Ticker

6/recent/ticker-posts
2 / 3

कुंडलपुर महामहोत्सव अब 14 से 23 फरवरी तक, 24 से बड़े बाबा का महा मस्तकाभिषेक.. प्रधान मंत्री के भाई पंकज मोदी पहुचे कुंडलपुर..आचार्यश्री के मन की बात मुनि समता सागर जी के साथ

 देश के विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में बड़े बाबा मंदिर निर्माण अवसर पर आयोजित होने वाले पंच कल्याणक गजरथ महोत्सव कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में होने वाला यह आयोजन अब 12 बजाय के 14 फरवरी को ध्वजारोहण से प्रारंभ होगा। 14 से 23 फरवरी तक महा महोत्सव के उपरांत 24 फरवरी से बड़े बाबा का महा मस्तकाभिषेक प्रारंभ होगा जो आगामी तिथि तक चलेगा..

बड़े बाबा के दरबार में पहुचे प्रधानमंत्री के छोटे भाई..

दमोह जिले के विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्र कुंडलपुर में बड़े बाबा मंदिर निर्माण महा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है वही छोटे बाबा आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के साथ ढाई सौ से अधिक पिच्छीधारी साधुओं का संघ विराजमान है।  इधर बड़े और छोटे बाबा के दर्शनों के लिए देश भर से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का कुंडलपुर पहुंचना जारी है।
इसी कड़ी में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी भी आज कुंडलपुर पहुंचे जहां उन्होंने बड़े बाबा के दर्शन करते छत्र समर्पित किया तथा मंदिर निर्माण कार्य का जायजा लेकर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज, मुनि श्री समता सागर जी महाराज सहित अन्य मुनि राजाओं के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। बाद में श्री मोदी आचार्य भगवान विद्यासागर जी महाराज के दर्शन करने के लिए भी पहुंचे और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। 
आचार्यश्री के मन की बात मुनिश्री समता सागर जी के साथ
कुंडलपुर में बड़े बाबा की वंदना उपरांत मुनिश्री समता सागर जी ने प्रधानमंत्री मोदी के भाई सहित अन्य भक्तों को मंगल आशीष प्रदान किया वहीं आचार्य भगवन के मन की बात बताते हुए उनके द्वारा स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत, आत्म निर्भर भारत से लेकर शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार आदि को लेकर क्या है इस पर विस्तार से प्रकाश डाला।
दवा कटु हो या मधुर पर आरोग्य प्रदान करती हैं- आचार्य श्री
दमोह।
सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने भक्तों को संदेश दिया कि संक्षेप में भी बड़े कार्य हो जाते है, जिस प्रकार दवा दवा होती हैं चाहे कटु हो या मधुर पर आरोग्य पाने के लिए लेनी पड़ती है, यह अलग बात है कि सभी लोग आरोग्य चाहते हैं और दवा भी सिर्फ़ मधुर चाहते हैं। अनंत काल से हम जो रोगी बने हुए है पर उचित वैद्य नहीं मिला, जिस प्रकार विषयो के सेवन से रोग होते हैं, जायका रूपी पैसा आजकल एक ऐसा रोग है, क्योंकि खीर खाकर भी पाचन नही होने से खट्टी खट्टी सी डकार आती है इसलिए खट्टी डकार ठीक हो जाने के लिए कुण्डलपुर के बाबा की दवाई मिल जाए सब रोग ठीक हो जायेगे। आज का युग ऐसा है कि पैसों से स्वाद निर्मित किया जा रहा हैं और जब छापा पड़ता है तो सब कुछ धरा रह जाता हैं। मुंह कड़वा लगता है तो समझ लीजिए पर जीवन का सही स्वाद वही लेता है जो ज्ञानी होता है। लोग पड़ लिखकर शिक्षा तो प्राप्त कर लेते हैं पर विश्वास हासिल नहीं कर पाते क्योंकि अक्षरों पर किसी का भरोसा नहीं बचा है, गुरु पर विश्वास हासिल करने के लिए एकलव्य बनना चाहिए। भीतर से आत्मा समरूप है, संचय काल चल रहा है पैसे की बचत, समय की बचत करनी चाहिए।

muni shri

आज आचार्य श्री को नवधा भक्ति भाव से आहार देने का सौभाग्य ब्रा धीरज भैया राहतगढ़ को प्राप्त हुआ। ज्येष्ठ निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने बड़े बाबा मंदिर पहुंचकर बड़ेबाबा के दर्शन किए और मंदिर  परिसर, सहस्त्र कूट जिनालय निर्माण कार्य का अवलोकन किया  इस अवसर पर ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष संतोष सिंघई, अनिल मम्मा, अटल राजेंद्र जैन, महेन्द्र जैन सोमखेड़ा, डॉ आर के बजाज सहित सैकड़ों भक्तो की उपस्थिति रही।

