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जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज.. नहीं पहुची चंद्रवती, बसपा विधायक रामबाई ने शिवचरण की नैय्या पार लगाई.. !

जिला पंचायत अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव खारिज-
दमोह। जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव एक सदस्य के नहीं पहुंचने से खारिज हो गया है। अविश्वास प्रस्ताव के निरस्त हो जाने की सूचना लगते ही बड्ड समर्थकों में जश्न का माहौल निर्मित होते देर नही लगी। पटेल अपने समर्थकों के साथ अपने आवास पहुच गए हैं, जहां भंडारे का आयोजन चल रहा है।
जिला पंचायत सभागार में पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद खारिज हो गया। दरअसल अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में जिन नौ सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर करते हुए समर्थन किया गया था उनमें से एक सदस्य चंद्रावती अठ्या नहीं पहुंची। निर्धारित समय तक जब चंद्रवती नहीं पहुंची तथा उनके दमोह से बाहर होने की सूचना आई तो तय हो गया था कि बड्डा की कुर्सी बच जाएगी और हुआ भी वही। 
जिला पंचायत अविश्वास प्रस्ताव के अधिकारी आनन्द कोपरिया द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने की जानकारी दिए जाने के साथ ही शिवचरण पटेल समर्थक खुशी से झूम उठे और उन्हें फूल मालाओं से लाद कर जुलूस के रूप में जिला पंचायत से बाहर लाया गया।
इसके पूर्व जिला भाजपा कार्यालय में जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी, भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष गोपाल पटेल तथा सांसद प्रतिनिधि आलोक गोस्वामी शिव चरण के पक्ष में सदस्यों की जमावट बनाने में लगे हुए थे। 
 उम्मीद की जा रही थी कि जिन तीन सदस्यों को सांसद ने वार्निंग दी थी वह भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निर्धारित समय पर शिवचरण अपने दो अन्य समर्थकों के साथ जिला पंचायत कार्यालय के लिए रवाना हुए। इधर अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों की उम्मीद के मुताबिक 9 सदस्य एकत्रित नहीं हो सके। 4 दिन पूर्व अपहरण के हाई वोल्टेज ड्रामा वाली जिला पंचायत सदस्य चंद्रवती अठ्या आज सम्मेलन में हिस्सा लेने नहीं पहुंची। 
जिसकी मुख्य वजह उनके पति के विधायक राम बाई के निर्देशन में चलने तथा रामबाई व शिवचरण के बीच पर्दे के पीछे हुई डील माना जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खारिज  हो जाने से सांसद समर्थक जहां सबसे ज्यादा खुश नजर आ रहे हैं। 
वही सांसद की चमकी का 3 सदस्यों पर असर नहीं होने पर उनके खिलाफ तथा बड्डा द्वारा पूर्व मंत्री जयंत मलैया और पूर्व विधायक लखन पटेल खिलाफ की गई शिकायतों और आरोपों पर अब क्या कार्रवाई की जाएगी यह चर्चा का विषय है। 

वही अविश्वास प्रस्ताव के भंवर से बड्डा की नैय्या को पार लगाने का श्रेय बसपा समर्थक राम बाई को देने से नही चूक रहे है। ऐसे में देखना होगा शिवचरण की राम बाई से राजनीतिक नजदीकी आगामी लोकसभा चुनाव में क्या गुल खिलाती हैं। अविश्वास प्रस्ताव से बच जाने पर  बड्डा को बधाई के साथ उम्मीद है कि मीडिया कर्मियों के बरसो पुराने विज्ञापनों के भुगतान करने में अब बड्डा देर नही करेंगे। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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