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दोपहर के समय आंगनवाड़ी का निरीक्षण करने पहुंची जनपद उपाध्यक्ष.. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने "ता ता थईया" की मुद्रा में नृत्य करते हुए.. शासकीय योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर आईना दिखाया..

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने योजनाओं को आईना दिखाया
दमोह। शासन द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए भले ही बच्चों को शिक्षित दीक्षित करने से लेकर  उनके कुपोषण को दूर कराने जैसे  अभियानों का संचालन किया जा रहा हो लेकिन इतने कम मानदेय में किस तरह मानसिक तनाव भरे हालात में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कार्य करते हैं इसका अंदाजा इस वीडियो को देखकर लगाया जा सकता है।  
 दरअसल यह नजारा दमोह के उप नगरीय क्षेत्र आम चोपरा रैयतवारी का है। जहां मंगलवार दोपहर जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमति मनीषा तिवारी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बारे में जैसे ही जानकारी लेना चाही तो वहां मौजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता परिमाला श्रीवास्तव का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचते देर नही। उन्होंने दोपहर के समय बच्चों के घर चले जाने के हालात का हवाला देने के साथ आंगनबाड़ियों के जरिए शासन की मंशा पर भी सवाल खड़े कर दिए
 वह कहने से भी नहीं चूके कि बच्चों को पानी जैसी पतली सब्जी ओर रोटी देने से कुपोषण दूर नहीं होता। यहां पर रिकॉर्डिंग कर रहे एक खबर नवीस को भी फटकारने से यह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं चूंकी। इस दौरान यहां पर बच्चों की भी भीड़ लग गई तथा वह भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हरकतों को चटकारे तथा मजा ले कर देखते रहे। इस पूरे मामले के बाद जनपद उपाध्यक्ष श्रीमति मनीषा तिवारी के द्वारा अपर कलेक्टर से परिमाला श्रीवास्तव के व्यवहार की शिकायत किए जाने और कारवाई की मांग की जानकारी सामने आई है। 
  वही कहीं ना कहीं उपरोक्त हालात छोटे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मानसिक हालत और आर्थिक व्यथा को भी दर्शाते नजर आ रहे है। शासन को इन जैसे छोटे मानदेय कर्मचारियों के वेतन और मानसिक हालात को लेकर भी जरूर ध्यान देना चाहिए। इस वीडियो को दिखाने का हमारा यही मकसद है।

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