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जेल उपधीक्षक के खिलाफ ज्ञापन सौपने गए अधिवक्ता.. कलेक्टर के नही मिलने से हुए खपा, अब मुख्यमंत्री को भेजेंगे निंदा प्रस्ताव..

जेल उपाधीक्षक के विरुद्ध अधिवक्ता संघ का ज्ञापन-
दमोह। 2 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को कार्य से विरत रहे जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञापन सौपकर समस्याए बताई। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए पहुचे अधिवक्ता संघ की कलेक्टर से मुलाकात नही हो सकी। जिसके बाद शाम को संपन्न बैठक में अधिवक्ता संघ द्वारा कलेक्टर के खिलाफ कठोर शब्दों में निंदा प्रस्ताव पारित करने और कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक भेजने का निर्णय लिया गया है।


जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा सोमवार को 2 सूत्री मांगों को लेकर कार्य से विरत रहने की वजह से जिला कोर्ट में कामकाज ठप रहा। वहीं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पंकज खरे के नेतृत्व में सभी  पदाधिकारियों एवं साथियों द्वारा माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय को एक ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से अवगत कराया गया। 
जेल गेट पर अधिवक्ताओं के साथ मनमाना व्यवहार किए जाने तथा पिछले दिनों वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र चौबे के साथ जेल उपाधीक्षक श्री राम लाल सहलाम द्वारा अशोभनीय व्यवहार के हालात से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा जेल बंदियों के प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिए किये जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए उक्त हालात से अवगत कराया गया।
  जिला एवं सत्र न्यायाधीश दमोह के अवकाश पर होने के कारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्री संदीप श्रीवास्तव एवं अपर सत्र न्यायाधीश पूरन सिंह को अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। तदुपरांत अधिवक्ता गण ज्ञापन सौंपने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां करीब आधा घंटा इंतजार के बाद भी कलेक्टर महोदय अधिवक्ताओं से भेंट नही हो पाने पर नाराज अधिवक्तागण SDM रविन्द्र चोकसे को 
ज्ञापन दिए बिना ही वापिस लौट आए। 
 इसके बाद दोपहर में अधिवक्ता संघ कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे कलेक्टर दमोह द्वारा अधिवक्ताओं के साथ किए गए इस प्रकार के रवैये एवम उपेक्षा के संबंध में देर तक विचार-विमर्श के साथ विस्तार के साथ से चर्चा की गई। 2 घंटे से अधिक तक चली बैठक में विभिन्न अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।
इस संबंध में बताया गया है कि सामान्य सभा की आपात बैठक दोपहर ढाई बजे से शाम 5 बजे तक चली। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कलेक्टर दमोह के विरुद्ध कठोर भाषा मे निंदा प्रस्ताव पारित कर निंदा प्रस्ताव की प्रति कमिश्नर, प्रभारी मंत्री, जेल मंत्री, विधी मंत्री एवम मुख्यमंत्री को प्रेषित की जावेगी।
इधर इस मामले में कलेक्टर के ज्ञापन लेने नहीं पहुंचने के संदर्भ में बताया जा रहा है जिस समय अधिवक्ता गण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे उस समय कलेक्टर टीएल बैठक में व्यस्त थे। वहीं उन्होंने एसडीएम रविंद्र चोकसे ज्ञापन लेने के लिए भेजा था। परंतु अधिवक्ता गण कलेक्टर को ही ज्ञापन देना चाहते थे। और कलेक्टर के नहीं आने पर बिना ज्ञापन दिए ही वापस लौट गए।

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