नेशनल लोक अदालत में 12 बिछड़े दंपत्तियों ने फिर थामा एक दूजे का हाथ, कोर्ट में लंबित 314 प्रकरणों का हुआ निराकरण.. विद्युत, बीमा, बैंक, नपा संबंधी अनेकों प्रकरण भी निबटे..

लोक अदालत में 314 प्रकरणों का हुआ निराकरण-
दमोह। जिला कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न न्यायालयों में लंबित 314 प्रकरणों का आपसी राजीनामें से निराकरण किया गया। इस दौरान 12 बिछुड़े दंपत्तियों ने भी फिर से मिलकर नवजीवन के श्ुरूआत का संकल्प लेकर अपनी खोई खुशियों को पाने प्रयास किया। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, में लंबित पारिवारिक मामले, चैक बाउंस, लंबित विद्युत के प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, दूरसंचार, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया । जिनके निराकरण हेतु संपूर्ण जिलों में 20 खण्डपीठों का गठन किया गया। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी के साथ 02-02 सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। 

परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा दिये गये निर्देशानुसार जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय, हटा, पथरिया, तेंदूखेड़ा में प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह शंभू सिंह रघुवंशी के कुशल नेतृत्व में किया गया। जिला न्यायालय दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री रघुवंशी द्वारा गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
 शुभारंभ कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत आर. एस. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजीव कुमार सिंह एवं जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष पंकज खरे, प्रशासनिक अधिकारी, बैंकों के प्रबंधक गण अधिवक्ता गण, पक्षकार गण, न्यायालयीन कर्मचारी गण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, कर्मचारी गण उपस्थित रहे।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह माखनलाल  ने जानकारी देते हुये बताया कि नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 29 प्रकरणों में 8,64,500 रूपये के अवार्ड पारित किये गये तथा विद्युत के लंबित 206 प्रकरणों का निराकरण कर 1145522 रूपये एवं चैक वाउंस के 39 प्रकरणों में सुलह के आधार पर निराकरण कर 4555015 रूपये के अवार्ड पारित किए गये।
 पति-पत्नि के मध्य विवादित लंबित 12 प्रकरणों में राजीनामा एवं आपसी सुलह समझाईश के आधार पर अंतिम निराकरण किया गया और वे पुनः वैवाहिक जीवन जीने के लिए अग्रसर हुये। न्यायालयों में लंबित कुल 314 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा किया जाकर अंतिम निराकरण किया गया। बैंकों, नगरपालिका, विद्युत विभाग एवं दूरसंचार विभाग के प्रिलिटिगेशन के 220 प्रकरणों में 1694744 रूपये की राशि की वसूली की गई तथा विभागों द्वारा आकर्षक छूट का लाभ पक्षकारों को दिया गया।

पक्षकारों को स्मृति स्वरूप फलदार पौधो वितरित-
लोक अदालत में ऐसे पक्षकार जिन्होने प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत में किया है उन्हें वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये फलदार पौधों का स्मृति स्वरूप वितरण किया गया। इस हेतु वन विभाग द्वारा पौधा वितरण स्टॉल जिला न्यायालय परिसर में लगाया गया जिसमें कुल 250 फलदार पौधों का वितरण किया गया।

यह नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशों एवं सभी अभिभाषक बंधुओं, जिला प्रशासन, मीडिया बंधुओं, जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टॉफ के सहयोग से सम्पन्न हुई। रजनीश चैरसिया, जिला विधिक सहायता अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नेशनल लोक अदालत में सहयोग हेतु सभी का आभार व्यक्त किया है।
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