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दो प्रदेशो की पुलिस भी नहीं बचा पाई श्रेयांस-प्रियांश को.. 20 लाख देने के बाद भी चित्रकूट के अगवा जुड़वा भाइयो के शव मिलने से तनाव, तोड़फोड़, आगजनी..

जुड़वा मासूम के शव मिलने के बाद हिंसा भड़की..
सतना। 12 दिन पहले स्कूल बस से अपहरित चित्रकूट के तेल कारोबारी बृजेश रावत के जुड़वा पुत्र श्रेयांस और प्रियांश को 20 लाख रुपए की रकम तथा 2 राज्यों की पुलिस भी नहीं बचा सकी। पत्थर दिल अपराधियों ने अपनी  पहचान उजागर होने के डर से मासूमों पर दया नहीं दिखाई। 

आज दोनों के शव यमुना नदी के घाट पर मिलने के बाद जनता में आक्रोष भड़कने के साथ तनाव फैलते देर नहीं लगी। और अब पुलिस को हालात पर काबू पाने कड़ी मशक्कत करना पड़ रही है। आक्रोशित भीड़ द्वारा जोगन कुुंड, अस्पताल, गौशाला में तोड़फोड़ पथराव  और आगजनी की खबर सामने आई है। वहीं आसपास के इलाकों में भी तनाव आकर्षण हालात बने हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि  12 फरवरी को  सतना से  स्कूल बस से लौट रहे  श्रेयांस एवं प्रियांश रावत को अज्ञात लोगों ने  बस से अगवा कर लिया था। इसके बाद उनके परिजनों से एक करोड़ की फिरौती में मांगे जाने की जानकारी सामने आई थी। वहीं परिजनों द्वारा 20 लाख रुपये की फिरौती देने के बाद भी अपहरणकर्ताओं ने बच्चों की हत्या कर दी और उनके शव यमुना में फेंक दिए। बताया जा रहा है कि अपहरण कर्ताओं ने बच्चों से पूछा कि क्या हमें पहचान लोगे, इस पर बच्चों ने हां कह दिया था। इसी के बाद दोनों बच्चों के हाथ-पैर बांध कर यमुना में फेंक दिया। जिससे उनकी मौत हो गई।

बांदा की बबेरू यमुना तट से दोनों बच्चों के शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में 6 युवको को गिरफ्तार किया है। ये पेशेवर अपराधी नहीं है बल्कि जल्द लखपति बनने का ख्वाब देखने वाले युवक है। अपहरण की साजिश में संस्कृत महाविद्यालय के एक शिक्षक के दो पुत्रों के शामिल होने, स्कूल के सुरक्षा गार्ड के लड़के, कोचिंग पढ़ाने वाले एक युवक,  बीटेक के एक छात्र और एक पुरोहित के लड़के को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की खबर है।
दोनों बच्चों के शव मिलने के हालात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पत्थर दिल अपराधियों को कठोर से कठोर सजा दिए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। लोगों का गुस्सा सड़क पर आने के बाद पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ रही है। वही इस पूरे घटनाक्रम ने चित्रकूट इलाके में कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
 2 राज्यों की पुलिस मासूम का पता लगा कर उनको क्यों नहीं बचा सकी इस पर भी सवाल किए जा रहे है। परम पिता परमेश्वर मासूम आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दे और परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। कथा तथा अपराधियों को ऐसी सजा मिली कोई किसी के कलेजे के टुकड़े को छीनना कर दो उससे दूर करने की भी कोशिश नहीं करे। ओम शांति शांति..

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