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जन्माष्टमी के ठीक पहले..17 वर्ष बाद माता रुकमणी देवी की प्रतिमा वापिसी पर जश्न का माहौल.. जगह जगह हुई भव्य आगवानी..केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के प्रयासों से आखिरकार ग्यारसपुर संग्रहालय से दमोह पहुंची प्रतिमा..

 माता रुकमणी प्रतिमा वापिसी पर जश्न का माहौल
दमोह। कुंडलपुर स्थित रुकमणी मठ से वर्ष 2002 में चोरी जाने के बाद राजस्थान से बरामद हुई रुकमणी देवी की प्रतिमा पिछले 17 वर्षों से विदिशा जिले के ग्यारसपुर संग्रहालय में रखी हुई थी। जिसे बापस लाने के लिए लगातार धर्म प्रेमी जन लगातार मांग करते रहे थे। वही चुनाव के दौरान भी इज बड़ा मुद्दा बना था। 
दमोह से दूसरी बार सांसद निर्वाचित होने के साथ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में संस्कृति और पर्यटन मंत्री बनाए गए प्रह्लाद पटेल के प्रयासों से आखिरकार बात रुकमणी देवी जी प्रतिमा जन्माष्टमी के ठीक पहले दमोह पहुंचते ही जश्न का माहोल बना हुआ है।
बुधवार दोपहर सोशल मीडिया पर जैसे ही रुकमणी देवी की प्रतिमा के आगमन की खबर वायरल हुई वैसे ही धर्म प्रेमी जनों के बीच हर्ष के साथ उसका माहौल बनते देर नह लगी। कुछ ही देर में विभिन्न दलों से जुड़े धर्मप्रेमी जनों की भीड़ तीन गुल्ली एवं सागर नाका पहुच गई थी। हालांकि रुकमणी देवी की प्रतिमा जिस वाहन से आ रही थी उसके रास्ते मे जगह जगह स्वागत की बजह से रुकते हुए आने से करीब 3 घंटे देरी से दमोह पहुंचने की वजह से लोग व्याकुल होते रहे। फिर भी लोगो का उत्साह कम नही हुआ। इसके बाद शाम 7 बजे पावर ग्रिड बायपास से धूमधाम से जुलूस के रूप में प्रतिमा जी का सागर नाके से शहर में प्रवेश हुआ।
रात करीब 8:00 बजे रुकमणी देवी की प्रतिमा को बड़ी संख्या में उत्साही भक्तजनो की भीड़ रानी दुर्गावती पुरातत्व संग्रहालय लेकर पहुंची। जहा भक्ति भाव के साथ प्रतिमा को रखवा दिया गया है। जल्द ही कुंडलपुर में रुकमणी मठ के आसपास सुरक्षा इंतजाम के बाद प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विधान सभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी राहुल सिंह ने अपने घोषणा पत्र में जहां रुकमणी देवी की प्रतिमा को  वापस लाने का वायदा किया था वहीं वर्ष 2007-08 में  एडवोकेट वैभव सिंह ने रुकमणी देवी की प्रतिमा को वापस कुंडलपुर में स्थापित किए जाने की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली थी। युवक कांग्रेस नेता नितिन मिश्रा ने भी 2018 में दमोह से कुंडलपुर तक पदयात्रा करके रुक्मिणी जी की प्रतिमा वापसी की मांग की थी।
इधर लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद प्रहलाद पटेल ने प्रतिमा को वापस लाने का वायदा किया था। जबकि दमोह सांसद के प्रथम कार्यकाल के दौरान भी श्री पटेल द्वारा दो बार लोकसभा में ध्यानाकर्षण में रुकमणी देवी प्रतिमा का मामला लोकसभा में उठा चुके थे। केंद्र सरकार में मंत्री बनने के साथ श्री पटेल के पास संस्कृति विभाग भी आ जाने से रुकमणी देवी की प्रतिमा वापस आने की राह आसान हो गई थी। इस प्राचीन प्रतिमा की वापस आने से जिले वासियों का चेहरा जहां खुशी से खिल उठा है वही सीना भी गर्व से फूल कर 56 इंच का हो गया है। 
इसके लिए सांसद एवं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के साथ चुनाव घोषणा पत्र में वायदा करने वाले विधायक राहुल सिंह से लेकर पदयात्रा करने वाले वैभव सिंह व उनकी टीम और रुकमणी देवी की वापसी की चाह रखने वाली सभी धर्म प्रेमी जन की प्रबल इच्छा शक्ति और धर्म भावनाएं बधाई की पात्र हैं। माता रुकमणी जल्द से जल्द अपने मूल स्थान कुंडलपुर मठ में विराजमान हो ऐसी भावना के साथ मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल को अपने एक और वायदे को पूरा करने के लिए साधुवाद.. अटल राजेन्द्र जैन

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