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बागी बाबाजी का दोनों सीटों से जीत का दावा.. बागियों की सशक्त दावेदारी से भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी टेंशन में..

दमोह के चारों क्षेत्रों में बागी उम्मीदवार चर्चाओ में-
दमोह। जिले के चारो विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 69 प्रत्याशी उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। सबसे कम हटा से 11 और सबसे अधिक 25 उम्मीदवार पथरिया से हैं। दमोह से 15 व जबेरा से 18 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए है।
जिले के चारों क्षेत्रों से नामांकन दाखिल करने वाले 69 प्रत्याशियों में भाजपा कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद नामांकन दाखिल करने वालो की संख्या करीब दर्जन भर के करीब है। इनमें कुछ नहीं पार्टी प्रत्याशी के तौर पर तो कुछ नहीं निर्दलीय या अन्य पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है से करीब आधा दर्जन बागी प्रत्याशी दोनों ही दलों के लिए सिर दर्द बन सकते हैं जिन को मनाने की कोशिश में दलीय प्रत्याशी सक्रिय है। 
 बाबाजी ने दमोह-पथरिया से जीत का दावा किया--


दमोह तथा पथरिया क्षेत्र से निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने प्रदेश भर में सनसनी फैला दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान श्री कुसमरिया ने दोनों क्षेत्रों से अपनी जीत का दावा किया है। यदि बाबाजी अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं तो दमोह से भाजपा के अजेय योद्धा और प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया और पथरिया से  विधायक लखन पटेल के लिए परेशानी तय है। बाबा जी भले ही ना जीते लेकिन इनकी मौजूदगी से पार्टी के समीकरण गड़बड़ाना तय हैं। 

  बागी बाबा जी को मनाने के लिए मंत्री श्री मलैया के अलावा उनकी धर्मपत्नी सुधा मलैया भी प्रयास कर चुकी है। वहीं अब पार्टी हाईकमान लेवल पर बाबा जी को मनाने के प्रयास जारी है। इधर कंप्यूटर बाबा द्वारा रामकृष्ण कुसमरिया के समर्थन में साधु संतों के प्रचार हेतु पहुंचने की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से सनसनी फैली हुई है।

भाजपा प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेता विनय सहस्त्रबुद्धे और सुहास भगत के देर रात दमोह आने की खबर आई है। बाबा जी तथा ऋषि अर्थात बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया और भाजपा के प्रदेश मंत्री राघवेंद्र सिंह लोधी को मनाने के लिए पार्टी संगठन के इन वरिष्ठ नेताओ के जाने की जानकारी सामने आई है।

 जबेरा से ऋषि तान्या और आदित्य पर निगाहें-
जबेरा विधानसभा क्षेत्र में बागी प्रत्याशियों को मनाने में भाजपा कांग्रेस दोनों को पसीना छूट रहा है। कांग्रेस  विधायक व प्रत्याशी प्रताप सिंह की टिकट से खपा होकर पूर्व मंत्री रत्नेश सालोमन की पुत्री तान्या और पुत्र आदित्य ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। इनमें से किसी एक के भी चुनाव मैदान में रहने से कांग्रेस को अपनी सीट बचाना मुश्किल होगी।
इधर भाजपा ने धर्मेंद्र सिंह को टिकट देकर प्रदेश मंत्री राघवेंद्र सिंह ऋषि लोधी सहित अन्य दावेदारों की नाराजगी मोल ले ली है। इनमें से ऋषि लोधी ने भाजपा के अलावा सपा तथा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करके अपने इरादे साफ कर दिए हैं। ऋषि की जबेरा सीट से चुनाव मैदान में मौजूदगी रहने पर भाजपा की जीत की संभावना धूमिल होना तय है।
हटा से प्रदीप की दावेदारी से कांग्रेस मुशिकल में-
हटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने अपनी दो वार की विधायिका उमा देवी खटीक को घर बैठा कर एक माह पूर्व बैंक से रिटायर हुए पीएल तंतुबाय को पार्टी टिकट थमा दी है। यहां से पार्टी टिकट के प्रबल दावेदार दमोह जनपद अध्यक्ष आलोक अहिरवार और पीएल तंतुबाय की पत्नी रामकली ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। वही विधायिका उमा देवी की चुप्पी भी भाजपा के लिए खतरे की घंटी बन सकती है।

 
हटा से कांग्रेस ने पिछले पराजित उम्मीदवार हरि शंकर खटीक पर फिर से दांव लगाया है। इनको बाहरी प्रत्याशी बताते हुए पिछले 2 दिनों से हटा में जमकर विरोध प्रदर्शन का दौर चलने के बाद नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेश टिकट के प्रबल दावेदार प्रदीप खटीक ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दर्ज करा कर कांग्रेस प्रत्याशी की राह को और भी मुश्किल कर दिया है।


हटा से कांग्रेस टिकट वितरण से नाराज वरिष्ठ नेता और हटा कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र राय ने तो यहां तक कह दिया है कि ऐसे में कांग्रेस की सरकार कभी नहीं बन सकती। मुख्यमंत्री के साले को कांग्रेस की टिकट दिए जाने से खफा इस वरिष्ठ नेता ने सीएम के साले को चोर कहने में भी कोई परहेज नहीं की। उनकी अवधारणा को ऊपर वीडियो में सुना जा सकता है।
पथरिया में भाजपा कांग्रेस के बागियों से बसपा मजे में-
पथरिया क्षेत्र से सबसे अधिक 25 उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र जमा किए जाने के साथ भाजपा तथा कांग्रेस के बागी प्रत्याशियों को मनाने का दौर जारी है। भाजपा विधायक लखन पटेल के खिलाफ पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया ने भाजपा तथा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है यदि बाबा जी अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं तो लखन पटेल किसी भी कीमत में नहीं जीत सकेंगे।

इधर कांग्रेस से गौरव पटेल को टिकट दिए जाने से खफा होकर जिला पंचायत सदस्य राव बृजेंद्र सिंह ने निर्दलीय तथा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अनुराग वर्धन हजारी ने सपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन जमा किया है यदि कांग्रेश इन दोनों को मनाने में नाकाम रही तो गौरव के लिए हार्दिक पटेल द्वारा टिकट दिलाए जाने का प्रयास निरर्थक भी साबित हो सकता है।
यहां पर दो की लड़ाई में तीसरे का भला होने की कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है। बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी जिला पंचायत की उपाध्यक्ष रामबाई पहले से ही  क्षेत्र में प्रचार जनसंपर्क के मामले में आगे थी। अब भाजपा कांग्रेस के टिकट के गणित बिगड़ने और बागियों के मैदान में उतरने से फिलहाल बसपा प्रत्याशी सबसे मजबूत स्थिति में मतदाताओं के बीच अपनी दावेदारी जताने में सफल होती नजर आ रही है।
कुल मिलाकर भाजपा ने यदि बाबाजी और ऋषि को नहीं मनाया तो उसे चारो क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ेगा। इधर कांग्रेस ने यदि तान्या, आदित्य, अनुराग और बृजेंद्र को नहीं बनाया तो उनके हाथ से जबेरा सीट भी निकल सकती है। चुनाव मैदान में उम्मीदवारों की आखिरी तस्वीर 14 नवंबर को नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी। देखना होगा इसके पूर्व कौन किस को मनाने में सफल होता है। खबर है कि देर रात विनय सहस्त्रबुद्धे और सुहास भगत बाबाजी और ऋषि को मनाने दमोह आ रहे है। अटल राजेन्द्र जैन की रिपोर्ट

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