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कही पूर्व कलेक्टर स्वतंत्र कुमार की तरह एसपी विवेक सिंह की भी तो नही हो गई विदाई..? रातों-रात निमेष अग्रवाल प्रभारी एसपी बने..! एसपी विवेक सिंह ने जाते जाते 138 पुलिस वालों को यहां से वहां किया..

विवेक सिंह छुट्टी पर, निमेष अग्रवाल प्रभारी एसपी बने !
दमोह। नए साल में कड़ाके की ठंड के बीच पुलिस विभाग में गर्माहट वाली एक के बाद एक दो खबरें सामने आई है। पहली खबर 138 छोटे कर्मचारियों के तबादले से जुड़ी है वहीं दूसरी खबर जिले के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी के अवकाश पर जाते ही उनके स्थान पर प्रभारी एसपी के तौर पर निमेष अग्रवाल की तैनाती है। इसी के साथ इस बात की चर्चा भी सरगम है कि कहीं एसपी विवेक सिंह दमोह के पूर्व कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह की तरह सत्ता रूढ़ दल से जुड़े कतिपय नेताओ की नाराजगी रूपी राजनीतिक चालों के शिकार तो नहीं हो गए ?
 
 दमोह एसपी विवेक सिंह के अवकाश पर जाने और IPS  निमेष अग्रवाल की दमोह में प्रभारी एसपी के तौर पर पोस्टिंग किए जाने की जानकारी सोशल मीडिया ग्रुप में रविवार सुबह से वायरल होने के बावजूद इस संदर्भ में
जारी आदेश की कॉपी सामने नही आई है। इधर SP विवेक सिंह के छुट्टी पर जाने के पूर्व उनके द्वारा पुलिस विभाग के 138 छोटे कर्मचारियों मसलन प्रधान आरक्षक और आरक्षको के एक थाने से दूसरे थाने और अन्य स्थानों पर तबादले किए जाने की 5 पेज की सूची सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल हो रही है।



 एसपी विवेक सिंह के अवकाश पर जानेे के पूर्व 4 जनवरी को 138 छोटे कर्मचारियोंं के तबादले किए जाने को लेेकर जहां तरह-तरह की चर्चा की जा रही है वही एचपी के अवकाश पर जाने के पहले ही भी प्रभारी एसपी की पद स्थापना कर दिए जाने को लेकर भी  लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। कुछ जानकर इसे सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं के मन मुताबिक कार्य नही होने की बजह से विवेक सिंह को अवकाश पर बैठकर प्रभारी एसपी को पदस्थ किए जाने की बात कर रहे हैं।
कुल मिलाकर निमेष कुमार के दमोह एसपी बनकर कर आने और विवेक सिंह के अवकाश पर जाने के हालात की तुलना करीब 5 साल पूर्व दमोह के तत्कालीन कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह के मंदसौर का प्रभारी कलेक्टर बनाकर भेजे जाने जैसे हालात से करने से भी लोग नही चूक रहे है। स्वतंत्र कुमार सिंह को बाद में दमोह वापस आने का मौका नहीं मिला था। क्या इसी तरह के हालात विवेक सिंह के मामले में भी निर्मित किए जाएंगे इसका जवाब 15 दिन बाद ही लग सकेगा। लेकिन यदि विवेक सिंह को भी स्वतंत्र कुमार सिंह की तरह राजनीतिक कारणों से रातों-रात हटाया गया है तो इसको दमोह का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा। क्यों की विवेक सिंह की छवि आम जन मानस के बीच एक ईमानदार और निष्पक्ष IPS के तौर पर कायम है। अटल राजेंद्र जैन

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