पंचकल्याणक महोत्सव 16 फरवरी से प्रारंभ होंगे

कुंडलपुर में महा महोत्सव को लेकर तिथियों की घोषणा भी कर दी गई है। आचार्यश्री के प्रवचन मंच से सुबह ब्रम्हचारी भैया द्वारा की गई घोषणा के अनुसार 12 फरवरी से 23 फरवरी तक महा महोत्सव चलेगा। वहीं 24 फरवरी से बड़े बाबा का मस्तकाभिषेक प्रारंभ हो जाएगा जो अष्टानिका पर्व तक यानि होली तक चलता रहेगा।

संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के आशीर्वाद से 12 फरवरी शनिवार से महामहोत्सव 2022 की शुरुआत बड़े बाबा के जाप अनुष्ठान के साथ प्रारम्भ की जायेगी। 14 फरवरी सोमवार को घटयात्रा एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम महामहोत्सव स्थल पर आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर जी महाराज, समस्त मुनि संघ, आर्यिका माताजी के सानिध्य में आयोजित किया जाएगा। 15 फरवरी मंगलवार को सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्य कुण्डलपुर महामहोत्सव की शुरुआत पंचकल्याणक में भगवान के गर्भकल्याणक पूर्व रूप से16 फरवरी से प्रारंभ होगा। 17 फरवरी गुरुवार गर्भ कल्याणक उत्तर रूप,18 फरवरी शुक्रवार जन्म कल्याणक,19 फरवरी शनिवार तप कल्याणक पूर्व रूप में, 20 फरवरी रविवार तप कल्याणक उत्तर रूप,21 फरवरी मंगलवार ज्ञान कल्याणक पूर्व रूप, 22 फरवरी बुधवार ज्ञान कल्याणक उत्तर रूप, 23 फरवरी गुरुवार मोक्ष कल्याणक का भव्यता पूर्वक धार्मिक रीति रिवाज से आयोजित किया जाना है। 24 फरवरी 2022 से देवाधीदेव 1008 भगवान अदिनाथ बड़े बाबा का मस्तकाभिषेक का प्रारम्भ होगा जो फाल्गुन माह की अष्टान्हिका पर्व तक प्रतिदिन धार्मिक रीति से कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए किया जाएगा।

आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर कमेटी उपाध्यक्ष देवेन्द्र सेठ ने बताया कि मुख्य आयोजन पंचकल्याणक महोत्सव16 फरवरी से प्रारंभ होगे जो आगम के अनुसार गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से और उनके विशाल समोशरण के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा हैं। इस अवसर पर कमेटी के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र बजाज, महामंत्री नवीन निराला, प्रिन्ट मीडिया प्रभारी महेन्द्र जैन उपस्थिति रहे।

कुंडलपुर महोत्सव की तैयारी जोरों पर..

tent

 

कुंडलपुर में बड़े बाबा जी मंदिर निर्माण पश्चात होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं उसी क्रम में कुंडलपुर प्रवेश द्वार से कुंडलपुर परिसर तक पहुंचने वाली रोड का डामलीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया आगामी समय में हजारों की संख्या में यहां पर भक्तगण शामिल होंगे जिन की सुविधा के लिए यह रोड चौड़ीकरण का कार्य किया गया है। कार्यक्रम आयोजन समिति के रोड चौड़ीकरण एवं समतलीकरण के प्रभारी श्री सतीश जैन ने बताया कि यहां पर रोड का डामरीकरण का कार्य पूर्व से प्रस्तावित था जो किसी कारण बस रुका हुआ था आज पुनः उसे प्रारंभ किया गया है और 4 से 5 दिन में यह कार्य पूर्ण करके कुंडलपुर को समर्पित कर दिया जाएगा यहां पर बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित होंगे जिन्हें यहां पर चलने में सुविधा होगी बड़े बाबा एवम छोटे बाबा की कृपा और आशीर्वाद से यह रोड डामलीकरण का कार्य प्रारंभ हुआ और शीघ्र ही पूर्ण होगा। सड़क चौड़ीकरण के दौरान समिति के सतीश जैन, शिरीष जैन, शीतेश जैन, जय कुमार जैन ,अरविंद और इंजीनियर आदि की उपस्थिति रही।

Post a Comment

0 Comments