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सागर कमिश्नर ने छतरपुर एसडीएम अनिल सपकाले को किया निलंबित.. अपने ही आफिस में हमला तोडफोड़ की साजिश रचने वाले SDM से पूछताछ जारी.. यूनिवर्सिटी संचालक, भाजपा नेता व अन्य साथी तीन दिन की पुलिस रिमांड परर..

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने किया घटना का खुलासा 
छतरपुर/सागर एसडीएम कार्यालय में 2 दिन पूर्व तोड़फोड़ और हमले के पीछे स्वयं SDM अनिल सपकाले और उनके साथियों ने साजिशों रची थी। मामले के पर्दाफाश के बाद सागर आईजी अनिल शर्मा ने पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहां कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इधर एसडीएम अनिल सपकाले पर प्रकरण दर्ज होने के बाद सागर कमिश्नर द्वारा सपकाले को निलंबित कर दिया गया। आरोपी पुष्पेंद्र गौतम, जावेद अख्तर एवं राजू चैहान कीि गिफ्तारी के बाद पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है वहीं छतरपुर पुलिस की करूटडी में एसडीएम सपकाले से पूछताछ जारी है। 
 पूरे घटनाक्रम का परत दर परत खुलासा करते हुए एसपी तिलक सिंह एवं एडिशनल एसपी जयराज कुबेर में शुक्रवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को जानकारी दी। पुलिस टीम ने जांच के साथ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते एसडीएम अनिल सपकाले, कृष्णा यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पुष्पेंद्र सिंह गौतम, भाजपा नेता जावेद अख्तर के अलावा राजू बुंदेला, अर्जुन श्रीवास, अनिल परमार आदि के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत  प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए हिरासत में लिया है। मामले में अभी एसडीएम अनिल सपकाले से और भी पूछताछ जारी है। वहीं आरोपी पुष्पेंद्र गौतम, जावेद अख्तर एवं राजू चैहान कीि गिफ्तारी के बाद पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है
 एसपी तिलक सिंह ने बताया कि इस घटना के पीछे  मुख्य साजिशकर्ता एसडीएम अनिल सपकाले और कृष्णा यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पुष्पेंद्र गौतम ही थे। जिनमें पूरी घटना की स्क्रिप्ट तैयार की। वही एसडीएम और पुष्पेंद्र गौतम के बीच की बातचीत का ऑडियो भी सुनाया गया। जिसमें साफ तौर पर स्पष्ट होता है कि इन्हीं दोनों ने पूरी घटना का षड्यंत्र रचा था और अनिल सपकाले को पुलिस कस्टडी में रखकर पूछताछ जारी है और भी खुलासे हो सकते हैं। 
 उल्लेखनीय है कि छतरपुर में एसडीएम सपकाले के कार्यालय में बुधवार सुबह तोड़फोड़ व हमले की बारदात के बाद पांच नकावपोशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वहीं एसपी तिलकसिंह ने एएसपी जयराज के नेतृत्व में बारह सदस्यी टीम गठित करते हुए त्वरित जांच व कारवाई के निर्देश दिए थे। घटनास्थल तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पकड़े गए संदेहियों की आपस में बातचीत की रिर्काडिग से यह साफ होने लगा था कि एसडीएम व एक यूनिवर्सिटी के संचालक ही साजिश के सूत्रधार रहे है। इसके बाद पुलिस को साक्ष्य जुटाने में देर नहीं लगी। इसके बाद शुक्रवार को जो खुलासा सामने आया उसने पूरी तस्वीर ही साफ कर दी।

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