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पीएचई की हेंडपंप संधारण व्यवस्था की खुली पोल.. भजिया गांव में दूषित पानी के सेवन से उल्टी दस्त का कहर.. गांव में 3 दिन रहेगी मेडिकल टीम.. पीएचई की टीम भी पहुंचेगी..

मेडिकल टीम ने जाँच करके पीड़ितों को दी दवाईयां-
दमोह। एक बार फिर पीएचई विभाग के हेंडपंप संधारण इंतजामों की पोल खुलती नजर आई है। जबेरा जनपद के भजिया गांव में बिगड़े पड़े हेंडपंपों का सुधार नहीं होने से बारिश के दिनों में कुंए के दूषित जल का सेवन करके बड़ी संख्या में लोग उल्टी दस्त के शिकार हो गए। गांव में उल्टी-दस्त बीमारी की खबर लगते ही कलेक्टर तरूण राठी ने तत्काल सीएचएमओ आरके बजाज को निर्देशित करते हुए ग्राम में मेडिकल टीम रवाना करवाई। 
सीबीएमओ डॉ. डीके राय ने मेडिकल टीम के साथ ग्राम में पहुंचकर उपचार प्रारंभ किया। यहां पर 38 मरीजों ने उल्टी-दस्त की शिकायत बताई, जिन्हें तत्काल दवाईयां दी गई। सभी मरीज दवा लेकर अपने घरों को चले गये। यहां करीब 77 मरीजों की जाँच कर उपचार दिया गया शेष मौसमी बुखार-खांसी आदि के मरीज थे। ज्योति सोनी, गौराबाई, सुनीता, प्यारी बाई, थान सिंह, रेवती, क्रांतिबाई, दयाराम, इन्द्रपाल, करिया, ज्योति, गुलाब बाई, सहित अन्य मरीजों की जाँच कर उपचार दिया गया। एक मरीज करिया पिता जीवन 40 वर्ष को जबेरा अस्पताल भेजा गया है। अब यहां स्थिति सामान्य है।

                                        
ग्राम में बीमारी की खबर लगते ही थाना प्रभारी सुधीर नेगी दल के साथ ग्राम पहुंचे और देर शाम तक मेडिकल टीम के साथ गांव में रहे। उन्होंने भी ग्रामीणों को समझाइश दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों की भी मौजूदगी बनी रही। ब्लॉक मेडिकल आफीसर डॉ. राय ने बताया उल्टी-दस्त के सामान्य मरीज थे, सभी को स्वास्थ्य सलाह व समझाइश दी गई है।  उन्होंने बताया एहतियात के तौर पर मेडिकल टीम गांव में 3 दिन रहेगी। ग्राम के कूप में दवा डाली गई है।      

सोमवार को गांव पहुंचेगी पीएचई की टीम-कलेक्टर श्री तरूण राठी ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री श्री अहिरवार को ग्राम में टीम भेजकर हैण्डपम्प सुधार करवाने के निर्देश दिये है। यहां ग्राम में पेयजल आपूर्ति कूप द्वारा की जा रही है का जल शुद्धिकरण मेडिकल टीम द्वारा किया गया।

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