बस की टक्कर से GRP एएसआई की मौत
दमोह। रविवार को हुए दो अलग-अलग दर्दनाक सड़क हादसों में बाइक सवार एक एएसआई तथा आरक्षक की दर्दनाक मौत हो गई। किल्लाई नाके के पास बस की टक्कर लगने से गिरे जीआरपी मैं पदस्थ एक एएसआई गिरने के बाद जहां दोबारा नहीं उठ सके वही हटा रोड पर ट्रक की टक्कर लगने से सर फट जाने की वजह से एक आरक्षक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार
जीआरपी चौकी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक महेश कोरी रविवार सुबह अपनी पल्सर
बाइक से की जा रहे थे। तभी किल्लाई नाके के आगे विद्युत मंडल कार्यालय के
सामने तेज रफ्तार सिद्धिविनायक कंपनी की बस ने उनकी बाइक को टक्कर मारते
हुए चपेट में ले लिया। जबलपुर से सागर चलने वाली बस क्रमांक एमपी 15 पीए
5877 की टक्कर से महेश कोरी का एक पैर पूरी तरह से चपेट में आ गया।
बाद में
उनको जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। स्वर्गीय
महेश कोरी जनसंपर्क विभाग में पदस्थ रहे शारदा कोरी के छोटे भाई थे।
जीआरपी थाना प्रभारी एच एल चौधरी ने बताया कि महेश कोरी स्थाई वारंट तामील
हेतु निकले थे तभी वह हादसे का शिकार हो गए। पुलिस
ने टक्कर मारने वाली बस और बाइक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
इधर
दोपहर में पोस्टमार्टम उपरांत पुलिस सम्मान के साथ सहायक उप निरीक्षक महेश
कोरी को अंतिम विदाई दी गई। बाद में सुरेखा कॉलोनी मुक्तिधाम में उनका
अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में लोगों ने शामिल
होकर अपनी भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अज्ञात ट्रक की टक्कर से बाइक सवार आरक्षक की मौत- सहायक
उप निरीक्षक महेश कोरी की सड़क हादसे में मौत की सुर्खियां अभी खत्म भी
नहीं हुई थी कि रविवार दोपहर हटा रोड पर हुए एक और दर्दनाक हाथ से में बाइक
सवार युवा आरक्षक की मौत हो जाने की दुखद खबर सामने आ गई। लुहारी बनगांव
के बीच बाइक सवार युवा आरक्षक टक्कर मारकर अज्ञात ट्रक जहां भाग गया वही सर
फट जाने की वजह से सड़क पर लहू लूहान पड़े आरक्षक की मौके पर दर्दनाक मौत
हो गई।
घटना की जानकारी लगने पर हटा थाना पुलिस मौके
पर पहुंची तथा आरक्षक दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसे मृत घोषित
कर दिया गया। मृतक की पहचान आरक्षक प्रदीप रैकवार के रूप में हुई है जो
रनेह थाने में पदस्थ थे तथा तथा दमोह से वापस थाने लौट रहे थे। घटनास्थल की
जो तस्वीर सामने आई है उसे देखकर कहा जा सकता है कि बाइक सवार आरक्षक
यदि हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच जाती। हटा थाना पुलिस मामला
दर्ज करके घटना की जांच में जुटी हुई है। वही इस दुखद घटना से पुलिस परिवार
में शोक की लहर व्याप्त है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जिला
अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी लेते हुए मृतक के परिजनों को सूचना भेज दी
गई है। सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। बताया गया
है कि पन्ना से स्थानांतरित होकर आरक्षक प्रदीप दमोह जिले में आए थे मूल
रूप से रहली के काछी पिपरिया के निवासी थे। कुछ साल पहले ही उनकी शादी हुई
थी उनका 2 साल का एक मासूम बेटा भी है। पोस्टमार्टम उपरांत पूरे पुलिस सम्मान के साथ उनको पुलिस लाइन से विदाई दी गई।
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