ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई
दमोह. सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगि (IPS) के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा 'ड्रिंक एंड ड्राइव' (शराब पीकर वाहन चलाने वालों) के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।
उक्त
अभियान के तहत यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक दलबीर सिंह के नेतृत्व में
पुलिस टीम द्वारा सघन वाहन चेकिंग के दौरान तीन ट्रक चालकों को शराब का
सेवन कर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते
हुए तीनों वाहनों को मौके पर ही जप्त कर चालकों के विरुद्ध प्रकरण तैयार
किए गए।
जप्त वाहनों एवं चालकों के प्रकरण माननीय
न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जहाँ माननीय न्यायालय द्वारा सभी
पक्षों की सुनवाई उपरांत मोटर व्हीकल एक्ट के तहत तीनों वाहन चालकों पर कुल
₹35,500 (पैंतीस हजार पांच सौ रुपये) का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा लगाया गया अर्थदंड
ट्रक क्रमांक PB 05 AN 5739: ₹15,500/- का अर्थदंड
ट्रक क्रमांक MP 09 HH 9437: ₹10,000/- का अर्थदंड
ट्रक क्रमांक CG 04 QB 3802: ₹10,000/- का अर्थदंड
कुल जुर्माना राशि: ₹35,500/-
पुलिस
अधीक्षक श्री आनंद कलादगि ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सर्वोपरि है।
शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन को खतरे में डालता है, बल्कि
अन्य निर्दोष राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होता है। यातायात पुलिस
द्वारा 'ड्रिंक एंड ड्राइव' और नियम विरुद्ध वाहन चलाने वालों के विरुद्ध
यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
इधर एंबुलेंस सेवा में लापरवाही पर 2 23 लाख का अर्थदंड... दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा पिपरिया मिसर गांव की रोशनी बाई लोधी पति टंडन लोधी द्वारा एंबुलेंस के लिए कॉल की गई थी लेकिन एंबुलेंस के विलंब से पहुंचने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। मामले की रिपोर्ट भोपाल स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई जिसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में 223819 रूपए का अर्थदंड आरोपित किया गया है। कलेक्टर श्री यादव ने कहा संबंधितों को भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न होने की सख्त हिदायत दी गई है। आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही सामने आने पर आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। 24 घंटे में उपलब्ध कराई जाएं आवश्यक दवाएं.. कलेक्टर ने कहा शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध रहना चाहिए। अस्पतालों द्वारा दवाओं के लिए भेजे जाने वाले इंडेंट जिला कार्यालय को प्राप्त होने के बाद 24 घंटे के अंदर दवाएं जारी कर संबंधित अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल का इंडेंट लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को निशुल्क उपचार और निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है ताकि मरीजों को आवश्यक दवाएं बाहर से खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।




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