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सीमेंट फैक्ट्री के सामने मजदूर का शव रखकर 4 घण्टे चला चकाजाम प्रदर्शन.. प्रभारी कलेक्टर ने खत्म कराया आंदोलन, विधायक रामबाई की पहल पर मृतक के परिजनों को 2 लाख की मदद..

रात में भी चकाजाम प्रदर्शन, नही हुआ अंतिम संस्कार-
दमोह। नरसिंहगढ़ में माईसेम सीमेंट फैक्ट्री के सामने आज बुधवार सुबह मडिया खेजरा निवासी मजदूर पुष्पेंद्र पिता सुल्तान सिंह 32 वर्ष की अज्ञात वाहन की चपेट में आ जाने से मौत हो गई थी। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव नरसिंहगढ़ पहुंचने पर फैक्ट्री गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। जिससे कुछ ही देर में दमोह छतरपुर मार्ग पर जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही थम गई।
चकाजाम की जानकारी लगते ही दमोह से सीएसपी आलोक शर्मा देहात थाना प्रभारी टी आई नरेंद्र सिंह, SI विनोद शंकर यादव, नायब तहसीलदार दिनेश असाटी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस मामले में परिजनों का आरोप है कि पुष्पेंद्र की मौत फेक्ट्री के अंदर होने के बाद शव को बाहर फेंककर एक्सीडेंट का रूप दे दिया गया है। जिस पर पुलिसअधिकारियों द्वारा मृतक के पिता सहित परिजनों को भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि पुलिस हर बिंदुओं पर जांच करेगी।
इस बीच पथरिया विधायक राम बाई सिंह भी मौके पर पहुंची तथा उन्होंने मृतक मजदूर के परिजनों को सांत्वना देते हुए फैक्ट्री प्रबंधन से 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने तथा परिवार के एक सदस्य को नोकरी दिए जाने की मांग शुरू कर दी। विधायक के पहुंचते ही यहां पर आस-पास के गांव के लोगों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई तथा फैक्ट्री के सामने चका जाम के साथ अफरा-तफरी भरे हालात बनते देर नहीं लगी।
विधायक रामबाई की मांग फैक्ट्री प्रबंधन तक भेजे जाने पर वह इन मांगों को मानने तैयार नही हुए। एच आर निर्दोष कौशिक एवं वाइस प्रेसिडेंट RN राय का कहना था कि मृतक मजदूर कंपनी का कर्मचारी नहीं था। वही उन्होंने फेक्ट्री के अंदर किसी प्रकार की घटना से भी इंकार किया। 
मृतक के परिजनों के लिए  फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से  महज 50 हजार रुपए का इंतजाम किया गया। जिसे लेने से परिजनों ने इंकार कर दिया। जबकि विधायक रामबाई गरीब मजदूर को न्याय दिलाने परिजनों को नौकरी और आर्थिक मदद की मांग पर अड़ी रही। 
उन्होंने बाहरी मजदूरों को हटा कर पथरिया क्षेत्र के बेरोजगारों को फैक्ट्री में काम देने की मांग भी शुरू कर दी। जिससे चकाजाम रात के अंधकार में भी जारी रहा और पुलिस प्रशासन परेशान होकर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करता रहा। इस दौरान फैक्ट्री प्रबंधन पुलिस प्रशासन और विधायक रामबाई के बीच वार्ताओं का दौर भी जारी रहा। जबकि मृतक का आज अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका।
लगातार 4 घंटे से अधिक तक चका जाम प्रदर्शन जारी रहने से दमोह छतरपुर रोड के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई वहीं पुलिस प्रशासन तथा फैक्ट्री प्रबंधन भी विधायक रामबाई की जिद के आगे पस्त पड़ता नजर आया। बाद में रात करीब 8:00 बजे प्रभारी कलेक्टर आनन्द कोपरिया नरसिंहगढ़ पहुंचे तथा उन्होंने दोनो पक्षों से चर्चा की। इस दौरान एसडीएम संजीव साहू एवं पथरिया तहसीलदार ऋषभ जैन भी मौजूद रहे।
जिसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए बतौर मुआवजा देने को तैयार हो गया। तथा फैक्ट्री के अधिकारी श्री राय ने मृतक के बच्चे की शिक्षा दीक्षा हेतु खर्च उठाने का भी भरोसा दिलाया। वहीं  प्रभारी कलेक्टर ने  रेडक्रास सोसायटी से भी  पीड़ित परिवार को  आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया। इस के बाद रात 8:30 बजे आंदोलन खत्म होने पर वाहनों की आवाजाही प्रारंभ हो सकी। 
 वहीं मृतक का अंतिम संस्कार गुरुवार को होगा। इस पूरे प्रकरण में जिस तरह से पथरिया विधायक ने फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस प्रशासन को गरीब मजदूर परिवार की मदद के मामले में "नाको चने चबाने" को मजबूर कर दिया उसको लेकर स्थानीय लोग यह कहने से नहीं चूके कि उन्होंने रामबाई को अपना प्रतिनिधि चुनकर कोई गलती नहीं की है। शकीर मोहम्मद के अभिजीत जैन की रिपोर्ट

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