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प्रधुम्न सिंह के भाजपा में शामिल होने की भनक उनके चचेरे भाई दमोह विधायक राहुल सिंह को भी नही लगी.. राहुल ने कहा उनका भाजपा में जाने का सवाल ही नहीं.. आगामी उपचुनाव में जनता दल बदलूओं को जवाब देगी.. बाबाजी के बाद मलैया विरोधी दूसरे नेता की BJP में एंट्री..!

बड़ा मलेहरा से कांग्रेस विधायक प्रधुम्न सिंह भाजपा में.. 
भोपाल/दमोह। छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए प्रद्युम्न सिंह लोधी ने कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। भाजपाई इसे से प्रधुम्न सिंह की घर वापसी मान रहे है वही कांग्रेस को मप्र में उप चुनाव की घोषणा के पूर्व जोरदार झटका कहा जा रहा है। प्रद्युम्न सिंह के साथ कांग्रेस के एक और विधायक के इस्तीफा देने की चर्चाएं चल रही थी लेकिन उनके चचेरे भाई दमोह विधायक राहुल सिंह का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर भाजपा में नहीं जा रहे हैं।
रविवार दोपहर अचानक सामने आए सियासी घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल मचा देने जैसे हालात निर्मित कर दिए है। लोग पड़ोसी प्रदेश राजस्थान की राजनीति में मची उथल-पुथल की खबरें टीवी चैनलों पर और सोशल मीडिया पर देख रहे थे, अचानक मप्र में हुए इस उलटफेर ने राजनीतिक पंडितों की पूर्व अनुमानों को मौसम के पूर्व अनुमानों की तरह साबित कर दिया है। विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेजने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निर्देशन में मलहरा विधायक रहे प्रधुम्न सिंह लोधी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा से मुलाकात की थी। इसके बाद बीजेपी ऑफिस पहुंचकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। बदले हुए हालातों में अब प्रदेश में 24 की जगह 25 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव होना लगभग तय माना जाने लगा है। 
दमोह विधायक राहुल सिंह ने कहा वह कांग्रेस में ही रहेंगे..
प्रदुमन सिंह के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद उनके चचेरे भाई और दमोह विधायक कांग्रेस नेता राहुल सिंह से जब चर्चा की गई तो उनका साफ तौर पर कहना था वह किसी भी कीमत पर भाजपा में नहीं जा रहे हैं उन्होंने प्रदुमन सिंह के भाजपा में शामिल होने के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं होने की बात भी कही है राहुल का कहना है शुरू से ही कांग्रेस में रहे हैं और कांग्रेस ने ही उन्हें टिकट देकर विधायक तक पहुंचाया है। ऐसे में उनका कांग्रेस छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।
 भाजपा में जाने की अटकलों पर पूर्व में देते रहे है सफाई..
उल्लेखनीय है कि मार्च 2020 में जब प्रदेश में सत्ता की घमासान को लेकर सियासी उठापटक चल रही थी उस दौरान भी विधायक प्रदुमन सिंह के भाजपा में शामिल होने तथा भाजपा नेताओं के संपर्क में होने की खबरें मीडिया में आई थी, जिसके बाद उन्होंने दमोह में अपने चचेरे भाई और कांग्रेस विधायक राहुल सिंह के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इन खबरों का खंडन किया था तथा इस तरह की खबरें प्रकाशित करने वाले दैनिक भास्कर समूह को मानहानि के नोटिस भी जारी किए थे।
पूर्व में दमोह मंडी अध्यक्ष रह चुके हैं प्रदुमन सिंह..
दमोह जिले के हिंडोरिया राजघराने से ताल्लुकात रखने वाले प्रदुमन सिंह पूर्व में दमोह कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष रहने के साथ भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के खास सिपहसालार में गिने जाने वाले प्रदुमन सिंह ने मप्र विधान सभा चुनाव के पहले कांग्रेस नेता कमलनाथ की मौजूदगी में दमोह में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। तथा बाद में इन्हें बड़ा मलहरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किया गया था। हालांकि उस समय उन्हें कांग्रेस टिकट दिलाने में पर्दे के पीछे उमा दीदी की सिफारिश की चर्चाएं सरगम रही थी। बाद में सुश्री उमा भारती ने बड़ा मलहरा से भाजपा प्रत्याशी रही पूर्व मंत्री ललिता यादव के पक्ष में चुनावी सभाए करके इस तरह की अटकलों को खत्म किया था। अभी भी भाजपा मैं प्रवेश के पूर्व उमाजी से उनकी मुलाकात की चर्चाएं सरगम रही है।
बाबाजी के बाद मलैया विरोधी दूसरे नेता की एंट्री..प्रदुमन सिंह के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की एक बड़ी वजह उनकी प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के साथ पटरी नहीं बैठना भी बताया जाता रहा है। वही अब पूर्व मंत्री कुसमरिया बाबा के बाद इनकी भाजपा में वापसी से यह तय हो गया है कि अब पार्टी को उन नेताओं से कोई गुरेज नहीं है जो मलैया विरोध के चलते पार्टी में हाशिए में आने के बाद कांग्रेस में चले गए थे। पिछले दिनों इस तरह के आरोप  जिला पंचायत अध्यक्ष  शिवचरण पटेल खोलकर लगा चुके हैं। ऐसे में अन्य नेताओं की भी अब भाजपा में वापसी तय दिखने लगी है। पिक्चर अभी बाकी है..अटल राजेन्द्र जैन

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