पारिवारिक विवाद के चलते.. बेटे के गले पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करके भागे पिता का शव.. जंगल में फांसी के फंदे पर झूलता मिला.. अपने ही गमछे से पेड पर फंदा बनाकर कर ली जीवन लीला समाप्त.. देहात थाना पुलिस पंचनामा कार्रवाई करके जांच में जुटी..

जंगल में पेड़ पर फांसी के फंदे पर झूलता मिला शव..
दमोह। पारिवारिक विवाद के तनाव में इंसान कब शैतान बन जाता है उसका पता ही नहीं चलता और उसे जब इस बात का एहसास होता है तो वह आत्मघाती कदम उठाने से भी नहीं चूकता। ऐसा ही एक घटनाक्रम देहात थाना अंतर्गत भीलमपुर गांव में सामने आया है। जहां बेटे के गले पर कुल्हाड़ी मारकर जानलेवा हमला करने वाले पिता ने बाद में जंगल में पेड़ पर फांसी के फंदे पर झूल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते भीलमपुर टपरिया निवासी बबलू आदिवासी ने गुरुवार रात अपने बेटे के गले पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया था जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद देहात थाना अंतर्गत जबलपुर नाका चौकी पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ धारा 307 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करके तलाश शुरू कर दी थी।
 पुलिस इस मामले में जांच ही कर रही थी कि आरोपी पिता बबलू आदिवासी ने अपने ही गमछे से भीलमपुर के जंगल में पेड़ पर में फांसी के फंदे पर झूल कर खुदकुशी कर ली। शनिवार सुबह घटना की जानकारी लगने पर जबलपुर नाका चौकी पुलिस  ने मौके पर पहुंच कर पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को फांसी के फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है।
वह इस घटनाक्रम से आदिवासी परिवार में दोहरे मातम जैसे हालात बने हुए हैं। कुल्हाड़ी मारने वाले पिता जहां फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके है वही गले में कुल्हाड़ी लगने से गंभीर बेटे की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है तथा वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है..
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