Ticker

6/recent/ticker-posts
1 / 1

भाजपा की विजय संकल्प यात्रा में नहीं पहुंचे शिवराज.. राकेश सिंह ने किया चौकीदार का गुणगान, अपेक्षा के अनुरूप नहीं जुटी भीड़, कुर्सियां पड़ी रही खाली..

भाजपा विजय संकल्प यात्रा में अपेक्षित नहीं जुटी-
दमोह। भाजपा की बहु प्रचारित विजय संकल्प यात्रा दमोह सांसद क्षेत्र में कोई खास असर छोड़ती हुई नजर नहीं आई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नहीं आने की खबर के बाद पंडाल में से भीड़ छट जाने से प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के संबोधन के दौरान कुर्सियां काफी संख्या में खाली नजर आई। 
रविवार को दमोह संसदीय क्षेत्र के देवरी से रहली होकर  पथरिया पहुंची भाजपा की विजय संकल्प यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं की भीड़ की कमी के साथ उत्साह का अभाव दिखा। इस यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, दमोह सांसद प्रहलाद पटेल, पूर्व मंत्री जयंत मलैया सहित संसदीय क्षेत्र के भाजपा विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसद की उपस्थिति का प्रचार किया गया था। 
दोपहर में करीब 3 बजे पथरिया के स्कूल ग्राउंड पर जब सभा प्रारंभ हुई उस समय पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया सहित अनेक नेता गण मंचासीन हो चुके थे। वहीं जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह, युवा नेता दीपू भार्गव, भाजपा जिलाध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव, महामंत्री रमन खत्री,
मनीष सोनी के ओजस्वी भाषण को सुनने काफी संख्या में भीड़ नजर आ रही थी। बाद में शाम करीब 4:30 बजे प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, सांसद प्रहलाद पटेल विजय संकल्प यात्रा के साथ पहुंचे। 
परंतु पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नहीं देख कर लोगों का सब्र का बांध अब टूटने लगा और बड़े नेताओं के स्वागत सत्कार के दौर में सभा स्थल से लोगों की भीड़ और घटने लगी तथा कुर्सियां खाली होने लगी थी। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के भाषण के बाद तो उपस्थिति काफी कम नजर आने लगी थी। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने अंतिम वक्ता के रूप में जो भाषण दिया, उसमे अनेकों बार चौकीदार की महिमा का बखान करते हुए देश के चौकीदार पर गर्व जताया और लोगों से भी नारे लगवाए गए। लेकिन इस दौरान लोगों की कितनी उपस्थिति रही, इसका अंदाजा इस वीडियो कक देखकर लगाया जा सकता है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के इस भाषण को सुनकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन दिनों भाजपा के अधिकांश नेताओं के दिलों दिमाग पर चौकीदार छाया हुआ है। उनके भाषणों में भी चौकीदार की पवित्रता से लेकर इमानदारी और बहादुरी को जिस तरह से महिमामंडित किया गया है उसे देख कर फिलहाल तो यही लगता है कि भाजपा की विजय संकल्प यात्रा अन्य मुद्दों तथा समस्याओं के बजाए चौकीदार पर केंद्रित होकर रह गई है। 
शायद यही वजह नहीं कि भाजपा के बड़े नेता दमोह जिले में बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति तथा देवेंद्र चौरसिया हत्या कांड को लगभग नजरअंदाज करते नजर आए। जबकि इसी पथरिया क्षेत्र से निर्वाचित बसपा विधायक राम बाई के परिजनों के खिलाफ उक्त हत्या कांड में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस मामले के जोर जोर से नहीं उठा ले जाने की एक बजह आरोपियों में भाजपा नेता जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के बेटे का नाम होना भी माना जा रहा है। फिलहाल उक्त हत्याकांड को लेकर लोगों में नाराजगी के साथ आक्रोष भरा माहौल बना हुआ है ऐसे में किसी भी राजनीतिक दल को ऐसे घटनाक्रम को नजरअंदाज करना तथा चुप बैठना आने वाले चुनाव में महंगा पड़ सकता है। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

Post a comment

0 Comments