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जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर भाजपा में घमासान.. पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक की शिकायत करने वाले बड्डा के पक्ष में खुलकर आए सांसद प्रहलाद पटेल.. सदस्यों को दी चेतावनी..

बड्डा के पक्ष में खुलकर आए सांसद, सदस्यों को चेतावनी-
दमोह। लोक सभा चुनाव के पूर्व भाजपा में नेता स्तर पर जमकर घमासान मचा हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद कुर्सी जाने के डर से पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल पूर्व मंत्री जयंत मलैया और पूर्व विधायक लखन पटेल पर गंभीर आरोप लगाकर पार्टी हाईकमान को इनकी शिकायत कर चुके हैं। सांसद प्रहलाद पटेल अब खुलकर शिवचरण के बचाव में आ गए हैं।

सांसद आवास पर रविवार को आनन-फानन में बुलाई गई प्रेस कान्फ्रेंस में सांसद श्री प्रहलाद पटेल ने मीडिया के जरिए जिला पंचायत के उन तीन सदस्यों को खुली चेतावनी दी है जो भाजपा के सदस्य है तथा जिन्होंने पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर भी अपने हस्ताक्षर किए हैं। सांसद श्री पटेल का कहना है 12 तारीख को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के पहले यह सदस्य भाजपा कार्यालय में पहुंचे। यदि यह अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में जाते हैं तो स्वयं को पार्टी से निष्कासित समझें।
सांसद की इस चेतावनी का इन तीन सदस्यों पर क्या असर पड़ता है यह तो 12 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव की मीटिंग के बाद ही पता लगेगा। लेकिन जिला पंचायत के चर्चित अध्यक्ष के पक्ष में सांसद के इस तरह से खुलकर सामने आने से अब अविश्वास प्रस्ताव की यह लड़ाई सांसद के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल बनती नजर आने लगी है। वहीं इस मामले में सांसद प्रहलाद पटेल और पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बीच में विरोधाभास की स्थिति को भी उजागर कर दिया है।
 उल्लेखनीय है कि अविश्वास प्रस्ताव रखे जाने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल पिछले दिनों पूर्व मंत्री जयंत मलैया और पूर्व विधायक लखन पटेल की शिकायतें पार्टी हाईकमान को करने के बाद मीडिया के समक्ष भी खुलकर बयान बाजी कर चुके हैं। इसके बाद आज सांसद द्वारा शिवचरण पटेल के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदस्यों को चेतावनी देने से यह साफ हो गया है की सांसद श्री पटेल हर हालत में शिवचरण पटेल की कुर्सी बचवाना चाहते हैं। वहीं सांसद तथा पूर्व वित्त मंत्री के बीच अब पहले जैसे संबन्ध नही रहे है। 
इसके बावजूद सांसद श्री पटेल ने हर हाल में दमोह से ही अगला लोकसभा चुनाव लड़ने की भी घोषणा की है। जिसे पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया और दमोह से  लोकसभा टिकट की दावेदारी कर रहे नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के पुत्र अभिषेक भार्गव के लिए भी चैलेंज कहा जा सकता है। पत्रकार वार्ता के दौरान दमोह के बेलाताल सफाई और सांसद गोद लिए ग्राम बांदकपुर के विकास को लेकर भी सवाल किए गए जिसको लेकर सांसद में पहली बार दो टूक बात की।
बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए शिवचरण पटेल ने 4 दिन पूर्व बसपा विधायक रामबाई की मदद से जिला पंचायत सदस्य चंद्रवती अठ्या के अपहरण की झूठी रिपोर्ट पथरिया थाने में उसके पति के जरिए दर्ज करवा दी थी। जिसमें जिला पंचायत के दो सदस्य राघवेंद्र सिंह ऋषि और संतोष अठ्या को आरोपी बनाया गया था। वहीं रिपोर्ट के दूसरे दिन चंद्रवति ने एसपी, एसडीएम एवं कोर्ट में पेश होकर स्पष्ट कर दिया था वह अपनी मर्जी से गई थी उनका अपहरण नहीं हुआ था। 
इस मामले का पर्दाफाश हो जाने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक की शिकायतें और आरोपों का दांव चला इसके बाद भी जब कुर्सी बचने के चांस नजर नहीं आए तो अब अंतिम दाव के तौर पर सांसद प्रहलाद पटेल को सामने लाकर सदस्यों पर कार्रवाई की चेतावनी का दाव चला गया है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कल सांसद कार्यालय में भाजपा के दायित्व वान कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों की जो बैठक आयोजित की गई थी उसमें सांसद के साइड में जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल और उनके बाजू में पूर्व विधायक लखन पटेल साथ साथ ही बैठे थे। वहीं आज शिवचरण के बचाव में सांसद की प्रेस कान्फ्रेंस होना उसमे भाजपा से जुड़े तीन सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देना लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला भाजपा के अध्यक्ष के मौजूद नहीं रहना चर्चा का विषय कहा जा सकता है। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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