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नवरात्र में भ्रष्ट रिश्वतखोरो के लिए बना अशुभ योग.. पहले ही दिन संयुक्त संचालक एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए.. 25 लाख भुगतान के एवज में पौध नर्सरी संचालक से ले रहा था रिश्वत..

संयुक्त संचालक को एक लाख की रिश्वत लेते दबोचा
भ्रष्ट रिश्वतखोर अधिकारियों के लिए नवरात्र पर्व में अशुभ योग बन रहा है। अतः गलत तरीके से धन कमाने वाले सावधान हो जाए क्यों कि पितृपक्ष में 17 सितंबर से शनि के मार्गी होते ही हनीटेªप बालाओं के गिरफ्तारी के साथ गलत कार्य करने वालों का बेनकाब होने का सिलसिला हो चुका है वहीं 24 सितंबर से मंगल के राशि परिवर्तन से भ्रष्ट रिश्वतखोर अधिकारियों के पकड़े जाने का योग बना हुआ है। नवरात्र के पहले ही दिन लोकायुक्त की कार्यवाही से एक भ्रष्ट अधिकारी के बेनकाब होने का सिलसिला भी अब शुरू हो चुका है। 

जबलपुर। लोकायुक्त टीम ने एक बार फिर तत्परता के साथ कार्यवाही करते हुए रविवार अवकाश के दिन रिश्वतखोर सयुक्त संचालक को एक लाख रुपए की  रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचने में सफलता हासिल की है। नवरात्र के पहले दिन ही एक रिश्वतखोर के पकड़े जाने के बाद कहा जा सकता है कि नवरात्र के 9 दिन भ्रष्ट अफसरों के लिए ठीक नहीं रहेंगे।
                                         

ट्रैप कार्रवाई की जानकारी देते हुए जबलपुर लोकायुक्त के डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि एक पौध नर्सरी संचालक ने लोकायुक्त एसपी को शिकायत की थी कि आरबी राजोदिया संयुक्त संचालक उद्यानिकी जबलपुर संभाग जबलपुर के द्वारा नर्सरी से सप्लाई किए गए पौधों के बिल 25 लाख रुपए निकालने के एवज में एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने अपना जाल बिछाते हुए रविवार दोपहर आधार ताल स्थित संयुक्त संचालक आरबी राजोरिया के निवास पर पहुंचकर ट्रैप कार्यवाही करते हुए कोर को रिश्वतखोर को रंगे हाथों दबोच लिया उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओ के तहत पंजीबद्ध करके कार्यवाही की गई है।
लोकायुक्त के ट्रैप की खबर लगते हैं अधारताल क्षेत्र में हड़कंप के हालात बनते देर नहीं लगी। इस कारवाई में उप पुलिस अधीक्षक जेपी वर्मा, निरीक्षक ऑस्कर किंडो, निरीक्षक कमल सिंह उईके, आरक्षक दिनेश दुबे, विजय सिंह बिष्ट, अतुल श्रीवास्तव,  प्रधान आरक्षक ड्राइवर रविंद्र सिंह सहित टीम के सदस्यों की मौजूदगी रही। जबलपुर से आलोक जैन सहारा की रिपोर्ट

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