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जनपद की दुकानों को लेकर कांग्रेस के दो पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों का विवाद कलेक्टोरेट से कोतवाली पहुचा.. पूर्व जनपद अध्यक्ष पत्नि की रिपोर्ट में पर वर्तमान जनपद अध्यक्ष पति सहित 4 के खिलाफ गालीगलौच व धमकाने का मामला दर्ज..

 पथरिया जनपद अध्यक्ष पति सहित 4 पर मामला दर्ज
दमोह। मप्र में 15 साल के बाद सत्ता में पहंची कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ को प्रदेश में सरकार चलाने के लिए जहां विभिन्न मोर्चाे पर जूझना पड़ रहा है वहीं कांग्रेस के कुछ नेता सत्ता के जोश में आपस में उलझकर विपक्ष को उंगली उठाने तथा खिल्ली उड़ाने का अवसर प्रदान कर रहे है। दमोह में एक दिन में दो ऐसे ही मामले सामने आए है जिनमें कांग्रेस नेताओं को विरोधियों के जबाव देना मुश्किल होता दिखा। 
  पथरिया जनपद की दुकानों के आवंटन को लेकर विरोधियों के निशाने पर आए जनपद अध्यक्ष पति गौरव पटेल के खिलाफ कोतवाली में कांग्रेस नेत्री तथा पूर्व जनपद अध्यक्ष पत्नि मनीषा दुबे की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। बता दे कि यह दोनो नेता पूर्व के वर्षो में कांग्रेस की टिकिट पर चुनाव लड़कर हार का स्वाद चख चुके है। गौरव पटेल की पत्नि रंजीता जहां पिछले पांच साल से पथरिया जनपद की अध्यक्ष है वहीं गौरव स्वयं पिछले साल कांग्रेस टिकिट पर विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी थे। इधर मनीषा दुबे जहां 2008 में कांग्रेस टिकिट पर पथरिया से चुनाव लड़ी थी वहीं उनके पति बबलू दुबे पूर्व में पथरिया से जनपद अध्यक्ष थे।
 कांग्रेस के इन दो पूर्व प्रत्याशियों के बीच जनपद की दुकानों को लेकर चल रहा तकरार सोमवार को कलेक्टोरेट में जुवानी जंग में तबदील होने के बाद कलेक्टर तक पहंचा था। वहीं महिला नेत्री द्वारा एसपी को दी गई शिकायत की जांच के बाद मंगलवार रात जनपद अध्यक्ष पति गौरव पटेल, गोविंद पटेल व साथियों के खिलाफ दमोह कोतवाली में घारा 294, 506 एवं 34 का मामला पंजीवद् कर लिया गया है।



युवा मोर्चा का ज्ञापन, युवा कांग्रेस नेता की पद से छुट्टी
दमोह जिले के छात्रावासों में अपनी किराना दुकान की सामग्री सप्लाई कराने के लिए प्रभारी मंत्री से लेकर विधायक की अनुशंसा कराने का एक पत्र सार्वजनिक होने के बाद भाजपा युवा मोर्चा ने मंगलवार को अध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा के नेतृत्व में कलेक्टोरेट पहंचकर ज्ञापन देने में देर नहीं की थी। वहीं कुछ घन्टे बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल ठाकुर ने उक्त युवा नेता की पद से छुट्टी करने की घोषणा करके युवा मोर्चा की आगे की रणनीति की हवा निकाल दी।
कांग्रेस के आंदोलन में विधायक के अनुपस्थिति चर्चा में-
सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान दमोह के विधायक राहुल सिंह की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। जबकि शाम को जन संपर्क विभाग की ओर से उनके स्कूलों के निरीक्षण का प्रेस नोट जारी हुआ था। जिससे स्पष्ट होता था विधायक जी दमोह के ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद रहे। लेकिन वह शहर में आयोजित कांग्रेस के ज्ञापन प्रदर्शन में शामिल होने क्यों नहीं पहुंचे ? इसको लेकर कांग्रेश के बड़े नेताओं और पदाधिकारी चुप्पी साधे रहे। 
इसके पूर्व रविवार को इसी कार्यक्रम को लेकर आयोजित कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी की पत्रकार वार्ता में विधायक राहुल सिंह नजर नहीं आए थे। इन हालातों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिला कांग्रेस संगठन और विधायक के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
कुल मिलाकर कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद पार्टी के कुछ नेताओं के बीच चल रहे विपक्षियों जैसे तकरार व टकराव के हालात ने भाजपा को चटकारे लेकर आरोप लगाने का अवसर दे दिया है। वहीं पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों की खामोशी कहीं न कहीं उनकी मजबूरी को बयान करती नजर आ रही है। अटलराजेंद्र जैन 

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