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कुंडलपुर महा महोत्सव की तिथियों की घोषणा.. कुंडलपुर में बड़ेबाबा मन्दिर का विशाल पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव.. छोटे बाबा व विशाल संघ के सानिध्य में 12 से 22 फरवरी 2022 तक..

 देश प्रदेश में कोरोना के केसों में कमी के साथ कुंडल पर महा महोत्सव की तिथियों की घोषणा कर दी गई है। आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के विशाल संघ के सानिध्य में इस माह महोत्सव के आयोजन की तिथियों का इंतजार पिछले 2 महीनों से बेसब्री से किया जा रहा था लेकिन कोरोना केसों के बढ़ने से कुंडलपुर में बाहरी प्रवेश निषेध करके तिथि घोषणा रोक दी गई थी..

..दमोह जिले के कुंडलपुर में बड़े बाबा के विशाल भव्य मंदिर निर्माण अवसर पर आयोजित होने वाले पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन 12 से 22 फरवरी 2022 तक किया जाना तय किया गया है। जिसकी घोषणा बसंत पंचमी के दिन होते ही आयोजन की तैयारियों को लेकर 6 फरवरी को सुबह 9 बजे से विभिन्न समितियों के प्रभारियों की बैठक कुंडलपुर कार्यालय में आयोजित की गई है।

 इधर आयोजन के प्रचार प्रसार व तिथियों को लेकर जो फ्लेक्स पंपलेट और पोस्टर सामने आए हैं उनको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आचार्य भगवन की सहमति से यह तिथियां काफी पहले तय हो चुकी थी। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर आ जाने से इनकी घोषणा नही की गई थी। लेकिन कोरोना के केसों में कमी के आते ही कुंडलपुर पंच कल्याणक महोत्सव की तिथि घोषित कर दी गई है।

कुंडलपुर में मुनि पुंगव का 7 को होगा मंगल प्रवेश..

राजस्थान से गुरु चरणों की और विहार करते हुए मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज का 7 फरवरी को संघ सहित कुंडलपुर में मंगल प्रवेश होगा। जिसको लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है। कुंडलपुर में लगभग ढाई सौ साधुओ का विशाल संघ विराजमान है वही आगामी दिनों में कुछ और संघ कुंडलपुर पहुंच रहे है।

विश्व प्रसिद्ध जैन धर्म के तीर्थ कुण्डलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ने शनिवार को वसंत पंचमी के अवसर पर कुंडलपुर महोत्सव के आयोजन के लिए तिथि की घोषणा कर सभी को जोश में भर दिया,जैसा कि सबको पता था कि कुण्डलपुर महामहोत्सव फरवरी में ही गुरुदेव के मगंल आर्शीवाद से और उनके समोशरण में विराजित मुनिश्री और माताजी के सानिध्य में होना है, इसी के साथ दमोह जिले के कुण्डलपुर जैन तीर्थ में हर्ष की लहर दौड़ गई है। 12 से 22 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव में दुनिया भर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, हजारों लोगों के रहने खाने की व्यवस्था क्षेत्र पर की गई है। यह पूरा आयोजन प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया के निर्देशन में होगा..

 
संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ने कुण्डलपुर के बड़े बाबा को बड़े मंदिर के विशाल सिंहासन पर विराजमान करने का सपना देखा था। जैन समाज का कुंडलपुर की  पर्वत श्रृंखला में दुनिया का सबसे ऊंचा व विशाल जैन मंदिर निर्मित हुआ है। महोत्सव में इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, इस महोत्सव के लिये आचार्यश्री के संघ के लगभग 250 मुनिश्री व आर्यिका माताजी कुण्डलपुर में विराजमान है। महोत्सव के लिये 400 एकड़ भूमि में नगर बसाये जा रहे हैं।

आज महामहोत्सव के आयोजन के सम्बन्ध में कुण्डलपुर में सभी समिति प्रभारियों की बैठक में सभी से अपनी व्यवस्था को शीघ्र पूरा कर जुटकर कार्य करने का संदेश दिया गया। इस बैठक में कमेटी अध्यक्ष संतोष सिंघई,उपाध्यक्ष देवेन्द्र सेठ, वीरेन्द्र बजाज, कमलेश चौधरी, संदेश जैन, समन्वयक डॉ सावन सिंघई, सिद्धार्थ मलैया सहित सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने अपनी मंगल देशना में सभी से कहा कि महोत्सव आनंद संपन्न होगा, वसंत पंचमी एक ऐसा पर्व है जिसमे सभी कार्य पूर्ण होते हैं, हमारे पूर्वजों ने कुछ ऐसे मुहूर्त निकाले हैं जिनका उपयोग करना हितकारी है, जैसे विजया दशमी, अक्षत तृतीया, वसंत पंचमी इनमें किए जाने वाले कार्यों में कठिनाइयां बाधक नहीं बनती, यह महोत्सव न सिर्फ़ मध्य प्रदेश में और न ही दमोह में अपितु संपूर्ण देश के मध्य हो रहा है, जिसकी हलचल स्वर्ग में भी है ।

महोत्सव के लिए समय जरूर कम है, किन्तु आप सभी की लगन और उमंग से सभी कार्य समय पर पूर्ण होंगे, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को नवधा भक्ति भाव से पड़गाहन करके आहार देने का सौभाग्य शैलेंद्र बजाज शाहपुर परिवार को प्राप्त हुआ। निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज का कुण्डलपुर में भव्य अगवानी 7 फरवरी को दोपहर 2 बजे होगी। आज मुनि श्री सुधा सागर जी की संघ सहित आहार चर्या हिंडोरिया में हुईंऔर पद विहार गुरू चरणों की ओर हुआ आज रात्रि विश्राम देवडोंगरा में होकर सोमवार को आहार चर्या पटेरा में होने की सम्भावना है।

 

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