे तथा फुटेरा निवासी जिस मरीज की पिछले दिनों सागर से भोपाल ले जाते समय मृत्यु हो गई थी उनके परिजनों की कांट्रैक्ट हिस्ट्री मैं शामिल होने से इनकी कोरोना जांच कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट पाजेटिव आने के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल से सागर रैफर किए गए थे। जहां इलाज के दौरान मौत हो जाने की खबर सामने आई है। परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्माओ को अपने चरणों में स्थान दें तथा परिजनों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति शांति शांति..



1 टिप्पणियाँ
Aap patients ka nam v likha kijiye
जवाब देंहटाएंJaise Hatta mein retire teacher ke death hue