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खाकी कार्टून में जब्त अवैध शराब को पथरिया पुलिस ने सफेद बोरी में दर्शाया.. शराब दुकान से शराब परिवहन फिर भी गद्दीदार पर मेहरवानी चर्चाओं में..

 सफेद बोरी में क्यों दर्शाई खाकी कार्टून में जब्त शराब

दमोह। पथरिया नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पथरिया पुलिस की निष्क्रियता के चलते लगातार अवैध कारोबारों में इजाफा हो रहा है, और इन पर समय रहते ठोस कार्रवाई न होने के कारण अब ज्यादातर युवा पीढ़ी कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में गलत रास्ता चुन अवैध कारोबारों की ओर रूख मोड़ रही है क्योंकि उनकी नजर में यह रास्ता ज्यादा जोखिम भरा नहीं है लेकिन सवाल यह उठता है कि उन्हें कानून का भय क्यों नहीं है क्यों पुलिस द्वारा इन अवैध कारोबारों पर नकेल कसने सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे, आखिर क्यों इन अवैध कारोबारों में संलिप्त लोगों की संख्या घटने के बजाय लगातार बढती जा रही है। 
फिलहाल हम बात कर रहे हैं कुछ ऐंसे मामलों की जिनमें पुलिस द्वारा अवैध शराब जब्ती के प्रकरणों में अपनी कलम से एफआईआर में कुछ का कुछ दिखाकर शराब माफियाओं पर कृपादृष्टि दिखाई जा रही है। और शराब दुकान से निकलकर परिवहन हो रही जब्त अवैध शराब के मामलों में सिर्फ परिवहन करने वाले व्यक्तियों पर ही मामला दर्ज किया जा रहा है जबकि ऐंसे मामलो में शराब दुकान के गद्दीदार पर भी मामला दर्ज होना चाहिए जो नहीं किया जा रहा है। मामला 25 अप्रैल शनिवार को सामने आया जब भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों द्वारा करीब 3 पेटी अवैध शराब पुलिस को सूचना देकर पकडवाई, पुलिस द्वारा मौके से मोटर साइकिल द्वारा अवैध का शराब परिवहन कर रहे दो आरोपितों को पकड़ा और 125 पाव अवैध शराब जप्त की, जब्त की गई अवैध शराब बकायदा 3 खाकी पुट्ठे की पेटियों में थी जो खाकी पेटियां तस्वीर में स्पष्ट दिखाई दे रहीं हैं, लेकिन पुलिस द्वारा उक्त मामले की जो एफआईआर दर्ज की तो उसमें, जब्त की गई अवैध शराब को सफेद प्लास्टिक की बोरी में जब्त होना बताया गया..
उक्त शराब आरोपितों द्वारा शराब दुकान से दो- दो, चार-चार, क्वार्टर लाकर इकट्टा किया जाना बताया गया। जब हमने जानकारों से इस संबंध में बात की तो पता चला कि यदि ऐंसा नहीं करेंगे तो यह सिद्ध हो जाएगा कि यह शराब, शराब दुकान से निकालकर परिवहन की जा रही है और उक्त एफआईआर में शराब दुकान के गद्दीदार पर भी मामला दर्ज करना पड़ेगा, इसलिए एफआईआर में शराब की पेटियां खाकी कार्टून में नहीं दर्शाई जाती और आरोपितों द्वारा फुटकर फुटकर खरीदकर सफैद थैले या बोरी एकत्रित कर परिवहन करना बताया जाता है । वहीं जब हमने भगवती मानव कल्याण संगठन के खिलान पटैल से बात की तो उन्होंने कहा कि पथरिया में शराब दुकान से क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार अवैध शराब पकड़े जाने के बावजूद भी शराब ठेकेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अवैध शराब परिवहन में आबकारी विभाग का संरक्षण बताते हुए कहा कि स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार कार्रवाई करवाते हुए अवैध शराब पकड़ाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन बना हुआ है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल में शराब माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है।
अगर अवैध कारोबारों पर लगाम लगाना है तो जिला पुलिस अधीक्षक को इन मामलों में गंभीरता से निर्णय लेने होंगे अगर गलती से रास्तों को चुन रही युवा पीढ़ी के कदमों को वापस मोड़ना है तो कानून की सख्ती क्या होती है इन्हें दिखाना होगा। शराब दुकान से परिवहन की जाने वाली जब्त अवैध शराब पर गद्दीदार पर मामला दर्ज नहीं होने के सवाल पर पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंघी ने बताया कि उक्त संबंध में हमने स्पष्टीकरण जारी किया है जो भी है दिखवाते है ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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