लॉक डाउन में घर वापिस लौटे.. बलात्कारी को पकड़ने थानेदार बन गए डाक्टर.. 24 साल पहले जबलपुर पेशी से लौटते समय.. हथकड़ी सहित ट्रेन से कूदकर हो गया था फरार.. कुम्हारी पुलिस ने कोरोना की जांच करते हुए फिर कसा शिकंजा..

 थानेदार ने डाक्टर बनकर पकड़ा फरार आरोपी
 दमोह। लॉक डाउन के चलते महानगरों में औद्योगिक गतिविधियां बंद हो जाने से बरसों से बाहर मजदूरी कर रहे लोग अपने गांव में दस्तक दे चुके हैं जिनमें कुछ फरार वारंटी बदमाश भी शामिल है। कुम्हारी थाना पुलिस ने 24 साल से फरार चल रहे एक ऐसे ही स्थाई वारंटी को डॉक्टर का भेष धरकर पकड़ने में सफलता हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुम्हारी थाना अंतर्गत गढ़िया मानगढ़ गांव निवासी दीपा उर्फ दीपक यादव वर्ष 1996 में बलात्कार के प्रकरण मैं गिरफ्तार हुआ था। जेल में बंद रहते हुए जबलपुर से पेशी से लौटते समय वर्ष 1997 में हथकड़ी सहित ट्रेन से कूदकर दीपक फरार हो गया था जिसके बाद  जीआरपी थाना सागर में  धारा 224 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। 
कुम्हारी थाने के स्थाई वारंटी दीपक यादव के लाख डाउन के दौरान वापस लौटे मजदूरों में शामिल होने की जानकारी पुलिस को लगी थी लेकिन पुलिस जब भी गांव पहुंची थी यह छुप जाता था तथा गांव वाले भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं देते थे जिसके बाद थाना प्रभारी श्याम बेन ने उसे पकड़ने के लिए योजना बनाई। बुधवार सुबह कुम्हारी थाना पुलिस की टीम मेडिकल चेकअप करने वाली डॉक्टर टीम के रूप में जोगी डाबर गांव पहुंची। जिसके बाद 24 साल पुराने फरार वारंटी बदमाश को पकड़ने में पुलिस को देर नहीं लगी।
 मामले में कुम्हारी थाना प्रभारी श्याम बैन ने बताया कि स्थाई वारंटी दीपक यादव की गिरफ्तारी के बाद इसकी सूचना जीआरपी सागर को दी गई है। जीआरपी सागर की टीम उसे अपने साथ ले जाकर फेरारी मामले में कार्यवाही करेगी। 24 साल से फरार बदमाश की गिरफ्तारी में कुम्हारी थाना प्रभारी श्याम बैन के साथ आरक्षक राजेश कुमार दीपक से प्रकाश नामदेव और स्वाति नामदेव की उल्लेखनीय भूमिका रही। अभिजीत जैन की रिपोर्ट
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