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भाजपा के प्रवासी नेताओं की मलैया दरबार में दस्तक.. हटा के हजारी पिता पुत्र की जोड़ी के बाद.. पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी हरिशंकर चौधरी ने की पूर्व मंत्री जयंत मलैया से मुलाकात.. इधर बाबाजी से खटास कम होने का पार्टी को इंतजार..

पुष्पेंद्र हजारी और हरिशंकर चौधरी ने पूर्व मंत्री मलैया से मुलाकात की
मध्य प्रदेश मैं शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का अनुमान पिछले चार दिन से "दूर की कौड़ी" साबित हो रहा है। लेकिन भाजपा कार्यालय में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक के रूप में भाजपा में एंट्री लेने वाले नेताओं ने अब अपने अपने क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात का दौर शुरू कर दिया है। 
दमोह जिले के राजनीतिक परिदृश्य पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थको की भाजपा में एंट्री का दोहरा असर देखने को मिला है। पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया की भाजपा में वापसी के बाद हटा में पार्टी नेताओं द्वारा जोरदार स्वागत कार्यक्रम किया जा चुका है। जिसमें हटा विधायक पीएल तंतुबाय से लेकर पूर्व विधायिका उमादेवी खटीक सहित अन्य नेता शामिल होकर गुरु पूर्णिमा का पर्व मना चुके हैं। लेकिन पार्टी को अभी बाबाजी और मलैया के बीच की खटास के मिठास में बदलने का इंतजार है।
इधर हटा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर चौधरी ने भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जयंत मलैया से उनके आवास पर मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उम्मीद की जा रही है कि हरि शंकर को भाजपा में आने का तथा भाजपा को हरिशंकर के आने का दोहरा लाभ प्राप्त होगा।
पिता पुत्र की अनुभवी जोड़ी ने की मलैया से मुलाकात- 
हटा के अनुभवी नेता पुष्पेंद्र हजारी ने अपने बेटे अनुराग वर्धन के साथ पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के आवास पर पहुचकर मुलाकात की। इस दौरान श्री मलैया के बेटे सिद्धार्थ तथा पथरिया के पूर्व विधायक लखन पटेल की भी मौजूदगी रही।
लंबे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस, बसपा, समाजवादी पार्टी में रहकर तथा हटा पथरिया से विधान सभा चुनाव लड़कर पुष्पेंद्र हजारी दमदार प्रदर्शन का लोहा मनवा चुके हैं। वही उनके बेटे अनुराग अल्प राजनीतिक जीवन में कांग्रेस से टिकिट नही मिलने पर समाजवादी पार्टी में जाकर विधानसभा चुनाव लड़ चुके है। वही वापिस कांग्रेस में आने के बाद अब भाजपा में नई पारी की शुरुआत कर रहे है। लेकिन भाजपा की युवा राजनीति में इनकी राह एकदम आसान नही होगी। क्यो की हटा क्षेत्र से ही एक और युवा नेता की आने वाले दिनों में भाजपा में सक्रियता सब पर भारी पड़ सकती है। 
दादा पोते की जोड़ी भाजपा में कितना रंग जमा पाएगी ?
 पूर्व मंत्री पूर्व सांसद और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के  अध्यक्ष रहे वरिष्ठ नेता रामकृष्ण कुसमरिया की भाजपा में वापसी के साथ ही उनके बेटे के बेटे यानि पोते युवराज कुसमरिया भी भाजपा में सक्रिय राजनीति पारी की फिर से शुरुआत के मूड में है। पूर्व में भी अपने दादा की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने सक्रियता दिखा चुके युवराज कुसमरिया यदि आने वाले दिनों में कुसमरिया बाबा की राजनीतिक विरासत के युवराज बनकर उभरे तो किसी को आश्चर्य नहीं होगा। पूर्व मंत्री पुत्र सिद्धार्थ मलैया की तरह युवराज कुसमरिया और अनुराग वर्धन हजारी भी भाजपा के युवा चेहरों के तौर पर सक्रिय भूमिका में अग्रिम पंक्ति में प्रभावी भूमिका में नजर आए तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी हैं।..अटल राजेन्द्र जैन..

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