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मप्र में कमलनाथ सरकार फिर भी कांग्रेस के पूर्व विधान सभा प्रत्याशी पर FIR.. मीडिया के सामने आए जनपद अध्यक्ष पति ने एक बड़े नेता के दबाव में पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई के आरोप.. इधर जनपद सदस्य प्रतिनिधि ने पाला बदला..

 पत्रकार वार्ता में पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई के आरोप
दमोह। पथरिया जनपद पंचायत द्वारा निर्मित कराई गई दुकानों की नीलामी को लेकर जनपद अध्यक्ष पति गौरव पटेल तथा पूर्व जनपद अध्यक्ष पत्नी मनीषा दुबे के बीच कलेक्ट्रेट सभाकक्ष के समीप हुई तीखी बयानबाजी और विवाद का मामला एक तरफा एफआईआर के बाद और भी बढ़ता नजर आ रहा है। 
पथरिया से कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और जनपद अध्यक्ष पति गौरव पटेल ने एक पत्रकार वार्ता का आयोजन करके पुलिस पर उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने तथा उनकी शिकायत पर 3 दिन बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नही करने की बात कही है। श्री पटेल के साथ पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे जनपद सदस्य प्रतिनिधि खिलान अहिरवार ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए मनीषा दुबे और रूद्र प्रताप सिंह के खिलाफ की गई शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की हैं।
 यहां उल्लेखनीय है कि 4 नवंबर को कलेक्ट्रेट कार्यालय मैं गौरव पटेल और मनीषा दुबे के बीच हुए विवाद के बाद मनीषा दुबे जब मीडिया से चर्चा कर रही थी उस समय जनपद सदस्य प्रतिनिधि खिलान अहिरवार भी उनके साथ खड़े नजर आए थे। वहीं अब उन्होंने गौरव पटेल के साथ पत्रकार वार्ता में मौजूद रहकर जातिगत अपमान तथा धमकाने की शिकायत एसपी ऑफिस और अजाक्स थाने में दिए जाने के बाद कोई कार्यवाही नहीं होने पर मीडिया के समक्ष अपना दुखड़ा सुनाया।
एक नजर 4 नवंबर को कलेक्ट्रेट में हुए घटनक्रम पर-
आपको बता दें कि 4 नवंबर को पथरिया जनपद की दुकानों के मामलों को लेकर गौरव पटेल तथा मनीषा दुवे  अपने अपने समर्थक जनपद सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। जहां कलेक्टर से मिलने के इंतजार में वेटिंग रूम में इन दोनों के बीच जमकर तकरार हो गई थी। बाद में मीडिया से चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। 
वही कलेक्टर तरुण राठी से अलग-अलग मुलाकात करके लिखित शिकायतें दी थी। जिसपर कलेक्टर ने दुकान आवंटन में गड़बड़ी मामले में जांच के निर्देश दिए गए थे।इधर मनीषा दुबे द्वारा द्वारा एसपी ऑफिस पहुंचकर की गई शिकायतों के बाद गौरव पटेल सहित चार लोगों के विरुद्ध दमोह कोतवाली में दूसरे दिन एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। लेकिन गौरव पटेल तथा खिलान अहिरवार के द्वारा की गई शिकायतों पर मनीषा दुबे और रूद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई।
जिसके बाद गौरव पटेल और खिलान अहिरवार ने संयुक्त रूप से गुरुवार शाम होटल रेड रोज में पत्रकार वार्ता करके मीडिया को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। तथा विधान सभा के एक बड़े नेता के दबाव में पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी शिकायत पर एफ आई आर दर्ज नहीं करने की आशंका जताई है। तथा एसपी से उनकी शिकायत के आयोजनों पर कार्यवाही करते हुए दूसरे पक्ष पर भी मामला पंजीबद्ध किए जाने की मांग की गई है।
कुल मिलाकर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के दौरान जिस तरह से कांग्रेस समर्थित दो नेता जो पूर्व में पार्टी की टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इनके बीच में जनपद पंचायत की दुकानों को लेकर लगातार शिकायती शीत युद्ध गरमाने जैसे मामले में पुलिस द्वारा एक तरफा कार्रवाई करने फिर भी कांग्रेस के बड़े नेताओं की चुप्पी साधे रहने से विपक्षी दलों के नेताओं को चटकारे लेकर चर्चा करने और आरोप लगाने का अवसर मिल गया है। अटल राजेंद्र जैन 

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