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जंगल में भटके काले हिरण और पानी से निकले मगरमच्छ की जान मुश्किल में पड़ी.. वन अमला मौके पर..

कुत्तो ने हिरण ग्रामीणों ने मगर पर निशाना लगाया- 
जंगल में पेड़ों और नदियों में पानी की कमी इन में रहने वाले जीव जंतुओं की असुरक्षा की वजह बनते जा रहे हैं। इधर जागरूकता के अभाव में ग्रामीणों द्वारा जलीय वन जीवो पर निशाना साधने से भी उनकी जान को खतरे के हालात निर्मित हो जाते है। 

दमोह जिले में मगरमच्छ तथा काले हिरण से जुड़े 2 मामले सामने आए हैं। रविवार सुबह ब्यारमा नदी के घटेरा पुल के पास मोहली गांव के बाहर एक मगर मच्छ  प्रातः बेला में नदी से बाहर निकल कर धूप स्नान का आनंद ले रहा था। इसी दौरान किसी ने एक बड़ा पत्थर मगर के मुंह मे मार दिया। जिससे वह जख्मी हो गया। 

मगरमच्छ के मुंह से खून निकलने अर्थात उसे लहूलुहान दशा में देखने ग्रामीणों की भीड़ लग गई। तथा मगरमच्छ जख्मी हालत मैं वापस नदी में चला गया। 

बाद मेंं जानकारी लगने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। लेकिन तब तक मगरमच्छ  नदी के बीच गहराई में पहुंच चुका था। फिलहाल वन विभाग की टीम नदी के पास निगरानी कर रही है।
जंगल से भटके काले हिरण को कुत्तों ने दबोचा-
जिले के पथरिया इलाके में पाए जाने वाले काले हिरणों में से एक हिरन भटकते हुए बालाकोट के जंगल में पहुंच गया था। बाद में डूंमर गांव के पास पहुंचे इस काले हिरण के पीछे कुत्ते लग गए। जिन्होंने उसे दबोचने के प्रयास में उसके पैर को जख्मी कर दिया। बाद में ग्रामीणों ने काले हिरण को बचाकर इसकी सूचना वन विभाग को दी।

मौके पर पहुंचे वन विभाग के अमले ने घायल हिरण को  दमोह लाकर उसका उपचार कराया है तथा अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।  आपके आसपास भी कहीं कोई वन्य प्राणी यह जलीय जंतु असुरक्षित हालात में नजर आए तो जागरूकता का परिचय देते हुए उसकी सुरक्षा का इंतजाम करने तथा वन विभाग को सूचना देने से नहीं चूके यही हम सब का अहिंसा परमो धर्म है।
 अमर सेन व आशीष राजोरिया के साथ अभिजीत जैन की रिपोर्ट

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