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हटा नगर पालिका के रिश्वतखोर सब इंजीनियर को नगरी प्रशासन विभाग ने किया निलंबित . रिश्वतखोरी के बाद जेल में 48 घंटे से अधिक रहना पड़ा महंगा..

रिश्वतखोरी के बाद जेल में 48 घंटे से अधिक रहना पड़ा महंगा-
दमोह जिले के हटा नगर पालिका में पदस्थ रहे रिश्वतखोर सब इंजीनियर जुबेर कुरेशी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले हफ्ते सागर में एक ठेकेदार से 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए सब इंजीनियर को विशेष न्यायालय ने जमानत नहीं दी थी। जिससे उन्हें जेल जाना पड़ा था। जेल में 48 घण्टे से अधिक बन्द रहने की बजह से अब उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया है।
 नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख अभियंता प्रभा कांत कटारे द्वारा 26 अप्रैल को जारी किए गए एक आदेश में दमोह जिले के हटा नगर पालिका में पदस्थ रहे सब इंजीनियर जुबेर खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ यह कार्यवाही रिश्वतखोरी मामले में जेल जाने के बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान जुबेर कुरेशी को नगरी निकाय विभाग के संभागीय संयुक्त कार्यालय में अटैच किया गया है।

शनिवार 27 अप्रैल को जैसे ही निलंबन आदेश की प्रति दमोह जिला मुख्यालय पहुंची तो कार्रवाई को लेकर चर्चा के साथ हड़कंप के हालात निर्मित होते देर नहीं लगी। आपको बता दें कि सागर के सिविल लाइन क्षेत्र में अग्रवाल होटल के समीप 17 अप्रैल महावीर जयंती के दिन सब इंजीनियर जुबेर कुरैशी को ठेकेदार राजेंद्र असाटी से 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टी आई बीएम द्विवेदी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा गया था।
                       
कार्रवाई के बाद सागर लोकायुक्त एसपी रामेश्वर यादव बताया था कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की गई है। करवाई किए जाने के बाद शाम को दमोह लाकर विशेष न्यायालय में पेश किया गया था जहां पर जुबेर कुरेशी क्यों जेल भेज दिया गया था जेल में 48 घंटे से अधिक निरुद्ध रहने की वजह से इसकी जानकारी लोकायुक्त के जरिए नगरी प्रशासन विभाग तक पहुंचने के बाद अब रिश्वतखोर सब इंजीनियर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
 जिले में यह पहला मामला है जब रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद आरोपी को जेल जाना पड़ा तथा 48 घण्टे से अधिक जेल में रहने पर निलंबित किया गया। उम्मीद की जा रही है की इस प्रकरण के सामने आने के बाद बिना रिश्वत के आम जनता के काम नहीं करने वाले भ्रष्ट अधिकारी जरूर चेतेंगे तथा रिश्वत लेने के पहले कई बार सोचेंगे। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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