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मंत्रीजी के क्षेत्र में किसानों का शोषण करने वाले समिति प्रबंधक, ऑपरेटर सहित चार पर FIR.. कलेक्टर एसपी के निरीक्षण में गेंहू उपार्जन केंद्र में अनेक गड़बड़ी उजागर..

मंत्रीजी के क्षेत्र में किसानों का शोषण-4 पर FIR

दमोह। मप्र के पशुपालन व डेयरी विकास मंत्री श्री लखन पटेल के क्षेत्र में गेहू खरीदी के नाम पर किसानों का बिना किसी भय के खुले आम शोषण किया जा रहा था। चोरी की चोरी उपर से सीना जोरी जैसे हालात में किसानों को खुलेआम धमकी भरे हालात का शिकार भी होना पड़ता था। इसमें मंत्रीजी के नजदीकी कुछ लोगों के भी शामिल होने से किसान चाहकर भी इसका विरोध या शिकायत नहीं कर पा रहे थे लेकिन मन ही मन भगवान से इन शोषणवादी प्रवत्ति के पूंजपतियों को सबक सिखाने की प्रार्थना जरूर कर रहे थे।

शायद इसी का असर था कि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के प्रदेश के किसी भी गेंहू खरीदी केंद्र पर अचानक पहुचने की खबर के चलते आज दमोह कलेक्टर एवं एसपी भी एक ऐसे उपार्जन केद्र पर पहुच गए जहां किसानों का खुलेआम शोषण पाए जाने पर तत्काल दो को पकड़ा गया बाद में चार के खिलाफ जीरों पर मामला दर्ज करते हुए विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत धारा 3/7 के तहत  विशाल पटेल वेयर हाउस मलिक, अशोक पटेल समिति प्रबंधक, अरविंद पटेल ऑपरेटर प्रवीण दुबे पर FIR दर्ज की गई है

हम बात कर रहे है पथरिया विधानसभा अंतगर्त चंपत पिपरिया गेंहू उपार्जन केंद्र की जहां शनिवार को अचानक पहुचे नवागत कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव तथा एसपी श्री श्रुतकीर्ती सोमवंशी किसानों के शोषण भरे हालात देखकर आश्चर्यचकित हो गए। । दोनों अधिकारियों ने खरीदी से जुड़े लोगों को हटाकर जब किसानों से अलग से बात करने के बाद जांच की तो शोषण भरे हालात की परत दर परत खुलती चली गई। किसान श्रीराम पटेल ने आरोप लगाया कि तुलाई के नाम पर अधिक मात्रा में गेहूं लिया जा रहा है। पल्लेदारी के नाम पर 100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से वसूली की जा रही है। आपरेटर प्रवीण दुबे के द्वारा किसानों से पैसा वसूल किया जा रहा है। किसान वृंदावन पटेल ने बताया कि समिति प्रबंधक अशोक पटेल की जानकारी में सब खेल चल रहा है तुलाई कराने पहुंचे किसान से 5 किलो अतिरिक्त गेहूं सभी किसान से लिया जा रहा है। एवं तलाई के नाम पर ऑपरेटर को पैसे वसूलने आगे कर दिया जाता है

कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से सभी किसानों से कहा है कि किसी को कहीं कोई पैसा नहीं देना है।  यदि कोई पैसा मांगता है तो तत्काल इसकी सूचना उनके पास पहुंचाई जाए।  इस दौरान अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी रहीकिसानों ने बताया कि ऑपरेटर अरविंद पटेल के इशारों पर अवैध वसूली का सारा खेल चल रहा है यहां पर पदस्थ समिति प्रबंधक अशोक पटेल के नाक के नीचे ऑपरेटर सहित सभी किसानों से पल्लेदार के नाम पर वसूली कर रहे हैं। Rs 100 प्रति कुंतल एवं 5 किलो सैंपल के नाम पर किसानों से गेहूं की उगाही चल रही थी निर्धारित वजन में गड़बड़ी पाई गई यहां पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा टोल में भी गड़बड़ी करके छेड़छाड़ की गई है एवं गेहूं का अधिक मात्रा वजन तौला जा रहा है दरअसल यहां पर पदस्थ ऑपरेटर अरविंद पटेल  मंत्रीजी के नजदीकी रिश्तेदार हैं, अपनी रसूख क्या गलत फायदा उठाते है
कलेक्टर एसपी के निरीक्षण में गेंहू उपार्जन केंद्र में अनेक गड़बड़ी उजागर.. इस मामले में जारी जनसंर्पक विभाग के प्रेस नोट के अनुसार दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव एवं एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी शनिवार को समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेहॅू की जमीनी हकीकत जानने औचक रूप से पिपरिया चम्पत गेहू खरीदी केंद्र पहुचे। बारीकी से जायजा लेने के साथ किसानो से चर्चा के दौरान अनेक चौकाने वाले खुलासे हुए। जिस पर एसडीएम पथरिया को कार्यवाही के निर्देश देते हुए तौल प्रक्रिया का अवलोकन किया। कलेक्टर एसपी को अपना दुखड़ा सुनाते हुए किसानों ने बताया कि तुलाई के नाम पर उनसे अवैध रूप से अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं जबकि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सैंपल के नाम पर अधिक मात्रा 3 से 5 किलो तक अनधिकृत व्यक्ति द्वारा रखी जा रही है। वेयरहाउस संचालक और पल्लेदार मिलकर तौल में हेरफेर कर रहे हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि किसानों को समय पर पर्चियां नहीं दी जा रही हैं। कंप्यूटर रिकॉर्ड में 24 अप्रैल की पर्ची अभी तक बनाई जा रही थी जिसे कलेक्टर ने गंभीर लापरवाही बताया।
इन अनियमितताओं पर कलेक्टर श्री यादव ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समिति प्रबंधक की लापरवाही पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। कलेक्टर श्री यादव ने कहा किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को कठोर दंड दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार का भुगतान न करें और समस्याओं की सूचना कंट्रोल रूम में दें। उन्होने आश्वासन दिया है कि उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। कलेक्टर ने खरीदी केंद्र पर तौल व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जूट बारदाना 580 ग्राम एवं प्लास्टिक बारदाना 150 ग्राम मानकर ही तौल की जाए।
थोड़ा बहुत अंतर संभव है लेकिन किसान किसी भी स्थिति में परेशान नहीं होने चाहिए। अनाधिकृत रूप से सेम्पेल नहीं लिया जाने चाहिए। प्रत्येक तौल स्पष्ट सही माप के साथ एवं लिखित रूप में प्रदर्शित हो ताकि किसान अपने हक की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने कहा कि किसान दिन.रात मेहनत कर अन्न उपजाता है इसलिए उसकी हर समस्या को गंभीरता से सुनना और समझना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसान और पल्लेदार दोनों एक ही परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने पल्लेदारों से आग्रह किया कि तौल के लिए किसानों से कोई राशि न लें क्योंकि निर्धारित नियमों के अनुसार उनका भुगतान समिति द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को भी आश्वस्त किया गया कि उपार्जन केंद्र पर किसी प्रकार का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है तुलाई एवं पल्लेदारी का खर्च समिति वहन करेगी।

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