मेडिकल कालेज की मांग को लेकर विधायक आवास के सामने धरना प्रदर्शन पड़ा महंगा.. बिना परमिशन आंदोलन करने वाले दो दर्जन से अधिक.. भाजपा नेताओं पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज..

विधायक आवास के सामने धरना प्रदर्शन पड़ा महंगा-
दमोह। मेडिकल कॉलेज की मांग को  लेकर कांग्रेस   विधायक राहुल सिंह के आवास के सामने प्रशासन से बिना इजाजत लिए धरना प्रदर्शन करना भाजपा नेताओं के लिए अब महंगा साबित होता नजर आ रहा है। राहुल सिंह की शिकायत पर जांच के बाद पुलिस ने 2 दर्जन से अधिक प्रदर्शन कारी भाजपा नेताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दमोह में मेडिकल कॉलेज  खोले जाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन की बिना किसी पूर्व मंजूरी के विधायक राहुल सिंह के वैशाली नगर स्थित आवास के सामने करीब घँटे भर तक धरना प्रदर्शन नारेबाजी की गई थी। जिस पर बाद में आपत्ति दर्ज कराते हुए विधायक राहुल सिंह ने सुरक्षा को खतरा तथा कानून व्यवस्था का मजाक बताते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। करीब घंटे भर तक चले धरना प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ लिखित शिकायत पुलिस को प्रेषित किए जाने के बाद देहात थाना पुलिस ने धारा 147 341 और 504 के तहत 2 दर्जन से अधिक भाजपा नेताओं के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। 
जिनमे मेडिकल कालेज आंदोलन से जुड़े अनुपम सोनी, मनीष सोनी, मनीष तिवारी, मोंटी रैकवार, हरि रजक, पंकज जड़िया, विशाल शिवहरे, मोनू ठाकुर दीपक सोनी मुख्य रूप से शामिल है। बता दे कि मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर पिछले दिनों नपा टाउन हाल में बैठक के बाद गठित समिति ने मंगलवार को विधायक राहुल सिंह के आवास पर पहुंचकर एक ज्ञापन देने का निर्णय लिया था। तद संदर्भ में विधायक को ज्ञापन देने के लिए पहुंचे मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति के पदाधिकारी जिनमे अधिकांश भाजपा नेता शामिल थे के द्वारा राहुल सिंह के आवास के सामने धरना के साथ देर तक नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया। बाद में ज्ञापन दिए बिना ही प्रदर्शनकारियों वापिस लौट आये थे। इनका कहना था कि पूर्व में समय लेने के बाद भी विधायक राहुल सिंह ज्ञापन लेने नही आए। 
जबकि बाद में मीडिया से मुखातिब हुए राहुल सिंह का कहना था मेडिकल कॉलेज कमलनाथ सरकार की प्राथमिकता में है तथा हर हाल में दमोह में मेडिकल कॉलेज खुलेगा। मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जिस तरह से बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बंगले के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया उससे उनके यहां आने वाले समस्या ग्रस्त ग्रामीण जनों को जो परेशानी हुई तथा सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ उसके लेकर उनके द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के 8 महीने के अंदर ही दमोह में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जिस तरह से भाजपा समर्थकों तथा पूर्व में भी मेडिकल की मांग को लेकर मुंडन प्रदर्शन आंदोलन कर चुके नेताओं द्वारा मेडिकल की मांग को लेकर विधायक को घेरने के प्रयास किए जा रहे थे उसी के जवाब में विधायक शिकायत पर प्रदर्शनकारी भाजपा नेताओं के खिलाफ उसी तरह से एफ आई आर दर्ज किया जाना माना जा रहा है जिस तरह से पिछले दिनों जबलपुर नाके पर बिजली समस्या को लेकर प्रदर्शन चका जाम करने वाले नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया थाअटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट
Reactions

Post a Comment

0 Comments